कांग्रेस का आरोप, झारखण्ड के IAS कोड ऑफ कन्डक्ट के खिलाफ जाकर सरकार के लिए अभियान चला रहे हैं

कांग्रेस पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली पर गंभीर आरोप लगाये हैं और एक तरह से उसने यह भी कह दिया कि विपक्षी दलों के उचित मांगों को चुनाव आयोग अनसुना कर देती हैं, जबकि सत्ता पक्ष की बातों को स्वीकार कर लेती है। आज मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजे पत्र में उसने साफ लिखा है कि झारखण्ड में सभी विपक्षी दलों द्वारा एक चरण में चुनाव कराने के अनुरोध को अनसुना कर…

कांग्रेस पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली पर गंभीर आरोप लगाये हैं और एक तरह से उसने यह भी कह दिया कि विपक्षी दलों के उचित मांगों को चुनाव आयोग अनसुना कर देती हैं, जबकि सत्ता पक्ष की बातों को स्वीकार कर लेती है। आज मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजे पत्र में उसने साफ लिखा है कि झारखण्ड में सभी विपक्षी दलों द्वारा एक चरण में चुनाव कराने के अनुरोध को अनसुना कर, सिर्फ भाजपा के ही पांच चरणों में चुनाव कराने की मांग को क्यों स्वीकार किया गया?

कांग्रेस पार्टी ने यह भी कहा कि जब झारखण्ड में 81 में से 67 विधानसभा क्षेत्र व 13 जिले अगर अति उग्रवाद से प्रभावित है तो पांच चरणों में ही क्यों, इससे भी अधिक समय लिया जाना चाहिए। पांच चरणों में चुनाव कराने के निर्णय से राजनैतिक दलों एवं आम लोगों में यह धारणा प्रबल हुई है कि चुनाव आयोग सिर्फ भाजपा की मांगों पर गौर किया है।

कांग्रेस पार्टी का यह भी कहना है कि कांग्रेस पार्टी या अन्य राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आचार संहिता के मामले को लेकर अगर चुनाव आयोग को पत्र दिया जाता है तो आयोग द्वारा क्या कार्रवाई की गई, अथवा मामला आचार संहिता के दायरे में आता है या नहीं, इसकी जानकारी संबंधित दल अथवा समूह को क्यों नहीं होनी चाहिए?

कांग्रेस पार्टी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि झारखण्ड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम का इस्तेमाल चुनाव कार्यों में किया जा रहा हैं। उसका कहना है भारतीय जनता पार्टी द्वारा जेएससीए स्टेडियम का चुनाव कार्य में उपयोग किया जा रहा है, जो आचार संहिता का सरासर उल्लंघन है। कांग्रेस पार्टी जेएससीए की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की मांग चुनाव आयोग से की है।

कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि झारखण्ड के उपायुक्त – आइएएस कोड ऑफ कन्डक्ट के खिलाफ जाकर सरकार के लिए अभियान चला रहे हैं। झारखण्ड विद् मोदी कैंपेन जिसकी इजाजत चुनाव आयोग नहीं देती, लगभग सभी जिलों के उपायुक्त अपने ऑफिस के ट्विटर हैंडल से झारखण्ड विद् मोदी कैंपेन चला रहे हैं।

ये ट्विटर और फेसबुक पर अपने जिलों की उपलब्धियां गिना रहे हैं। जिस पर उचित कार्रवाई करने की जरुरत है। आज भी झारखण्ड में तीन वर्षों से अधिक समय से अधिकारियों का स्थानान्तरण नहीं हुआ है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि तीन वर्षों से अधिक समय से स्थापित अधिकारियों का अविलम्ब स्थानान्तरण किया जाय।

Krishna Bihari Mishra

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