JMM ने कहा लोहरदगा की जनता ने मोदी को दिया जवाब “लहर नहीं ललकार है, मोदी सरकार बेकार है”

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने आज अपने मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल की रोड शो और लोहरदगा में आयोजित जनसभा को लेकर कड़ी टिप्पणी कर दी। झामुमो के केन्द्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना था कि लोहरदगा में पीएम मोदी की सभा में कुर्सियां खाली थी, रोड शो में भी कही कोई जनसैलाब नहीं दिखा, फिर भी उन्होंने लोहरदगा की जनसभा में कह दिया कि “ये लहर नहीं ललकार है”

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने आज अपने मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल की रोड शो और लोहरदगा में आयोजित जनसभा को लेकर कड़ी टिप्पणी कर दी। झामुमो के केन्द्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना था कि लोहरदगा में पीएम मोदी की सभा में कुर्सियां खाली थी, रोड शो में भी कही कोई जनसैलाब नहीं दिखा, फिर भी उन्होंने लोहरदगा की जनसभा में कह दिया कि ये लहर नहीं ललकार है और तभी नीचे से एक जनता ने प्रत्युत्तर में कह दिया कि मोदी सरकार बेकार है।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जैसे ही पीएम मोदी तक ये बातें पहुंची, उनकी भावभंगिमाएं ही बदल गई। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कल रात पीएम मोदी ने राजभवन में राज्य के आलाधिकारियों सेठसाहुकारों को बुलाकर एक मीटिंग की, और राज्य की ताजातरीन राजनीतिक घटनाक्रमों की जानकारी ली, राज्य में भाजपा की हालत पर विचार लिये।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पहली बार देखा गया कि भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का एसपीजी वालों ने जांच किया, प्रतिमा का स्कैन किया, शायद प्रधानमंत्री मोदी को पता नहीं कि भगवान बिरसा की प्रतिमा, केवल प्रतिमा नहीं, बल्कि ये राज्य का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि राज्य में हो रहे बदलाव से जो भय पीएम मोदी को हुआ है, वो अब डर स्पष्ट रुप से दीख रहा है।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने अपने विधायक जयप्रकाश पटेल पर बोलते हुए कहा कि जब चीटी के पर निकल जाते हैं या किसी को उनके औकात से ज्यादा मिल जाता है, तो वे इसी प्रकार के हरकत करते हैं, उन्होंने राज्य के युवाओं से अनुरोध किया कि वे अपने बापदादाओं की अर्जी हुई पूंजी को यूंही बर्बाद करें, उनका सम्मान करना सीखे, ये वक्त की मांग है।

झामुमो के युवा नेता एवं बहरागोरा विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि एयरपोर्ट से बिरसाचौक तक के पीएम मोदी के रोड शो में दरअसल भीड़ थी ही नहीं और ही लोहरदगा में वो भीड़ दिखी, उसका मूल कारण राज्य के सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट में किया गया बदलाव है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से लोहरदगा में पीएम मोदी ने रघुवर दास को विकास पुरुष का खिताब दिया, क्या वे बता सकते हैं कि विकास का उनका मापदंड क्या है?

क्या 17000 स्कूलों को बंद कर देना, स्कूलों और अस्पतालों के पास शराब की दुकानें खुलवा देना, जेपीएससी में घोटाले का नया मापदंड खड़ा कर देना, मोमेंटम झारखण्ड कर ऐतिहासिक घोटाला कर देना तथा एक रुपये का भी राज्य में पूंजी निवेश नहीं होना, हरमू नदी को नाले में परिवर्तित कर देना, यहीं उनका विकास का मापदंड है क्या?

कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि स्वच्छता का मतलब क्या होता है, स्वच्छता का मतलब यहीं होता है क्या कि पीएम मोदी के आने के 12 घंटे पहले से ही रांची के चर्च रोड, कर्बला चौक और हिन्दपीड़ी के इलाके से कचरा उठाव ही बंद कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि युवाशक्ति का मतलब क्या होता है, उन्हें चौकीदार बनाना ही है क्या? जो स्वामी विवेकानन्द युवा शक्ति के प्रतीक है, क्या सरकार बता सकती है कि तीन महीने के अंदर 17 करोड़ खर्च कर, उसका सौंदर्यीकरण कर देना था, वो हो गया क्या? आखिर हमारे प्रधानमंत्री जीएसटी, नोटबंदी, बेरोजगारी, नौकरियों पर क्यों नहीं बोलते?

कुणाल षांड़गी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी गलतियां स्वीकार करनी चाहिए, क्योंकि यहां तो वार्ड कमिश्नर से लेकर सांसद बनने तक के लिए मोदी के नाम पर ही वोट मांगा जाता है। साढ़े चार साल तक जिसने पूरे राज्य की दुर्गति कर दी, उसके लिए पीएम मोदी माफी मांगे।

Krishna Bihari Mishra

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