मोदी को पाकर धन्य हुए मोदी के भक्त, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार और भाजपाई नेता

कल धनबाद में भारत के दिव्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन था। वह प्रधानमंत्री, जो आज तक इस धरती पर अवतरित ही नहीं हुआ। भाजपाई नेताओं व उनके भक्तों की बात करें तो आज तक इस धरती पर नरेन्द्र मोदी जैसा महापुरुष पैदा ही नहीं हुआ, जिसने भारत की शान ऐसी बढ़ाई, जिसकी कल्पना ही नहीं की जा सकती। अगर मोदी के भक्तों की बात करें, तो पं. जवाहर लाल नेहरु, शास्त्री, आदि नेताओं की नेताओं की तुलना इनसे की ही नहीं जा सकती,

कल धनबाद में भारत के दिव्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन था। वह प्रधानमंत्री, जो आज तक इस धरती पर अवतरित ही नहीं हुआ। भाजपाई नेताओं व उनके भक्तों की बात करें तो आज तक इस धरती पर नरेन्द्र मोदी जैसा महापुरुष पैदा ही नहीं हुआ, जिसने भारत की शान ऐसी बढ़ाई, जिसकी कल्पना ही नहीं की जा सकती। अगर मोदी के भक्तों की बात करें, तो पं. जवाहर लाल नेहरु, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी आदि नेताओं की नेताओं की तुलना इनसे की ही नहीं जा सकती, क्योंकि पिछले चार सालों में जो दिव्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काम किया, आज तक किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया, सहीं मायनों में जो देशभक्ति व राष्ट्रवाद नरेन्द्र मोदी में कूट-कूट कर भरी है, वो अन्य किसी में आज तक दिखाई ही नहीं दिया।

शायद यहीं कारण रहा कि दिव्य प्रधानमंत्री की सेवा में, उनकी सभा में भीड़ जुटाने के लिए धनबाद के प्रशासनिक अधिकारियों ने एड़ी चोटी एक कर दी, और पूरे सभा स्थल में सिर्फ मुंड ही मुंड दिखाई पड़े, इसकी अच्छी व्यवस्था कर दी। बीडीओ और सीओ ने सभास्थल पर आम आदमी को लाकर धनबाद की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिये और धनबाद के उपायुक्त से किये गये वायदे को अक्षरशः निभाया।

दिव्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की न्यूज कवर करने में लगे, धनबाद के पत्रकारों और रांची से गये पत्रकारों का समूह धनबाद प्रशासन द्वारा मिले प्रवेश पत्र को इस प्रकार अपने गर्दन में धारण किया था, जैसे कोई विवाहित महिला अपने सुहाग के प्रतीक चिह्न मंगल सूत्र को लटकाये रखती है, इस मंगलसूत्र रुपी प्रवेश पत्र को पत्रकारों का समूह धारण कर, इस प्रकार गर्व महसूस कर रहा था, जैसे लगता हो, इस प्रवेश पत्र को पाकर उसका जीवन कृतार्थ हो गया हो, कई पत्रकारों ने इस मंगलसूत्र रुपी प्रवेश पत्र को गर्दन में बांधकर, सेल्फी ली और उसे फेसबुक पर डालकर, अपने चाहनेवालों को रिझाने की कोशिश की, कि देखों हमने अपने पिया के आगमन का मंगलसूत्र धारण कर अपने जीवन को धन्य कर लिया है, ठीक उसी प्रकार जैसे जगतपिता, चर व अचर जगत के प्राणी भगवान श्रीकृष्ण है, ठीक उसी प्रकार हम जैसे पत्रकारों के विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता हमारे दिव्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है, जिनके मंगलसूत्र को धारण कर, वे पत्रकार धन्य हो रहे हैं।

दूसरी ओर जिन आम जनता को धनबाद के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभा स्थल तक लाने का काम किया, उनमें से वे लोग परेशान थे, जिन्होंने काले कपड़े पहनकर सभा स्थल तक जाने की कोशिश की। बेचारे उनको क्या पता कि देश के दिव्य प्रधानमंत्री के सभास्थल तक आम जनता को काले कपड़े पहन कर जाने में माननीय को अपशकुन का सामना करना पड़ जाता है। दिव्य प्रधानमंत्री को अपशकुन से बचाने के लिए धनबाद के पुलिस पदाधिकारियों ने उन लोगों को नंगा करना शुरु किया, जो काले कपड़े पहनकर पहुंचे थे। ये पुलिस पदाधिकारी, उन सारे लोगों को कपड़े उतारे, जो काले वस्त्र धारण कर, धनबाद प्रशासन के कहने पर, उनके द्वारा व्यवस्था करने पर दिव्य प्रधानमंत्री का भाषण सुनने पहुंचे थे, उन्हें क्या मालूम कि उन्हें नंगा होकर, प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए कहा जायेगा, पर हुआ तो यहीं।

इधर जिंदगी भर लाखों-करोड़ों में खेलनेवाले, महंगी गांड़ियों में गमन करनेवाले, एसी में सोनेवाले, हमेशा राजधानी एक्सप्रेस में सफर करनेवाले नेताओं, सांसदों को साधारण टेम्पू की याद आ रही थी, वे टेम्पू से सभास्थल तक जाने की कोशिश कर रहे थे, ताकि कोई दिव्य प्रधानमंत्री के नाम पर प्रवेश पत्र को मंगलसूत्र की भांति अपने गर्दन में लटकानेवाला कोई पत्रकार, उनकी फोटो खीजें, न्यूज बनाये और वे एक दिन की सादगी पर पूरे पांच साल का चुनावी फसल काट सकें, हुआ भी यहीं, कई मंगलसूत्रधारी पत्रकारों ने धराधर फोटो खीचें, और उन नेताओं को धन्य-धन्य कर दिया, जिनकी ऐसी सोच थी।

इधर दिव्य प्रधानमंत्री भीड़ देखकर खुश, बीडीओ-सीओ भीड़ लाकर खुश, भक्त नेता टेम्पू में बैठकर फोटो खींचाकर खुश, पत्रकार प्रवेश पत्र रुपी मंगलसूत्र गर्दन पर धारण कर खुश और कोई अपना काला कपड़ा उतरवाकर नंगे बदन होने पर खुश और कोई जवाहर लाल नेहरु को ठेंगा दिखाकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करने से खुश, सभी खुश पर आम जनता को इंतजार, सिर्फ 2019 का, कि कब आये और सबको अपने एक वोट से सबक सिखा दें, वहीं सबक, जो कभी यहीं की जनता ने एक वोट से 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी को सत्ता से हटाकर फील गुड का झंझट ही समाप्त कर दिया था।

Krishna Bihari Mishra

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