झामुमो की केन्द्रीय समिति की बैठक में बैलेट पेपर से झारखण्ड विधानसभा चुनाव कराने की मांग

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय समिति की दो दिवसीय बैठक आज रांची में संपन्न हो गई। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये। राजनीतिक प्रस्तावों में जो महत्वपूर्ण प्रस्ताव थे, उसमें प्रमुख यह रहा कि राज्य विधानसभा का चुनाव पार्टी शिबू सोरेन के मार्गदर्शन और हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लड़ेगी। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर संदेह प्रकट करते हुए पार्टी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर बल दिया।

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय समिति की दो दिवसीय बैठक आज रांची में संपन्न हो गई। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये। राजनीतिक प्रस्तावों में जो महत्वपूर्ण प्रस्ताव थे, उसमें प्रमुख यह रहा कि राज्य विधानसभा का चुनाव पार्टी शिबू सोरेन के मार्गदर्शन और हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लड़ेगी। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर संदेह प्रकट करते हुए पार्टी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर बल दिया। झामुमो का कहना था कि झारखण्ड में सभी प्रमुख पार्टियां जो भाजपा का विरोध करती है, एक साथ मंच पर आये और मिलकर भाजपा के षडयंत्रों का पर्दाफाश करें, मिलकर चुनाव लड़ें और भाजपा को परास्त करें।

झामुमो ने राज्य में चल रहे अभुतपूर्व बिजली संकट, पेयजल संकट, विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों मे दवाओं की कमी, भूख से लगातार हो रही मौत पर राज्य सरकार को घेरा। पेसा कानून को लेकर राज्य सरकार द्वारा की जा रही मनमानी पर भी झामुमो ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। निवेश एवं रोजगार के नाम पर मोमेंटम झारखण्ड की भी कड़ी आलोचना की गई। खतियानधारियों को राज्य में नौकरी नहीं मिलने तथा बाहरी लोगों को मिल रहे नौकरी से राज्य में हो रहे पलायन पर तीखी प्रतिक्रिया नेताओं ने व्यक्त की। झामुमो ने कहा कि राज्य सरकार सोची समझी रणनीति के तहत बाहर की एजेंसियों को बुलाकर सरकार के हर स्तर के कार्य को आउट सोर्सिंग के माध्यम से करा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

समय पर बारिश नहीं होने के कारण राज्य में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो रही है, पर राज्य सरकार को फिक्र नहीं, राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य के किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुए, पर राज्य सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।झामुमो नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सार्वजनिक मंचों से धार्मिक सौहार्द की बात की जाती हैं, पर जमीन पर वो चीजें दिखाई नहीं पड़ती, आज भी दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों में एक अज्ञात भय व्याप्त है, वे सशंकित रहते हैं, कि उनके साथ कब, कहां क्या हो जायेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।

झामुमो नेताओं ने कहा कि कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया एवं मुद्रा लोन का छलावा देकर, शिक्षित नौजवानो को बरगलाया जा रहा है। एसएससी, जेपीएससी जैसी सरकारी नौकरियों के लिए बनी संस्थाओं को निष्क्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है। तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में इतना भ्रष्टाचार है कि राज्य के बेरोजगार युवा बराबर छले जा रहे हैं।

झामुमो नेताओं ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार के मामले में भी राज्य सरकार रिकार्ड बनाने जा रही है, नाबालिग लड़कियों से बलात्कार की घटनाएं और उनकी जघन्य हत्याओं का जो सिलसिला शुरु हुआ है, वह रुकने का नाम नहीं ले रहा, डायन-बिसाही के नाम पर महिलाओं को प्रताड़ित ही नहीं, बल्कि उनकी हत्या कर दी जा रही है, जो शर्मनाक है। इन सारी समस्याओं को लेकर जन-जागरण चलाने और सरकार को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से जल्द ही रघुवर भगाओ, झारखण्ड बचाओ, झारखण्ड मांगे हेमन्त सरकार के नारों के साथ पार्टी के कार्यकर्ता राज्य के सभी पंचायतों में जाकर, जनता को जागरुक करेंगे, जनसमर्थन यात्रा आयोजित करेंगे।

Krishna Bihari Mishra

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