सोशल साइट के वार में झामुमो ने सब को पछाड़ा, भाजपा अपने ही मोदी मिशन से बहुत पीछे

अपनी राजनैतिक व सत्ता की ताकत या पत्रकारों तथा अखबारों पर अपनी गहरी पकड़ के बल पर भाजपावाले जो भी अपने पक्ष में लिखवा लें, पर सच्चाई यहीं है कि झामुमो ने अपने छोटे से संसाधन के बल पर सोशल साइट की वार में भाजपा जैसी ताकतवर पार्टी की चूलें हिला दी हैं। आज झामुमो की ओर झारखण्ड के युवाओं का झुकाव कुछ ज्यादा ही है, जो आनेवाले समय में परिवर्तन की बयार को हवा दे रही है।

अपनी राजनैतिक सत्ता की ताकत या पत्रकारों तथा अखबारों पर अपनी गहरी पकड़ के बल पर भाजपावाले जो भी अपने पक्ष में लिखवा लें, पर सच्चाई यहीं है कि झामुमो ने अपने छोटे से संसाधन के बल पर सोशल साइट की वार में भाजपा जैसी ताकतवर पार्टी की चूलें हिला दी हैं। आज झामुमो की ओर झारखण्ड के युवाओं का झुकाव कुछ ज्यादा ही है, जो आनेवाले समय में परिवर्तन की बयार को हवा दे रही है।

ट्विटर पर हेमन्त की चौपाल तथा उसके माध्यम से झारखण्ड की जनसमस्याओं को जिस प्रकार से झामुमो ने जनता के बीच रखा, तथा जिस प्रकार जनता ने रुचि ली, वह बताने के लिए काफी है कि राज्य में सोशल साइट वार में झामुमो के मुकाबले अन्य पार्टियां कहीं नहीं टिक रही।

अगर आप फेसबुक पर हेमन्त सोरेन की पेज देखे तो आपको साफ पता चलेगा कि हेमन्त सोरेन जैसे ही कुछ पोस्ट करते हैं, उनके लाइक करनेवालों की संख्या हजारों में, शेयर करनेवालों और कमेन्ट्स करनेवालों की संख्या देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या छूने लगती है, साथ ही इनके पोस्ट पर नकारात्मक टिप्पणियां गिनीचुनी ही दिखाई पड़ती है, जबकि मुख्यमंत्री रघुवर दास के फेसबुक पेज को देखें, तो बड़ी संख्या में आइटी धुरंधरों तथा भाजपाइयों की फौज और संघ से जुड़े एक बहुत बड़े व्यापारी के एक बेटे पर सारा दारोमदार दे देने के बावजूद भी वो चीजें निकल कर नहीं रही, जिसका लोगों को इंतजार था।

जो सोशल साइट के जानकार हैं, वे बताते हैं कि जिस प्रकार के सवाल आम जनता द्वारा भाजपा के विभिन्न नेताओं, खासकर मुख्यमंत्री रघुवर दास से पूछे जा रहे हैं, उन सवालों के जवाब देने की हिम्मत किसी भाजपाइयों या आइटी सेल में काम कर रहे लोगों के पास नहीं हैं, और जिन्हें इन लोगों ने इसके लिए रखा है, वे कुछ कर भी नहीं पा रहे हैं, तो फिर ये कर क्या रहे हैं, जबकि इसके उलट झामुमो ने हर मोर्चे पर अपने लोगों को तैनात कर रखा है, जैसे ही भाजपाइयों की ओर से हेमन्त के पोस्ट पर कुछ प्रहार होता है, झामुमो की आइटी सेल में लगे लोग, उसका इस प्रकार से प्रतिकार करते है कि उस व्यक्ति की हालत ही पस्त हो जा रही हैं।

भाजपा के आइटी सेल से भी बढ़िया काम यहां का मोदी मिशन कर रहा है, उसने बड़े ही सुनियोजित ढंग से पीएम नरेन्द्र मोदी के उन कार्यों को प्रमुखता देना शुरु किया है, जिस पर किसी की नजर नहीं, हालांकि झारखण्ड की जनता पीएम मोदी से भी बहुत नाराज है, क्योंकि जनता ने विधानसभा में मोदी को देखकर वोट दिया था, उसे क्या पता कि रघुवर दास के रुप में ऐसा व्यक्ति नरेन्द्र मोदी दे देंगे कि यह जनता की छाती पर मूंग दल देगा, पर स्थितियां तो वहीं हैं। 

इसलिए मोदी मिशन के द्वारा चल रही सोशल साइट वार को भी लोग उतनी तरजीह नहीं दे रहे, पर इतना मानते है कि इन भाजपा के आइटी सेलवालों से कही बेहतर मोदी मिशन से जुड़े लोग हैं, जो मोदी के चेहरे को, उनके काम को मजबूती से जनता के बीच रख रहे हैं, जबकि ठीक इसके उलट भाजपा आइटी सेल के लोग मस्ती में पड़े हैं, और उनका सोशल साइट में क्या हो रहा हैं, उससे उनका कोई लेनादेना नहीं, जानकार बताते है कि ऐसा होने का मतलब है, भाजपा के आइटी सेल में नौसिखुओं का दबदबा होना है।

इधर कांग्रेस झाविमो ने अच्छी शुरुआत की है, जैसेजैसे चुनाव प्रचार नजदीक रहा हैं, वे बेहतर कर रहे हैं, जबकि राजद में वह गति देखने को नहीं मिल रहा। कुल मिलाकर देखा जाये, तो भाजपा का आइटी सेल, से लाख गुणा बेहतर झामुमो काम कर रहा है, झामुमो ने दिखा दिया कि व्यापार करना अलग बात है और आइटी सेल चलाना अलग, झामुमो ने अपने तेजतर्रार लोगों से वह काम ले लिया, जिसकी कल्पना ही नहीं की जा सकती, यानी भाजपा और उनके समर्थक (अखबारचैनल, पोर्टल) एक तरफ और झामुमो का आइटी सेल एक तरफ, ऐसे भी जीतेगा वहीं, जिसका सोशल साइट पर ज्यादा पकड़ होगा, और फिलहाल किसकी पकड़ हैं, वो जगजाहिर है।

Krishna Bihari Mishra

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