आत्मदाह की धमकी के बाद सैकड़ों होमगार्ड के जवानों को धनबाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

गत् 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास से धनबाद परिसदन में मिलने को बड़ी संख्या में आये नवनियुक्त होमगार्ड नवनियुक्त जवानों को तब निराशा हाथ लगी, जब घंटो इंतजार करने के बावजूद आधी रात को राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उनकी सुध नहीं ली, और मिलने से इनकार कर दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मिलने से इनकार किया,

गत् 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास से धनबाद परिसदन में मिलने को बड़ी संख्या में आये नवनियुक्त होमगार्ड नवनियुक्त जवानों को तब निराशा हाथ लगी, जब घंटो इंतजार करने के बावजूद आधी रात को राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उनकी सुध नहीं ली, और मिलने से इनकार कर दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मिलने से इनकार किया, बड़ी संख्या में आये नवनियुक्त होमगार्ड के जवानों ने धनबाद परिसदन के समक्ष आधी रात को ही प्रदर्शन किया, पर क्या मजाल की राज्य के मुख्यमंत्री के कानों तक उनका दर्द सुनाई दे जाये।

जब विद्रोही 24.कॉम ने होमगार्ड के नवनियुक्त जवानों से बातचीत की, कि इसके बाद अब वे क्या करेंगे तब उनका कहना था कि वे अपने पहले के निर्णयों पर अडिग हैं, जो उपायुक्त और धनबाद के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को जो पत्र दिया हैं, उसके अनुसार आज यानी 18 अक्टूबर को सामूहिक आत्मदाह करेंगे।

होमगार्ड के नवनियुक्त जवानों के इस वार्निंग को लगता है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन ने हल्के में नहीं लिया और बड़ी संख्या में रणधीर वर्मा चौक पर महिला और पुरुष पुलिस की तैनाती कर दी, हालांकि प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी ने कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे लगता हो कि वे आत्मदाह करने को उत्सुक हैं, फिर भी स्थानीय पुलिस ने भविष्य की आशंकाओं को देखते हुए, आंदोलनकारी होमगार्ड के नवनियुक्त जवानों को हिरासत में लेना शुरु किया।

इस दौरान कई आंदोलनकारियों से धक्का-मुक्की भी हुई और आज का दिन बिना किसी अशांति के निबट गया, और लोगों ने राहत की सांस ली। नवनियुक्त होमगार्ड जवानों की मांग है कि जब उन्हें नियुक्त कर लिया गया तो जल्द ही प्रशिक्षण की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाये तथा उन्हें ड्यूटी भी मुहैया कराई जाय, पर पता नहीं राज्य सरकार को क्या दिक्कत हो रही हैं, वे इन होमगार्ड के जवानों को राहत दिलाने के लिए कोई प्रयास ही नहीं कर रही और नहीं इनसे बात करने को ही तैयार हैं।

Krishna Bihari Mishra

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