लगातार झूठ बोल रहे CM रघुवर को हेमन्त ने भेजा लीगल नोटिस, कहा – मांगो माफी, नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए रहो तैयार

नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने आज अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक लीगल नोटिस भेजा हैं, और उनसे कहा है कि वे सात दिनों के अंदर माफी मांगे, लिखित माफी मांगे, नहीं तो कानूनी कार्रवाई झेलने को तैयार रहे।

नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने आज अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक लीगल नोटिस भेजा हैं, और उनसे कहा है कि वे सात दिनों के अंदर माफी मांगे, लिखित माफी मांगे, नहीं तो कानूनी कार्रवाई झेलने को तैयार रहे।

नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने कहा कि इधर कई अखबारों में उन्होंने देखा कि राज्य के सीएम रघुवर दास ने उन पर अनर्गल बयान के द्वारा गंभीर आरोप लगाये हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष ने सीएनटी-एसपीटी का उल्लंघन किया हैं, पांच सौ करोड़ रुपये की संपत्ति देश-विदेश में अर्जित की हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर उनके पास सबूत है, तो ये पांच साल कर क्या रहे थे, उन्होंने क्यों नहीं उन्हें जेल में बंद किया, क्या वे चुनाव का इंतजार कर रहे थे?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा का शुरु से ही यह चरित्र रहा है, वह हमेशा से झूठ, लूट और षडयंत्र की राजनीति करती रही है। भाजपा हमेशा से अपने विरोधियों को हतोत्साहित करने का काम करती रही हैं, पर शायद उसे मालूम नहीं कि झामुमो के लोग मरना जानते हैं, पर झूकना नहीं।

भाजपा को मालूम नहीं कि झामुमो के लोग इतने मजबूत होते है कि वे अपने पूर्वजों-अग्रजों के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। हेमन्त सोरेन ने यह भी कहा कि शायद सीएम रघुवर को पता नहीं कि उनके विरुद्ध कार्य करनेवाले उनके अधिकारी राज्यबदर भी हो चुके हैं, पर लगता है इन्हें शर्म नहीं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने अपने कानूनी सलाहकारों से सलाह लेकर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को लीगल नोटिस भेजा है तथा उनसे उनके किये के लिए सात दिनों के अंदर लिखित रुप में माफी मांगी है, नहीं तो सात दिनों के बाद वे कानूनी कार्रवाई झेलने के लिए स्वतंत्र रहे।

उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास पर आरोप लगाया कि उन्हें कब किस भाषा का प्रयोग करना चाहिए, पता ही नहीं, वे मान-मर्यादा की भाषा नहीं जानते, हमेशा गाली-गलौज की ही बात करते हैं, उनके बयानों से लगता है कि झारखण्ड की यह राजकीय भाषा हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के आदिवासियों और धरतीपुत्रों को आतंकित करना बंद करें। झूठ,लूट और षडयंत्र की राजनीति बंद करें, ये सब अब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि खुद एसआइटी का गठन करनेवाले, जब एसआइटी की रिपोर्ट आ गई तो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे? क्या दिक्कत आ रही है?

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास का अपना साला खेमराज साहू, जो मनीष दास की जिंदगी तबाह कर रहा हैं, जिसके खिलाफ उच्च न्यायालय में केस भी चल रहा हैं, उस अपने साले के खिलाफ राज्य के मुख्यमंत्री क्यों नहीं एक्शन ले रहे या यहां के पदाधिकारी एक्शन क्यों नहीं ले रहे? आखिर मनीष दास के मकान पर मुख्यमंत्री का साला कब्जा क्यों करना चाह रहा, आखिर नोटबंदी के समय अचानक पन्द्रह लाख, मुख्यमंत्री रघुवर दास के साले के पास कहां से आ गये, वो पन्द्रह लाख रुपये किसका था? इस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का बयान क्यों नहीं आता?

ज्ञातव्य है कि जब झारखण्ड हाई कोर्ट में मुख्यमंत्री रघुवर दास के साले के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, तब उस वक्त रांची ही नहीं बल्कि झारखण्ड के सभी प्रमुख शहरों से निकलनेवाले अखबारों व चैनलों ने इस न्यूज से तौबा कर लिया था, उन्हें डर था कि राज्य के मुख्यमंत्री का वे कोपभाजन न बन जाये, जबकि विद्रोही24.कॉम ने इस मुद्दे को उठाया था, इस समाचार को आज भी आप विद्रोही24.कॉम पर देख सकते हैं।

नेता प्रतिपक्ष द्वारा इस मुद्दे को उठाने से क्या मनीष दास को न्याय मिलेगा, सवाल आज भी उसी तरह बना हुआ है। आज के प्रेस कांफ्रेस में नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन द्वारा सीएम रघुवर को लीगल नोटिस भेजने के सवाल पर, एक बार फिर झारखण्ड की राजनीति में भूचाल आ गया है।

राजनीतिक पंडित मानते है कि सीएम रघुवर दास हमेशा से ही झूठ बोलते रहे हैं, पूर्व में भी कई बार उन्होंने विपक्षी दलों को विकास के मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी थी, पर जब नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने वह चुनौती स्वीकार की, तो वे भाग खड़े हुए, क्योंकि सीएम रघुवर में नैतिक साहस नहीं हैं, ऐसे भी कनफूंकवों से घिरे रहने के कारण उनके पास नैतिक साहस आयेगा भी तो कहां से?

Krishna Bihari Mishra

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सीसीटीवी बता रहा है कि आरोप लगानेवाली महिला 08.18 बजे रात्रि में श्रीकृष्णा मातृ सदन से निकलती है, और 8.30 बजे कतरास थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करा देती है। वह प्राथमिकी में उसके साथ घटित घटना का समय रात्रि के 8 बजे बता रही है। खुद पुलिस ही अपने रिपोर्ट में श्रीकृष्णा मातृ सदन से कतरास थाने की दूरी आधा किलोमीटर बता रही है।

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