जीवित व्यक्ति को दैनिक जागरण ने बेरोजगारी के नाम पर फांसी के फंदे से झूला दिया

सचमुच अजब, गजब है। संजय कुमार सिंह जिंदा हैं और उसे बेरोजगारी के नाम पर फांसी के फंदे से लटकवा दिया गया, और ये काम किया हैं, धनबाद से प्रकाशित दैनिक जागरण ने। दैनिक जागरण, धनबाद ने, पृष्ठ संख्या 6 में, आज एक समाचार छापी है, जिसका हेडलाइन है – “बेरोजगारी में युवक ने फंदे से लगा ली फांसी” अखबार ने, संजय का फोटो भी छापा हैं,

सचमुच अजब, गजब है। संजय कुमार सिंह जिंदा हैं और उसे बेरोजगारी के नाम पर फांसी के फंदे से लटकवा दिया गया, और ये काम किया हैं, धनबाद से प्रकाशित दैनिक जागरण ने। दैनिक जागरण, धनबाद ने, पृष्ठ संख्या 6 में, आज एक समाचार छापी है, जिसका हेडलाइन है – “बेरोजगारी में युवक ने फंदे से लगा ली फांसी” अखबार ने, संजय का फोटो भी छापा हैं, जबकि समाचार में कहीं ऐसा नहीं दिया गया कि संजय ने बेरोजगारी में आकर फंदे से फांसी लगा ली।

सच्चाई यह है कि संजय कुमार सिंह, बेरोजगार ही नहीं हैं, वह पीडब्ल्यूआइ विभाग में ट्रैकमैन के पद पर कार्यरत है। आज संजय कुमार सिंह को जैसे ही इस समाचार का पता चला, उसने अपना विजूयल डाला कि वह मरा नहीं और न ही फांसी से झूला हैं, वह जिंदा हैं, हालांकि जैसे ही यह समाचार आया, संजय को चाहनेवालों की फोन दनादन उसके पास आने लगी, सभी घबरा गये कि ये क्या छप गया?

संजय ने स्थानीय अखबारों के संवाददाताओं से मिलकर, इस खबर का शीघ्र खंडन किया। संजय कुमार सिंह बिहार के मुंगेर का रहनेवाला है और फिलहाल धनबाद रेल मंडल में कार्यरत हैं, उसके साथ केवल सामान्य मारपीट की घटना घटी थी, मारपीट करनेवाले भी उसके विभाग के ही लोग थे, जिसकी शिकायत उसने अपने उच्चाधिकारियों से कर दी थी, बस मामला इतना ही था, पर दैनिक जागरण की एक गलत हेडिंग ने उसके चाहनेवालों की धड़कन बढ़ा दी, पर जब संजय सामने दिखा तो उनके जान में जान आई।

 

Krishna Bihari Mishra

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