राजनीति

दिवाली में चाइनीज सामान मत खरीदिये और अपना मन करें तो चीन के आगे नाक रगड़िये

सीएम रघुवर दास और उनके मंत्रियों की चीन यात्रा पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भाजपा हमेशा चीन के मुद्दे पर देश व राज्य की जनता की आंखों में धूल झोंकती रही हैं, इनका ये आज का धंधा नहीं, बल्कि ये शुरु से डबल स्टैंड अपनाते रहे हैं, जनता को चीन से सावधान भी करेंगे और फिर चीन जाकर उनके सामने नाक भी रगड़ेंगे, याद करिये, जब दिवाली आता हैं तो ये लोग क्या-क्या शिगुफा छोड़ते हैं। ये कहते फिरेंगे।

जब दिवाली आये, तो चाइनीज पटाखे मत चलाइये, चाइनीज सीरीज बल्ब मत जलाइये, चाइनीज दिये मत जलाइये, चाइनीज खिलौने मत खरीदिये, चाइनीज गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा मत खरीदिये, क्योंकि इससे भारत की अर्थव्यवस्था खराब और चीन की आर्थिक व्यवस्था मजबूत होती हैं, क्या आप चाहेंगे कि चीन ताकतवर बने। क्या आपको नहीं मालूम कि यहीं चाइना हमारे पैसे लेकर, अपनी ताकत बढ़ाता हैं और सरहद पर हमें ही आंख दिखाता हैं।

डोकलाम याद हैं न, राहुल गांधी चाइना होते हुए, मानसरोवर की यात्रा करें तो गलत हैं, उन्हें राहुल का चाइना प्रेम कहकर भारत की जनता के सामने पेश करो, और खुद चुपके से अपने मुख्यमंत्रियों और उनकी टीम को चाइना का दौरा करवा दो, उनके लिए अच्छी खासी व्यवस्था भी करा दो, नाम दे दो देश की अर्थव्यवस्थाया राज्य की बेहतरी के लिए यह यात्रा हो रही हैं और जनता को चीन मुद्दे पर भरमाते रहो, यहीं हैं भाजपा और यहीं है इसकी कारस्तानी और ये हैं भाजपा के मुख्यमंत्री रघुवर दास, और उनके मंत्रिमंडल की टीम, जिसने राज्य को बर्बाद कर डाला और अब जा रहे हैं चीन में मस्ती करने।

उन्होंने कहा कि चार साल बीत गये, अब एक साल रह गये, आखिर इन एक साल में इनके पास करने के लिए क्या है? आखिर जो व्यक्ति चार सालों में आधी दुनिया का दौरा करता रहा और अपने राज्य में एक साइकिल के टायर की फैक्ट्री तक नहीं खुलवा सका, वो चीन जाकर क्या तीर मार लेगा, दरअसल ये रघुवर दास, चीन यात्रा, अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने या झारखण्ड को बेहतर बनाने के लिए नहीं, बल्कि वे इसलिए जा रहे हैं, क्योंकि वे जान चुके हैं कि आनेवाले समय में वे फिर मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहे और न ही केन्द्र में इनके मोदी जी आयेंगे, इसलिए यहीं मौका हैं, बहती गंगा में हाथ धो लो, जो अरमान हैं, वे सभी पूरे कर लो, चीन ही क्या ये और देश की भी यात्रा करेंगे और राज्य का कितना भला होगा, वो सभी देखेंगे?

सुबोध कांत सहाय ने कहा कि चूंकि रघुवर दास मोदी के पदचिह्नों पर चल रहे हैं, जैसे मोदी नोटबंदी के कारण भारत की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया, ठीक उसी प्रकार ये राज्य की अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि विकास और प्रगति को सदा के लिए अवरुद्ध कर दिया। पूरे राज्य में 80 प्रतिशत उद्योग नष्ट हो गये, जो बोकारो कभी औद्योगिक नगरी के लिए जानी जाती था, उसका बुरा हाल है, जो उद्योगपति थे इस राज्य में, वे भी अपनी बोरिया बिस्तर लेकर राज्य से भाग रहे हैं, लॉ एंड आर्डर तो समाप्त ही हैं, ये चाइना जाकर क्या करेंगे? सिवाय मस्ती के।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास हो या उनके साथ जानेवाले मंत्रियों का समूह या अधिकारियों का दल या उनका पीए, इन सभी का मकसद एक ही हैं, अब एक साल बच गया, अगले साल इलेक्शन होगा, ये लोग मान चुके हैं कि आनेवाले 2019 में उनकी घिग्घी बंधने जा रही हैं, इसलिए ये चीन की यात्रा कर के अपने मन को शांत करना चाहते हैं, वे अच्छी तरह जानते है कि चीन उनका कितना ख्याल रखेगा, पर मनमौजियों को इससे क्या मतलब, वे तो अपनी ही धून में मस्त हैं, राज्य की जनता का पैसा बर्बाद हो या आबाद हो, इससे रघुवर दास को क्या मतलब?