राजनीति

अपने पिता फुरकान को उनका हक दिलाने के लिए इरफान उतरे मैदान में, JVM को सुनाई खरी-खोटी

इरफान अंसारी आज गुस्से में दीखे, उनका गुस्से में बोलता हुआ विडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वे साफ कह रहे है कि जब चतरा में फ्रैंडली चुनाव लड़ा जा सकता है, तो फिर गोड्डा में क्यों नहीं? इरफान अंसारी जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक है, इनके पिता फुरकान अंसारी कांग्रेस के टिकट पर एक बार गोड्डा से सांसद रह चुके है, तथा पिछले चुनाव में गोड्डा में, वे दूसरे स्थान पर रहे।

इरफान अंसारी का कहना है कि आखिर जेवीएम के प्रदीप यादव, जो मात्र एक लाख अस्सी हजार वोट लाये, जो तीसरे स्थान पर थे, उनके लिए ये सीट कन्फर्म कर दी गई, और जो तीन लाख बीस हजार वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे उन्हें इस सीट से बेदखल क्यों कर दिया गया, आखिर दूसरे स्थान पर रहनेवाले फुरकान अंसारी का अपराध क्या है?

इरफान अंसारी ने कहा कि दरअसल डा. अजय कुमार और आरपीएन सिंह को ग्राउंड रियलिटी का पता ही नहीं है, जैसा जेवीएम के प्रदीप यादव और बाबूलाल मरांडी ने समझाया, वैसा समझ गये, जिसके कारण आज कांग्रेस के कार्यकर्ता नाराज हो गये, उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा है, वे पार्टी छोड़कर जाने की कोशिश कर रहे हैं, आखिर ऐसे हालात के लिए जिम्मेवार कौन है?

इरफान अंसारी ने विडियो में कहा है कि वे कांग्रेस के सच्चे सिपाही है, ऐसे हालात में वे घर में नहीं रह सकते, हर हाल में लड़ेंगे, संघर्ष करेंगे, और पार्टी को जीत दिलायेंगे, बस पार्टी फ्रैंडली लड़ने को कम से कम कह दें, इस सीट पर जीत दिलाना उनका काम है। उन्होंने कहा कि प्रदीप यादव कुछ भी कर लें, उनका जीतना यहां से असंभव है।

इरफान अंसारी का कहना है कि जेवीएम जो यहां मरा हुआ था, उसे यहां जिन्दा किया जा रहा है, और जो कांग्रेस यहां जिन्दा था, उसे यहां मारा जा रहा है। शायद यहां के प्रदेश स्तर के नेताओं को पता नहीं कि यहां का अल्पसंख्यक समुदाय हमेशा से भाजपा के खिलाफ आक्रामक वोटिंग करता रहा है, और इस बार फुरकान अंसारी को जीत दिलाने में अहम रोल निभाने को बेताब है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेताओं ने निशिकांत दूबे की वो बात सत्य कर डाली, जब संथाल परगना में कांग्रेस के कार्यालय तोड़े जाने के क्रम में निशिकांत ने कही थी, कि उसने कांग्रेस को सदा के लिए समाप्त कर दिया, पर उस वक्त तो नहीं आज सचमुच लग रहा है कि कांग्रेस आज गोड्डा से समाप्त हो गया, संथाल परगना से समाप्त हो गया। आज निशिकांत की वाणी सत्य साबित हो गई। कमाल की बात है कि कांग्रेस ने लोकसभा की तीन सीट अपने विरोधियों को दे दी।

इरफान ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या वे प्रदीप यादव और बाबू लाल मरांडी को नहीं जानते, आरपीएन सिंह और डा. अजय कुमार फिर से इस सीट पर पुनर्विचार करें और फुरकान अंसारी को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वाये, फ्रेंडली ही क्यों हो, लड़ने का मौका दे और फिर रिजल्ट देखे। उन्होंने राहुल गांधी से भी कहा कि वे यह मान लें कि यहां से जेवीएम कभी जीत नही सकता, इसलिए यहां से कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए मार्ग प्रशस्त कराएं, नहीं तो जो स्थितियां बन रही हैं, वह ठीक नहीं।