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विवेकानन्द विद्या मंदिर में व्याप्त भ्रष्टाचार, गिरती शिक्षा व्यवस्था, नियमों के प्रतिकूल होते कार्य से क्षुब्ध अभिभावकों ने विद्यालय के समक्ष किया शांतिपूर्ण मौन प्रदर्शन, दिये ज्ञापन

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 16 जुलाई 2026 को प्रातः 8:00 बजे विवेकानन्द विद्या मंदिर में पढ़नेवाले बच्चों के अभिभावकों का समूह विवेकानंद विद्या मंदिर परिसर पहुंचा, जहाँ विद्यालय में व्याप्त विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सभी ने पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं मौन प्रदर्शन किया।

आज विद्यालय का स्थापना दिवस तथा भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का पावन अवसर होने के कारण अभिभावकों का पूरा प्रयास रहा कि विद्यालय के किसी भी कार्यक्रम में किसी प्रकार की असुविधा, अव्यवस्था या व्यवधान उत्पन्न न हो। इसी उद्देश्य से अभिभावकों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रशासक नरेंद्र नाथ तिवारी अथवा विद्यालय के किसी अधिकृत प्रतिनिधि से मिलकर अपना 20 सूत्री मांग-पत्र सौंपने का प्रयास किया।

दुर्भाग्यवश विद्यालय प्रबंधन की ओर से न तो कोई अधिकृत प्रतिनिधि मांग-पत्र प्राप्त करने हेतु भेजा गया और न ही अभिभावकों से मिलने की कोई सकारात्मक पहल की गई। ऐसी स्थिति में विवश होकर अभिभावकों ने अपना मांग-पत्र विद्यालय में उपस्थित सुरक्षा गार्ड को इस अनुरोध के साथ सौंप दिया कि वह इसे संबंधित अधिकारी तक अविलंब पहुँचा दें।

अभिभावकों द्वारा सौंपे गए मांग-पत्र में विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था, सुरक्षा, अनुशासन, भवन की जर्जर स्थिति, स्मार्ट क्लास की अनुपलब्धता, विकास शुल्क एवं अन्य शुल्क के उपयोग में पारदर्शिता, पेयजल की समस्या, खेल मैदान की दुर्दशा, विद्यालय बसों की खराब स्थिति, सीबीएसई नियमों के कथित उल्लंघन, प्रभारी प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय संचालन, अवैध शुल्क वृद्धि, महंगी पुस्तकों की अनिवार्यता, नगद शुल्क संग्रह, वित्तीय अनियमितताओं, विद्यार्थियों के हितों की उपेक्षा सहित 20 प्रमुख बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियाँ एवं उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई है।

अभिभावकों का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव, विवाद अथवा विद्यालय की गरिमा को ठेस पहुँचाना नहीं है। उनका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना, अभिभावकों की वास्तविक समस्याओं को जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष रखना तथा विद्यालय में पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं नियम सम्मत शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।

अभिभावकों ने आशा व्यक्त की कि प्रशासक अभिभावकों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र वार्ता का समय निर्धारित करेंगे तथा मांग-पत्र में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई करेंगे।

अभिभावकों का कहना है कि जैसे ही उन्हें यह सूचना प्राप्त होगी कि प्रशासक विद्यालय में उपलब्ध हैं अथवा उनसे मिलने का अवसर प्राप्त हो सकता है, वे पुनः उनसे भेंट कर अपना मांग-पत्र व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करेंगे तथा विद्यालय से संबंधित सभी समस्याओं के शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान का अनुरोध करेंगे।

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