अपराध

गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश ने पतिलाल को मारा थप्पड़, पीड़ित ने सांसद के खिलाफ दर्ज कराई FIR, और उधर पीड़ित के खिलाफ छेड़खानी का केस

ये झारखण्ड अनोखा राज्य है, यहां कब कौन किस आरोप में किसको फंसा देगा, कुछ कहा नहीं जा सकता, यहीं नहीं यहां की पुलिस भी अनोखी है, वह गरीबों, मजलूमों के लिए काम नहीं करती, वह सत्तारुढ़ दल के इशारे पर काम करती है, तथा जो उपर से आदेश आता है, उसका अक्षरशः पालन कर, पीड़ित को ही बहुत अच्छे ढंग से पीस देती है, अब जरा देखिये न पतिलाल महतो को क्या पता था कि जिस जुल्म का वह शिकार हुआ हैं, उस जुल्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का परिणाम यह निकलेगा कि उसे भी छेड़खानी के आरोप में केस का सामना करना पड़ जायेगा।

ताजा मामला गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी से जुड़ा है। ये हाल ही में गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से आजसू के टिकट पर चुनाव जीते है। इनके खिलाफ निमियाघाट थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है कि उन्होंने गलागी निवासी पतिलाल महतो के साथ मार-पीट की। स्थानीय पुलिस ने सांसद पर भादवि की धारा 341,323, 504, 506 व 34 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

इधर इस मामले में सांसद की गिरफ्तारी को लेकर गलागी गांव के लोगों ने निमियाघाट का घेराव भी किया, तथा सांसद के खिलाफ नारेबाजी भी की, बताया जाता है कि जब इस बात की जानकारी डुमरी विधायक जगरनाथ महतो को मिली, तो वे थाने पहुचंकर थाना प्रभारी से दोषी पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जगरनाथ महतो का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि का जनता पर हाथ उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है, सांसद को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।

इधर जैसे ही आजसू सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी पर प्राथमिकी हुई, उधर चंद्र प्रकाश चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करानेवाले पतिलाल पर भी निमियाघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दिया गया। बताया जाता है कि शंकरडीह की एक महिला ने सांसद पर मारपीट का आरोप लगानेवाले व्यक्ति के खिलाफ मारपीट व छेड़खानी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करा दी।

स्थानीय पुलिस ने बड़े ही विवेकपूर्ण और बुद्धिमता पूर्ण ढंग से पतिलाल के खिलाफ भादवि की धारा 341, 323, 354ए, 504, व 506 दर्ज कर लिया। प्राथमिकी में पतिलाल पर आरोप लगाया गया है कि रविवार की शाम गलागी निवासी पतिलाल महतो ने गलागी मोड़ के पास शंकरडीह के लिए जानेवाले 440वोल्ट बिजली का तार खोल दिया और छेड़खानी कर जान से मारने की धमकी दी।

अब सच्चाई क्या है? भगवान जाने, पर स्थानीय लोग कहते है कि अगर पतिलाल आजसू सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराता, तो उसके खिलाफ ये प्राथमिकी भी दर्ज नहीं होती, फिलहाल पतिलाल को लेने के देने पड़ गये, अब सच्चाई क्या है? ये तो जांच का विषय है और जांच कौन करेगा, जांच किसके पक्ष में जायेगा, यह भी सबको पता है, ले-देकर पतिलाल का तो बंटाधार हो गया। बताया जाता है कि सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के साथ यह कोई पहली घटना नहीं हैं, रामगढ़ में एक सैनिक के साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ था, जो चर्चा का विषय बना।