2017 का दुर्गापूजा भारी बारिश, बिजली की कटौती और अव्यवस्थाओं के लिए लोग याद रखेंगे

जो भाग्यशाली थे, वे प्रतिदिन सुबह से लेकर दोपहर में ही विभिन्न पंडालों में जाकर अपनी उपस्थििति दर्ज कराई। मां का आशीर्वाद प्राप्त किया, तथा विभिन्न पूजा समितियों द्वारा बनाये गये पंडालों का अवलोकन किया। इस बार पुलिस व्यवस्था करीब हर जगह ठीक-ठाक रहीं, कहीं से भी कोई अलोकप्रिय समाचार प्राप्त नहीं हुआ। छोटे-छोटे दुकानदार, जो इस बार अपनी दुकान विभिन्न मार्गों पर लगाये थे, उनकी कमाई पर बारिश ने पानी फेर दिया।

भारी बारिश, टूटे फूटे सड़क और बार-बार हो रही बिजली की लोड शेडिंग ने इस बार दुर्गा पूजा का सारा मजा किरकिरा कर दिया। जो सप्तमी और अष्टमी को विभिन्न पूजा पंडालों में भारी भीड़ दिखती थी, वह इस बार नजर नहीं आयी। आज चूंकि नवमी हैं, आज भी बारिश ने दुर्गापूजा घुमनेवालों के लिए शामत ला दी हैं, लोग चाहकर भी बाहर नहीं निकल रहे हैं। कई जगहों पर खुले में पंडाल रहने के कारण कई रोचक प्रस्तुतियों पर प्लास्टिक चढ़ा दी गई हैं, ताकि प्रतिमाएं बारिश की पानी से प्रभावित न हो। भारी राशि खर्च कर की गई सजावटों का इस बार दर्शक आनन्द नहीं उठा पाये।

जो भाग्यशाली थे, वे प्रतिदिन सुबह से लेकर दोपहर में ही विभिन्न पंडालों में जाकर अपनी उपस्थििति दर्ज कराई। मां का आशीर्वाद प्राप्त किया, तथा विभिन्न पूजा समितियों द्वारा बनाये गये पंडालों का अवलोकन किया। इस बार पुलिस व्यवस्था करीब हर जगह ठीक-ठाक रहीं, कहीं से भी कोई अलोकप्रिय समाचार प्राप्त नहीं हुआ। छोटे-छोटे दुकानदार, जो इस बार अपनी दुकान विभिन्न मार्गों पर लगाये थे, उनकी कमाई पर बारिश ने पानी फेर दिया। बहुत सारे बने सामान ऐसे ही पड़े रह गये।

इस बार भारतीय नवयुवक संघ बकरी बाजार हमेशा की तरह छाया रहा। इस बार सर्व धर्म समभाव और पृथ्वी बचाओ की थीम पर इस पूजा समिति द्वारा बनाये गये पंडाल व कलाकृतियों ने सब का मन मोह लिया। वहीं रांची रेलवे स्टेशन पर बनी ओड़िशा थीम की कलाकृति सब के मन को भाया। ओसीसी क्लब के पंडाल भी आकर्षक थे, जबकि पूजा कार्यक्रम में एक बार फिर फिरायालाल चौक की दुर्गाबाड़ी में आस्था का ज्वार देखते बना।

रांची विश्वविद्यालय के ठीक सामने एक व्यवसायियों का दल हमेशा की तरह मां के प्रसाद के रुप में पुड़ी-सब्जी बांटे, जिसका सभी ने आनन्द उठाया। मां के भक्तों का गुस्सा इस बात को लेकर ज्यादा था कि इस बार राज्य सरकार ने बिजली को लेकर कुछ खास व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण लोग अंधेरों में विभिन्न पंडालों में जाने के लिए इधर से उधर भटकते रहे। 2017 का दुर्गा पूजा भारी बारिश, बिजली की कटौती तथा भारी अव्यवस्था के लिए लोग काफी दिनों तक याद रखेंगे।

Krishna Bihari Mishra

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राम को छोड़ो, तुम अगर रावण भी बन जाते तो...

Sat Sep 30 , 2017
अरे राम को छोड़ो, तुम अगर रावण भी बन जाते, तो देश का कल्याण हो जाता, पर अफसोस की तुम रावण भी नहीं बन सकें। तुम हर साल रावण को जलाते हो, पर रावण को जलाने के पूर्व, यह भी नहीं सोचते कि रावण कौन था?  क्या था?  अगर ये जानने की कोशिश करते अथवा चिन्तन करते, तो तुम्हें पता चलता कि तुम रावण के आस-पास भी नहीं भटकते, तुम तो रावण से भी बहुत नीचे गिरे गये, भला तुम्हें रावण दहन करने की इजाजत किसने दे दी?

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