इधर CM रघुवर से जनता बना रही दूरी और उधर हेमन्त सोरेन से जनता बढ़ा रही नजदीकियां

इधर भाजपा को देखिये, क्या व्यवस्था की है, भाजपा ने अपने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए भव्य पंडाल बनाएं हैं, लोगों को बैठने के लिए अच्छी-अच्छी कुर्सियां लगाई हैं, फिर भी कुर्सियां खाली है, लोग जुट नहीं पा रहे हैं, और इधर नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन की झारखण्ड संघर्ष यात्रा को देखिये, जहां जनता के लिए न तो भव्य पंडाल का आयोजन, न कुर्सियों की व्यवस्था, फिर भी लोग हेमन्त सोरेन को सुनने के लिए भारी संख्या में जुट रहे हैं,

इधर भाजपा को देखिये, क्या व्यवस्था की है, भाजपा ने अपने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए भव्य पंडाल बनाएं हैं, लोगों को बैठने के लिए अच्छी-अच्छी कुर्सियां लगाई हैं, फिर भी कुर्सियां खाली है, लोग जुट नहीं पा रहे हैं, और इधर नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन की झारखण्ड संघर्ष यात्रा को देखिये, जहां जनता के लिए न तो भव्य पंडाल का आयोजन, न कुर्सियों की व्यवस्था, फिर भी लोग हेमन्त सोरेन को सुनने के लिए भारी संख्या में जुट रहे हैं, स्वतःस्फूर्त लोगों का जुटान हो रहा हैं। लोगों की हेमन्त से आशाएं बंध रही हैं।

हेमन्त सोरेन भी बड़ी ही मर्यादा से अपनी बात जनता के समक्ष रख रहे हैं, मुख्यमंत्री रघुवर दास की तरह कही भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग वे नहीं करते। सरल, सहज और अपनत्व की भाषा में जनता से बात और  जनता उनकी बातों पर लट्टू हुई जा रही है, न कोई लाव, न लश्कर, केवल हेमन्त सोरेन। उनके कार्यकर्ता भी अच्छी मेहनत कर रहे हैं, शायद उन्हें पता है कि जनता क्या चाहती है, जनता परिवर्तन चाहती है और इस परिवर्तन के नायक हेमन्त सोरेन हैं, ये झामुमो के कार्यकर्ता संभवतः आम जनता को बताने में कामयाब रहे हैं।

कमाल है, एक ओर जमशेदपुर में मुख्यमंत्री रघुवर दास का भाषण शुरु होता है, और जनता सभास्थल से निकलने लगती है,  कार्यकर्ता निकलने लगते हैं, और जरा हेमन्त सोरेन की झारखण्ड संघर्ष यात्रा के चौथे चरण का कमाल देखिये, राजधनवार पहुंचे हैं और राजधनवार में गजब की भीड़ उनका स्वागत और उन्हें सुनने के लिए पहुंच चुकी है, हमें तो लगता है कि हेमन्त सोरेन ने भी ये नहीं सोचा होगा कि जनता इस कदर उन्हें सुनने के लिए भारी संख्या में जुटेगी।

यहीं हाल कोडरमा के डोमचांच का है, भारी संख्या में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुए हेमन्त कहते है कि 2019 में एक नये सबेरे के साथ झारखण्ड से भाजपा सरकार रुपी अंधकार के बादल छंटनेवाले है और यह सबेरा तभी होगा, जब झारखण्ड में झारखण्डियों का असली सरकार होगी, न कि आयातित सरकार।

संघर्ष यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि इसे हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है, जो पहले नहीं मिलता था। क्या युवा, क्या महिलाएं, किसान-मजदूर सभी हेमन्त के इस संघर्ष यात्रा में शामिल ही नहीं बल्कि अपनी उपस्थिति भी शानदार ढंग से दर्ज करा रहे हैं। शायद यही कारण है कि हेमन्त जनता की आंखों को पढ़, खुलकर बोल रहे हैं, कि आजतक दमनकारी नीतियों और जुमलों से ही सरकार ने जनता को ठगा है, 2019 में हम सभी ब्याज समेत हिसाब चुकता करेंगे और जो लोग फिलहाल जनता को ठगने का काम कर रहे हैं, चुनाव बाद  जेल की शोभा बढ़ायेंगे।

कोडरमा चूकि ये राज्य के मानव संसाधन मंत्री नीरा यादव का इलाका है, वे राज्य में विनाशकारी नियोजन नीति के लिए नीरा यादव को भी कोसने से नहीं चूकते और लोगों को हेमन्त का ये अंदाज पसन्द भी आ रहा है, लोग सरकार के खिलाफ सुनना भी चाहते हैं। कमाल है सर्दी के इस मौसम में जनता का हेमन्त के लिए इंतजार बहुत कुछ कह रहा है कि झारखण्ड में परिवर्तन अवश्यम्भावी है, मुख्यमंत्री रघुवर दास कुछ भी कह लें, जनता ने लगता है मन बना लिय़ा है कि 2019 में वर्तमान रघुवर सरकार को विदाई कर देनी है और नई सरकार बनाकर दम लेना है, जिसका नायक उसके सामने खड़ा है। 

Krishna Bihari Mishra

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