मधुपुर में तीर-धनुष के मुकाबले कोई नही हैं टक्कर में, सभी पड़े हैं चक्कर में

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सोचना नहीं हैं। कोई नहीं हैं टक्कर में, सभी पड़े हैं चक्कर में, मधुपुर का किला फतह हैं। बस एकता के सूत्र में बंधकर, भाजपाइयों पर टूट पड़िये, विजय सुनिश्चित है, क्योंकि संस्कृत साहित्य में एक सूक्ति है – “विपत्काले विस्मय एव कापुरुषलक्षणम्”, इसका अर्थ अभी बताने की जरुरत नहीं है, जब वक्त आयेगा तो हम इसका अर्थ भी बता देंगे, फिलहाल लक्ष्य की ओर बढ़िये और जीत हासिल करिये, क्योंकि सहानुभूति की लहर पर बैठे हफीजुल को हराना आसां नहीं, बल्कि नामुमकिन भी है।

गंगा नारायण सिंह को टिकट देकर भाजपा ने खुद ही अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार दी है, अंदर ही अंदर भाजपा में कई खेमे बन चुके हैं, जो इस बार रांची के भाजपा कार्यालय के वातानुकूल रुम में बैठे दिग्गज भाजपाइयों की नींद उड़ा दी हैं। विद्रोही24 को सूत्रों ने बताया है कि आयातित नेताओं पर जो विश्वास इन दिनों भाजपा के क्षेत्रीय नेताओं को हुआ है, उस घमंड को तोड़ने का यह पहली बार मौका मिला है, जिसे वे हासिल करके रहेंगे।

हालांकि नाराज भाजपाइयों को मनाने का सिलसिला चल पड़ा हैं, पर सफलता मिलेगी, इसकी संभावना न के बराबर है, इधर इस पूरे इलाके में हिन्दू-मुस्लिम वाली बातें खुब फैलाने की कोशिश हो रही है, पर यहां यह सिक्का चल नहीं पा रहा, ऐसे में भाजपाइयों के होश उड़ने स्वाभाविक है, यानी गंगा को भाजपा का टिकट दे देने से उनके तोते उड़ने शुरु हो गये हैं, इसलिए इस बार भी झामुमो का तीर-धनुष, भाजपा के कमल के मुकाबले काफी भारी है। बस सतर्क रहने, सावधान रहने और संघर्ष करने को तैयार रहिये, यानी इस भीषण गर्मी में मधुपुर में कमल सूखने ही है, और तीर-धनुष को मजबूत रहना ही है।

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