निशिकांत दूबे की पहल रंग लाई, आदिवासी बेटी को भाजपा ने दिये 28 लाख, उधर ED की कार्रवाई पर भाजपाइयों ने हेमन्त पर दागे सवाल

दुमका की आदिवासी बेटी के परिजनों से आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, नेता विधायक दल बाबूलाल मरांडी, सांसद निशिकांत दुबे, सुनील सोरेन, पूर्व मंत्री लुईस मरांडी ने मुलाकात की, जिसे एक समुदाय विशेष के युवक द्वारा बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। श्री प्रकाश ने बताया की पार्टी के द्वारा परिजनों को 28 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा दलितों, वंचितों की सेवा केलिए तत्पर एवं संघर्ष करने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में आज महिला उत्पीड़न, बलात्कार एवम हत्या का रिकॉर्ड दर्ज हो रहा। हेमंत सरकार तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में मौन साधे बैठी है। सहायता राशि उपलब्ध कराने में सांसद निशिकांत दुबे की भूमिका महत्वपूर्ण रही। परिजनों से मिलने वालों में नेता विधायक दल बाबूलाल मरांडी, सांसद निशिकांत दुबे, सुनील सोरेन, पूर्व मंत्री लुईस मरांडी, विधायक रणधीर सिंह भी उपस्थित रहे।

ED के आरोप पत्र पर स्थिति स्पष्ट करे झामुमो, बिना राजनीतिक संरक्षण के खनिज की इतनी बड़ी लूट नही हो सकती

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने झामुमो नेताओं व राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से पूछा कि अब जबकि उनके लोगों के खिलाफ ईडी ने आरोप पत्र भी दायर कर दिये, अब इस मसले पर वे क्या कहेंगे, क्या अब भी वे जनता के सवालों का सामना करने के मुद्दे पर वहीं मौन साधे रहेंगे, जो अब तक साधे रहे। श्री प्रकाश ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने लगातार राज्य में सत्ता के संरक्षण में मची खनिज संसाधनों की लूट को सदन से सड़क तक उजागर किया है। चूंकि अब ईडी ने इस पर आरोप पत्र भी दायर कर दिया, ऐसे में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र से आज ये बात पूरी तरह स्पष्ट भी हो गई है। उन्होंने कहा कि ईडी ने अपने आरोप पत्र में राजनीतिक संरक्षण का स्पष्ट उल्लेख किया है।

श्री प्रकाश ने कहा कि झामुमो स्पष्ट करे कि पंकज मिश्रा से उनके क्या संबंध है? पंकज मिश्रा झामुमो के नेता भी हैं और मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि भी। झामुमो बताए कि 1000 करोड़ के लूट कराने का अधिकार उनके नेता को किसने दिया? आरोप पत्र से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का संरक्षण खनिज की लूट में प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अब पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि सत्ता के संरक्षण में राज्य के खनिज संसाधनों को लूटा जा रहा।

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