दिनेश जी, आप मत भूलिये कि आप संवैधानिक पद पर हैं, राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर रखें

दिनेश उरांव जी, आप ये मत भूलिये कि आप संवैधानिक पद पर है, आप झारखण्ड विधानसभा के अध्यक्ष हैं और सत्ता तथा विपक्ष दोनों के आप सिरमौर है, लेकिन जिस प्रकार से आप रघुवर भक्ति में लीन होकर, भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, वह एक स्पीकर को शोभा नहीं देता। आप इन सभी कार्यक्रमों में शामिल होकर, यह भी नहीं कह सकते कि आपको इसके बारे में जानकारी नहीं थी। 

दिनेश उरांव जी, आप ये मत भूलिये कि आप संवैधानिक पद पर है, आप झारखण्ड विधानसभा के अध्यक्ष हैं और सत्ता तथा विपक्ष दोनों के आप सिरमौर है, लेकिन जिस प्रकार से आप रघुवर भक्ति में लीन होकर, भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, वह एक स्पीकर को शोभा नहीं देता। आप इन सभी कार्यक्रमों में शामिल होकर, यह भी नहीं कह सकते कि आपको इसके बारे में जानकारी नहीं थी। 

क्योंकि अभी तक वर्तमान चल रहे झारखण्ड विधानसभा का समापन भी नहीं हुआ और ही विधानसभा चुनाव की घोषणा ही हुई है। हम ये बात इसलिए उठा रहे है क्योंकि आपने हाल ही में गुमला में आयोजित भाजपा दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय, विधानसभा कोरकमेटी एवं मंडल कोर कमेटी की बैठक में भाग लिया, आप मंच पर भी दिखे।

झारखण्ड विधानसभा के प्रथम स्पीकर इंदर सिंह नामधारी इस मुद्दे पर कहते है कि आम तौर पर किसी भी स्पीकर को जब तक वह संवैधानिक पद पर हैं, इस प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रमों से खुद को दूर रखना चाहिए, यह नैतिकता है, पर आजकल लोग राजनीतिक कार्यक्रमों में जा रहे हैं, भाग ले रहे हैं। 

क्योंकि उन्हें लगता है कि आखिरकार टिकट तो उन्हें पार्टी ही देगी, तभी चुनाव जीतेंगे और उसके बाद ही उनका भविष्य उज्जवल होगा, इसलिए वे अपने दल के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, लेकिन उसके बावजूद भी मैं कहूंगा कि इन सारे कार्यक्रमों से उन सारे लोगों को परहेज करना चाहिए, जो संवैधानिक पदों पर हैं, क्योंकि वह सभी के लिए हैं, और सभी उन्हें आदर करते हैं, नैतिकता का तकाजा भी यही है।

Krishna Bihari Mishra

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