धनबाद में शिलापट्ट पर विधायक संजीव सिंह का नाम नहीं होने के कारण बवाल

धनबाद में कोयलांचल विश्वविद्यालय की नींव रखने के दौरान शिलापट्ट पर झरिया विधायक संजीव सिंह का नाम नहीं होने पर बवाल हैं। बवाल लाजिमी भी है, क्योंकि धनबाद लोकसभा के अंतर्गत आनेवाले सभी विधायकों चाहे वह किसी भी दल के क्यों न है, उनका नाम शिलापट्ट पर अंकित है, पर झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह का नाम नहीं हैं। आखिर विधायक संजीव सिंह का नाम क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब स्थानीय जिला प्रशासन के पास भी नहीं हैं।

धनबाद में कोयलांचल विश्वविद्यालय की नींव रखने के दौरान शिलापट्ट पर झरिया विधायक संजीव सिंह का नाम नहीं होने पर बवाल हैं। बवाल लाजिमी भी है, क्योंकि धनबाद लोकसभा के अंतर्गत आनेवाले सभी विधायकों चाहे वह किसी भी दल के क्यों न है, उनका नाम शिलापट्ट पर अंकित है, पर झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह का नाम नहीं हैं। आखिर विधायक संजीव सिंह का नाम क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब स्थानीय जिला प्रशासन के पास भी नहीं हैं।

सर्वप्रथम शिलापट्ट की बात करें। इस शिलापट्ट में मुख्यमंत्री रघुवर दास, मानव संसाधन मंत्री नीरा यादव, सांसद पशुपति नाथ सिंह, सिंदरी विधायक फूलचंद मंडल, निरसा विधायक अरुप चटर्जी, टुंडी विधायक राज किशोर महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो और कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह का नाम विद्यमान है, पर झरिया विधायक संजीव सिंह का नाम शिलापट्ट पर नहीं हैं।

झरिया निवासी समाजसेवी महेन्द्र भगानियां का कहना है कि झरिया में इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हैं, जो संजीव सिंह को चाहनेवाले हैं, वे बहुत आक्रोशित हैं। महेन्द्र भगानियां के फेसबुक वॉल पर यह आक्रोश साफ दीखता है। इन्हीं के वॉल पर…

संजू तिवारी लिखते है कि पूरी दुनिया जानती है कि झरिया क्या हैं और क्यों है और किसके नाम से जाना जाता हैं।

श्रवण जिंदल लिखते हैं कि राजनीति का स्तर गिरता जा रहा हैं जो चिंता का विषय हैं।

विक्रम अग्रवाल का कहना है कि जिस शहर का अस्तित्व ही खतरे में हैं, उसे छोड़कर लोग नाम के पीछे लगे हैं।

चंदन सिंह देव का कहना है कि संजीव सिंह का नाम नहीं हैं, ये तो गलत है, वे इसका विरोध करते हैं।

Krishna Bihari Mishra

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