BCCL के अधिकारियों द्वारा पत्राचार के बावजूद धनबाद में कोयला तस्करों व अवैध खनन के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, इधर अवैध खनन से जनता संभावित भू-धसान के खतरे के कारण भय में जीने को विवश
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) कतरास क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) ने रामकनाली ओपी के थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस इलाके में हो रहे अवैध कोयला खनन को लेकर चिंता जताई है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अवैध खनन पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। लेकिन आश्चर्य है कि रामकनाली ओपी के थाना प्रभारी पर इस पत्र का कोई असर नहीं दिख रहा है और इस पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन आज भी जारी है। जिससे इस इलाके की बड़ी आबादी का जन-जीवन खतरे में हैं। लोग भय के साये में जीने को विवश है।
बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि प्रेमलता कुमारी, मुखिया झिंझीपहाड़ी, ग्राम पंचायत बाघमारा, धनबाद द्वारा भी सूचित किया गया था कि इस इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन जारी है, जिसके कारण यहां भू-धसान तथा जान-माल की क्षति की गंभीर संभावना व्यक्त की गई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि परियोजना पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के माध्यम से पूर्व में भी इस मामले को लेकर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद अवैध खनन की गतिविधियां जारी रहने की शिकायत सामने आ रही है।
बीसीसीएल प्रबंधन ने आशंका जताई है कि अवैध खनन के कारण किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ऐसी स्थिति में जान-माल की क्षति होने पर संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना आवश्यक होगा। पत्र में पुलिस प्रशासन से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की अपील की गई है।
बीसीसीएल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है, ताकि क्षेत्र में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन थाना प्रभारी के समक्ष पत्राचार करने के बावजूद भी न तो अवैध उत्खनन पर रोक लगी और न ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई हुई, जो इस प्रकार के कुकृत्य में लगे हैं, जिनके कारण एक बहुत बड़ी आबादी किसी भी समय भू-धसान के चपेट में आ सकती है, जिससे जान-माल की क्षति होना तय है।
बताया जा रहा है कि रामकनाली ओपी की थाना प्रभारी इस मामले पर आंखें मूंदी हुई है। यह आंखे क्यों मूंदी है और इसके कारण अवैध उत्खनन क्यों जारी है। स्थानीय लोग भय के कारण कुछ खुलकर नहीं बोलते, पर दबी जबान से स्वीकार करते है कि उक्त थाना प्रभारी के कारण ही यह कुकृत्य इस इलाके में हो रहा है। आश्चर्य यह भी है कि इस प्रकरण पर धनबाद के उपायुक्त, अनुमंडलाधिकारी, सांसद, विधायक, एसएसपी आदि सभी आंखें मूंदे हैं। शायद ये किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।
अगर इस अवैध उत्खनन के कारण एक बहुत बड़ी आबादी भू-धसान के चपेट में आती है और कई लोग मौत के शिकार होते हैं तो इसकी जिम्मेवारी किसके मत्थे जायेगी? रामकनाली थाना प्रभारी के ऊपर, एसएसपी के ऊपर, उपायुक्त के ऊपर, विधायक या धनबाद के सांसद के ऊपर? हमें लगता है कि इन सभी को अभी से ही अपनी-अपनी जवाबदेही तय कर लेनी चाहिए, क्योंकि अवैध उत्खनन तो जारी है और ये सभी इसे रोकने का काम नहीं कर रहे, तो गलती किसकी है? एक थाना प्रभारी की इतनी हिम्मत की वो अपने इलाके में अवैध उत्खनन को हतोत्साहित के बजाय प्रोत्साहित करें, यह काम बिना वरीय अधिकारियों या राजनीतिक प्रभुत्व वालों के आशीर्वाद के बिना तो संभव नहीं।
