शर्मनाकः लातेहार के मनिका में छह वर्षीय दो बच्चों की दी गई बलि, बालू में किया दफन, कल से थे लापता

लातेहार के मनिका में ऐसी घटना घटी है, जिसे सुनकर सभी हतप्रभ है, कि भला दो मासूम बच्चों को कोई कैसे बलि दे सकता हैं, पर ये घटना घटी है, अंधविश्वास के नाम पर, धर्म के नाम पर पड़ोसी ने ही इन दो बच्चों की हत्या कर दी और उसे बालू में दफना दिया, बताया जा रहा है कि पड़ोसी ने ही पूजा कर रात में इन दोनों बच्चों की बलि चढ़ा दी और घर के पास में ही दोनों की सिर कटी लाश दफना दी।

लातेहार के मनिका में ऐसी घटना घटी है, जिसे सुनकर सभी हतप्रभ है, कि भला दो मासूम बच्चों को कोई कैसे बलि दे सकता हैं, पर ये घटना घटी है, अंधविश्वास के नाम पर, धर्म के नाम पर पड़ोसी ने ही इन दो बच्चों की हत्या कर दी और उसे बालू में दफना दिया, बताया जा रहा है कि पड़ोसी ने ही पूजा कर रात में इन दोनों बच्चों की बलि चढ़ा दी और घर के पास में ही दोनों की सिर कटी लाश दफना दी।

आश्चर्य है कि 21वीं सदी में भी इस प्रकार की घटनाएं घट रही हैं और प्रशासन कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं, झारखण्ड में इस प्रकार की घटना कोई नई नहीं हैं, बराबर कहीं न कहीं ऐसी घटना घट जाती है, इस बार लातेहार के मनिका में घट गई, जहां दो बच्चे, जिसमें एक लड़का और दूसरी लड़की है, हत्या कर दी गई है।

घटना मनिका के सेमरहत गांव की है, जहां दो बच्चों की लाश मिली है, इसमें एक बेटा निर्मल गांव के वीरेन्द्र उरांव का हैं, जबकि दूसरी बेटी बिहारी उरांव की शीला है। दोनों की लाशों पर कोई कपड़ा नहीं हैं, यह दृश्य देखकर पूरा गांव आक्रोशित है। निर्मल के पिता वीरेन्द्र उरांव के अनुसार उनके बेटे को गांव के ही सुनील उरांव ने मार डाला है। स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सुनील उरांव ने ही रात में इन दोनों बच्चों की बलि चढ़ाकर, सिर कटी लाश बालू में दफना दिया, क्योंकि कल से लापता अपने बच्चों के परिजन को ढूंढने के लिए निकले तब सुनील उरांव पास में ही बालू का टीला खोद रहा था, बिहारी उरांव के पूछने पर उसने बताया कि वह कल पूजा किया था, जिसमें मुर्गा-मुर्गी का बलि दिया था, उसे ही गाड़ रहा हैं, जब बिहारी उरांव को शंका हुई, सुनील उरांव को वह पकड़ने गया तो वह भाग खड़ा हुआ और उक्त जगह पर दोनों बच्चों की लाशे मिल गई।

Krishna Bihari Mishra

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