उपायुक्त रांची द्वारा विद्रोही24 पर लगाये गये भ्रामक खबर प्रकाशित करने के आरोप का प्रपत्र व्हाट्सएप्प पर वायरल, 48 घंटे के अंदर अपना पक्ष रखने का प्रपत्र में जिक्र

दिनांक 10 जनवरी 2022 को करीब पौने ग्यारह बजे रात्रि में मेरे व्हाट्सएप्प पर अचानक विभिन्न जगहों से उपायुक्त रांची कार्यालय द्वारा मुझको संबोधित एक प्रपत्र देखने को मिला, जिसमें मुझ पर उपायुक्त कार्यालय द्वारा आरोप लगाया गया है कि मैंने एक भ्रामक खबर प्रकाशित की। प्रपत्र में मुझे कहा गया है कि इसका जवाब मुझे 48 घंटे के अंदर देना हैं। चूंकि पत्र मुझे अब तक नहीं मिला, लेकिन व्हाट्सएप ग्रुप पर ये वायरल हैं, तो मेरा धर्म बनता है कि डिजिटल माध्यम से ही अपनी बातें जनता, अपने चाहनेवालों, पत्रकार मित्रों और उपायुक्त कार्यालय के समक्ष रख दूं। मेरा उत्तर इस प्रकार हैं…

सेवा में,

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी – सह – अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, रांची।

महाशय,

कृष्ण बिहारी मिश्र, विद्रोही 24 डॉट कॉम रांची के नाम भ्रामक खबर प्रकाशित करने के संबंध में एक प्रपत्र जो आपके कार्यालय द्वारा जारी हुआ है। वो पत्र मुझे अब तक प्राप्त तो नहीं हुआ, पर ये व्हाट्सएपग्रुप पर वायरल है, जो किसी ने मुझ तक पहुंचाया हैं, जिसमें आपने मेरा स्पष्टीकरण 48 घंटों के अंदर मांगा है। इस संबंध में मेरा कहना यह है कि…

इस खबर के बारे में सार्थक शर्मा के पिता सत्यनारायण शर्मा (व्हाट्सएप नंबर 9835500085) ने मुझसे संपर्क किया था और उन्होंने इस संबंध में जानकारी दी कि उनके बेटे को एक्सपायरी वेक्सिन दे दी गई। वैक्सिन के शीशी में उल्लेखित एक्सपायरी डेट को देखकर कोई भी व्यक्ति, माता-पिता, अभिभावक या पत्रकार भ्रमित हो सकता था/हैं।

मैंने जो खबर दी, वो भुक्तभोगी द्वारा दिये गये बयान और प्रमाण के आधार पर दी, अगर कोई माता-पिता वैक्सिन शीशी में उल्लेखित एक्सपायरी डेट को देखकर घबराता हैं, या वैक्सिन को एक्सपायर्ड पाता हैं, तो क्या ये स्वाभाविक नहीं है कि वो घबराएं भी नहीं और इसकी जानकारी मीडिया या प्रशासन को दें या वैक्सिन लगानेवाले केन्द्र को ये जानकारी उपलब्ध नहीं कराना चाहिए कि जो वैक्सिन शीशी से लोगों को वैक्सिन लगाये जा रहे हैं।

वो भले ही इसमें एक्सपायर डेट्स दिखाया जा रहा हैं, पर उसकी एक्सपायर डेट की अवधि बढ़ा दी गई हैं, केवल इतना कर दिये जाने से ये भ्रम ही नहीं फैलता, या राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर विज्ञापन आदि के माध्यम से लोगों को सूचनाएं दे दी जाती तो ये भ्रम ही नहीं रहता। एक सवाल और,  जब एक्सपायरी डेट्स बढ़ा दी गई थी, तो उक्त शीशी पर संशोधित एक्सपायरी डेट्स का स्लिप क्यों नहीं चिपकाया गया?

पर, इसके बावजूद भी, जैसे ही इस खबर के प्रकाशित होने के बाद विद्रोही24.कॉम को स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य जगहों से प्रमाणिक दस्तावेज प्राप्त हुए, मैंने पत्रकारिता धर्म का निर्वहण करते हुए ये खबर छापी – “सीडीएससीओ के अनुसार पूर्व में मैन्यूफैक्चरिंग हुई कोवेक्सिन के एक्सपायरी डेट्स में हुआ संशोधन, लोगों को घबराने की जरुरत नहीं” और इस प्रकार हमने पत्रकारिता धर्म का निर्वहण किया।

इसलिए हम पर ये आरोप कि मैंने भ्रामक खबर प्रकाशित की, सरासर गलत हैं। आपकी जानकारी के लिए इस पत्र के साथ सत्य नारायण शर्मा द्वारा भेजे गये प्रमाण और उनके बयान आपको संप्रेषित कर रहा हूं, साथ ही वो खबर भी, जिसमें हमने लोगों में फैले भ्रम को हटाने का प्रयास भी किया, जो पत्रकारिता धर्म के अनुकूल भी है।

भवदीय,

कृष्ण बिहारी मिश्र

विद्रोही24.कॉम

Krishna Bihari Mishra

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