रांची के अखबारों-चैनलों के पास कुछ भी नहीं हैं, सही जानकारी के लिए सीधे निशिकांत और सरयू के ट्विट से जुड़िये, “एक-एक कर सबका नाम सामने आयेगा, विधानसभा में सत्तापक्ष के सारे कुर्सी खाली होंगे”

सही कह रहा हूं, आप कहां और किस चक्कर में पड़े हैं, अगर ईडी या अंदर की खबरों को सही मायनों में जानना है या आप हेमन्त सरकार के धुर विरोधी हैं, फूटी आंखों भी आपको झामुमो, कांग्रेस व राजद गठबंधन की सरकार या भ्रष्टाचार आपको नहीं सुहाता है या रघुवर दास के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की पोल खुलता हुआ देखना चाहते हैं, तो आप कुछ दिनों के लिए झारखण्ड के सभी अखबारों, चैनलों व पोर्टलों को भूल जाइये और सीधे आप गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दूबे और जमशेदपुर पूर्व से निर्दलीय विधायक सरयू राय के ट्विटर की ओर रुख करिये।

जितनी जानकारी आपको ये दोनों महाशय दे देंगे, उतनी जानकारी तो अखबारों, चैनलों व पोर्टलों के मठाधीशों के पास भी नहीं हैं। डा. निशिकांत दूबे ने तो फिलहाल ईडी व पूजा सिंहल मुद्दे पर झारखण्ड के सभी पत्रकारों को बहुत पीछे छोड़ दिया हैं, दूसरी ओर सरयू राय ने भी ऐसे-ऐसे गड़े मुर्दें उखाड़ने शुरु कर दिये है कि भाजपा के लोगों की बोलती बंद हैं, उनका इशारा रघुवर दास के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की ओर हैं।

वे तो एक ट्विट के माध्यम से साफ कहते है कि “ईडी के अधिकारी रघुवर दास, उनकी प्रिय मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, उनके ओएसडी राकेश चौधरी, उनके प्रेस सह राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार और अभियुक्त प्रेम प्रकाश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करें। साथ में पूजा सिंहल को भी रख लें, भ्रष्टाचार की संरचना समझ लें।” वे इसको लेकर एक फोटो भी जारी करते हैं। जो बहुत कुछ कह दे रहा है।

इधर निशिकांत दूबे तो भारत रत्न सचिन तेदूंलकर की तरह ट्विटर पर बैटिंग कर रहे हैं और एक से एक संवाद लिखकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनकी सरकार को तबाह करने में लगे हैं। शायद यही कारण है कि एक प्रेस कांफ्रेस में झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कह दिया था कि निशिकांत दूबे को चुनाव आयोग और केन्द्रीय जांच एजेंसियों के अंदरुनी बातों की भी  जानकारी कैसे पता चल जाती हैं, क्योंकि उनका ट्विटर तो कुछ ऐसा ही कह रहा है।

जरा देखिये भाजपा सांसद निशिकांत दूबे का कुछ ट्विट, कैसे झामुमो के लोग उक्त टिव्ट से तिलमिलाये हुए हैं, सामान्य व्यक्ति भी कहेगा कि निशिकांत के ट्विट तिलमिलाने वाले ही हैं। बात भी सही हैं, भाजपा सांसद ने जो भी जानकारी दी हैं, वो ताल ठोक के दी हैं, और साफ कह दिया है कि इस सरकार की अब खैर नहीं। जाना तय है। वो सारे ट्विट एक-एक कर इस समाचार में डाल दिये गये हैं, आप खुद पायेंगे कि निशिकांत दूबे ने हेमन्त सोरेन सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए एक तरह से कमर कस ली है।

निशिकांत का एक ट्विट – “चौधरी जी के मोबाइल का सब डिटेल लैब ने निकाल लिया है, मैं किश्त में बताउँगा, नहीं तो झारखण्ड माल मुद्रा पार्टी कहेगी कि पहले क्यों बताए? पहले पत्रकार, फिर मेरा वार, होगा खत्म झारखण्ड का भ्रष्टाचार” मतलब निशिकांत दूबे के पास सही मायनों में हर बात की जानकारी उपलब्ध हो रही हैं, तभी तो वो कह रहे है कि वे सारी घटनाओं को किश्त में बतायेंगे। झामुमो का तो उन्होंने नया नामकरण ही कर दिया है – झारखण्ड माल मुद्रा पार्टी।

