मास्टरमाइन्ड कांग्रेस के इशारे पर खनिज संपदा को लूटने में लगी हेमन्त सरकार, राज्यपाल को ज्ञापन देने के साथ भाजपा ने सरकार को चेताया, कहा हम नहीं करेंगे बर्दाश्त

खनिज संपदा की लूट का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान एक ज्ञापन भी उन्होंने राज्यपाल को सौंपा। मुलाकात के बाद प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में जबसे यूपीए सरकार राज्य में है, संपदा की लूट बढ़ी है। बालू, कोयला, आय़रन की लूट की छूट राज्य में है। इन सबके पीछे मास्टरमाइंड कांग्रेस है।

खनिज संपदा की लूट का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान एक ज्ञापन भी उन्होंने राज्यपाल को सौंपा। मुलाकात के बाद प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में जबसे यूपीए सरकार राज्य में है, संपदा की लूट बढ़ी है। बालू, कोयला, आय़रन की लूट की छूट राज्य में है। इन सबके पीछे मास्टरमाइंड कांग्रेस है।

उन्होंने कहा कि राज्य में जब कभी यूपीए गठबंधन की सरकार आयी खनिज संपदा की लूट हुई है। वर्तमान सरकार में शामिल झामुमो कांग्रेस ने इस लूट वाली रिवाज को जारी रखा है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्य है। राज्य के साथ-साथ देश के आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम है। इसका सदुपयोग किये जाने की बजाय तस्करी हो रही है।

ठकुरानी लौह अयस्क के स्टॉक की नीलामी में सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने का आरोप

श्री प्रकाश ने कहा कि ठकुरानी लौह अयस्क खदान, चाईबासा पूर्व में पद्म कुमार जैन को आवंटित किया गया था। 2019 में राज्य सरकार ने 84.6 हेक्टेयर में फैले उक्त खदान की लीज रद्द कर दी थी। इसके पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में 347 खदानों पर अनुमति से ज्यादा खनन करने पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। पद्म कुमार जैन पर भी 334.47 करोड़ रुपये की जुर्माना लगायी गयी थी। इस बीच 2019 में राज्य सरकार ने ठकुरानी खदान की लीज रद्द कर बंद करने का आदेश दिया। कोर्ट द्वारा निर्देशित किया गया कि जुर्माने की रकम की वसूली पूर्व से बचे स्टॉक (लौह अयस्क) को बेचकर की जा सकती है।

ठकुरानी लौह अयस्क खदान के स्टॉक की नीलामी की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) को दिया गया। खदान के स्टॉक की नीलामी के पूर्व JSMDC द्वारा 13 प्रकार के लौह अयस्क के नमूने जांच हेतु हजारीबाग स्थित प्रयोगशाला में दिनांक 30.05.2021 (रविवार) को भेजा गया। कोरोना संक्रमण के कारण राज्य में अवस्थित संस्थान दिशानिर्देश के तहत पूरे कार्यबल के साथ नहीं चलाया जा रहा था।

परंतु नमूने की जांच रिपोर्ट 31.05.2021 को ही JSMDC कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया। उल्लेखनीय है कि रविवार को सरकारी कार्यालय साधारणतया बंद रहते हैं, परंतु जांच रिपोर्ट सौंपने में बरती गई अनियमितता इस बात की ओर इशारा करती है कि राज्य सरकार एवं JSMDC के द्वारा निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए दबाव डालकर आनन-फानन में नमूने की जांच में मानक प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन एवं अनदेखी की गई है।

लौह अयस्क के कम गुणवत्ता की रिपोर्ट से 40 करोड़ से ज्यादा का होगा नुकसान

इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस (IBM) को सौंपी गई माइनिंग प्लान, पूर्व लीजधारी द्वारा IBM और राज्य सरकार को सौंपी गई मासिक रिटर्न की रिपोर्ट, खदान हस्तांतरण के दौरान उपलब्ध स्टॉक की जानकारी में उल्लिखित तथ्य, उपायुक्त, चाईबासा द्वारा खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव को प्रेषित पत्र में भी ग्रेड संबंधित जो आंकड़े दिए गए हैं, वह हजारीबाग प्रयोगशाला द्वारा उपलब्ध कराए गए रिपोर्ट के बिल्कुल भिन्न है।

इस संबंध में उपलब्ध कागजात इस बात की पुष्टि करते हैं कि लौह अयस्क ऊँची गुणवत्ता का था, परंतु प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कम गुणवत्ता वाला दर्शाने से राज्य को 101723.6 टन लौह अयस्क के नीलामी से न्यूनतम 40 करोड़ रुपये की क्षति होने की आशंका है, जबकि ऊँची गुणवत्ता के लौह अयस्क के नीलामी से सरकार को ज्यादा राजस्व की प्राप्ति होती ।

पूर्व लीजधारी और संबंधित विभाग के आंतरिक पत्राचार में लौह अयस्क के गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट और प्रयोगशाला की रिपोर्ट में अंतर होने से यह संदेह उत्पन्न होता है कि JSMDC के द्वारा प्रयोगशाला की रिपोर्ट की सत्यता की जांच के लिए किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी के द्वारा पुन: जांच क्यों नहीं करायी गई, जबकि यह सीधा-सीधा सरकार के राजस्व को प्रभावित करने वाला है। खनिज सम्पदा के नीलामी की आड़ में अवैध उत्खनन द्वारा राज्य कोष को संभावित नुकसान से इंकार नहीं किया जा सकता।

राज्यपाल से निविदा पर तत्काल रोक लगाने की मांग

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही, गलत मंशा एवं संबंधित विभाग के कतिपय अधिकारियों की स्वार्थपूर्ति की लालसा के कारण राज्य के खजाने को हो रहे नुकसान पर शीर्ष स्तर पर खामोशी है। उन्होंने राज्यपाल महोदया से मांग किया कि JSMDC द्वारा निर्गत निविदा पर तत्काल रोक लगाई जाए, साथ ही ग्रेड निर्धारण हेतु भेजे गए खनिज नमूनों की जांच राज्य के बाहर की किसी सक्षम एजेंसी से कराने की कृपा की जाए।

साथ ही जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मुलाकात के दौरान महामहिम राज्यपाल को JSMDC निविदा की प्रति, दिनांक 30 मई 2021 को लौह अयस्क नमूना जांच हेतु आदेश की प्रति, IBM को दी गई माइनिंग प्लान की प्रति । 4. IBM और राज्य सरकार को दी गई मासिक रिटर्न की प्रति, उपायुक्त, चाईबासा द्वारा खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव को प्रेषित पत्र की प्रति, एवम छह समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर की छाया प्रति और ठकुरानी खदान के हस्तांतरण एवं स्टॉक की रिपोर्ट भी सौंपी है।

Krishna Bihari Mishra

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