निशिकांत के दूसरे ट्विट के अनुसार – “प्रेम प्रकाश ने अपने शातिराना दांव पेंच का पूजा सिंहल के यहां @dir-ed के छापे के बाद पूरा उपयोग किया, सभी दलालों के, सेंटरों के, लाभान्वित व्यापारियों के, भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व नेताओं के मोबाइल को बदलकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की। सब कुछ बेकार गया, उल्टा?”

निशिकांत के तीसरे ट्विट के अनुसार – “ऐसा नस पकड़ में आया है कि भ्रष्टाचार का इलाज इसी से हो जाये। एक एक कर सबका नाम सामने आयेगा। विधानसभा में सत्तापक्ष के सारे कुर्सी खाली होना तय।”

निशिकांत के चौथे ट्विट के अनुसार – “प्रेम भइया का कारनामा रांची में राज्य सरकार के सरकारी गजट में प्रकाशित सरकारी जमीन, जिस पर विजिलेंस की जांच चल रही हो, उस जमीन को प्राइवेट बनाकर, जांच हटाकर, किसी भार्गव के नाम पर बेनामी रजिस्टर कराया, फिर अग्रवाल भैया से मोटा रकम लेकर बेचा, पार्टनर राजा से रंक तक। भ्रष्टाचार का रसूख।”

निशिकांत के पांचवे ट्विट के अनुसार – “संरक्षण नहीं पार्टनरशिप चल रहा है, झारखण्ड के सभी खनन पदाधिकारियों ने खुलकर यह बताया कि प्रत्येक महीने उनको राजा से लेकर राज दरबारी तक कितना फिक्स देना पड़ता है। साहिबगंज से लेकर भागलपुर के सोने के व्यापारियों ने कितना ब्लैक पैसे को जेवर, सोना व हीरा में सफेद किया।”

निशिकांत के छठे ट्विट के अनुसार – “राज्य का तानाशाही रवैया ज्यादा दिनों तक टिकनेवाला नहीं है। इनके भ्रष्टाचार के नीव पर हम कुल्हाड़ी मार चुके है, जल्द इस समस्या से सबको छुटकारा मिलेगा।”

निशिकांत के सातवें ट्विट के अनुसार – “सूत्रों के अनुसार झारखण्ड में जब्त मोबाइल से जो फोटो व चैट मिला है, वह झारखण्ड के पदाधिकारियों व नेताओं को मुंह ढकने के लिए मजबूर करेगा। देश को लगेगा कि आज के दौर का हमारा राज्य लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह के जमाने का है, जहां विलासिता ही सब कुछ है।”

निशिकांत के आठवें ट्विट के अनुसार – “प्रेम भइया ने प्रेम पूर्वक झारखण्ड में चल रहे भ्रष्टाचार पर विस्फोटक खुलासा किया। पैसे, पैसे से जुड़े लत, अधिकारियों का पद के लिए सब कुछ बेच देना, दरबार, दरबारी, राजा को अंधेरे में रखकर ब्लैक मेल। लगता है कि झारखण्ड में माथा फट जायेगा। वैसे सूत्रों के अनुसार वे सरकारी गवाह बन रहे हैं।”

निशिकांत के नौवें ट्विट के अनुसार – “प्रेम प्रकाश के यहां आखिर @dir-ed पहुंच गया। प्रेम भइया झारखण्ड के खेल के शातिर खिलाड़ी हैं, नेता, अधिकारी सब इनके जेब में, अमित भैया के तो सर्वे सर्वा। ट्रांसफर पोस्टिंग बिना इनकी मर्जी के नहीं। आगे का इंतजार”

निशिकांत के दसवें ट्विट के अनुसार – “आज ये लोग एप्पल का फोन कचरे में फेंक रहे हैं, कल इन्हें जेल में फेंका जायेगा। वास्तविकता तो सामने आ के रहेगी।”