घरेलू बिजली की दर में 98% की बढ़ोत्तरी कर सीएम रघुवर ने जनता पर बरपाया कहर

सबका साथ, सबका विकास का नारा देनेवाली भाजपा सरकार ने राज्य की सामान्य जनता की नींद उड़ा दी हैं। घरेलू बिजली की दर में 98% की बढ़ोत्तरी कर दी हैं। अब राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को दो सौ यूनिट तक बिजली की दर पांच रुपये पचास पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान करने होंगे। व्यापारियों के हितों पर ज्यादा ध्यान देनेवाली इस सरकार ने कामर्शियल बिजली की दर में मात्र सात प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है।

सबका साथ, सबका विकास का नारा देनेवाली भाजपा सरकार ने राज्य की सामान्य जनता की नींद उड़ा दी हैं। घरेलू बिजली की दर में 98% की बढ़ोत्तरी कर दी हैं। अब राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को दो सौ यूनिट तक बिजली की दर पांच रुपये पचास पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान करने होंगे। व्यापारियों के हितों पर ज्यादा ध्यान देनेवाली इस सरकार ने कामर्शियल बिजली की दर में मात्र सात प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। आज इस बात की घोषणा झारखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने कर दी।

राज्य में घरेलू बिजली की दर में भारी बढ़ोत्तरी पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्वीट कर कहा है कि बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में नया टैरिफ लागू किया जा रहा है। हमारे गरीब मजदूर किसान भाइयों और लघु व्यापारियों को सरकार सब्सिडी देगी। बहुत जल्द सब्सिडी की घोषणा कर दी जायेगी।

उर्जा नियामक आयोग के अध्यक्ष डा. अरविन्द प्रसाद ने पूर्व में कहा था कि चूंकि रिसोर्स गैप के रुप में पहले सरकार पैसे देती थी, इसलिए बिजली की दर यहां सस्ती थी, अब चूकि राज्य सरकार रिसोर्स गैप की राशि नहीं देगी, इसलिए बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की गई। बिजली का यह बढ़ा दर एक मई से पूरे राज्य में लागू हो जायेगा। इधर राज्य सरकार द्वारा 1 मई से बढ़ाई गई घरेलू बिजली की दर की कई राजनीतिक दलों ने कड़ी आलोचना की है, और इस बढ़ोत्तरी को जनहित में वापस लेने की मांग की है।

Krishna Bihari Mishra

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सुबोध और हेमन्त ने राज्य में बिजली दर बढ़ाये जाने पर रघुवर सरकार की खिंचाई की

Sat Apr 28 , 2018
झारखण्ड में विद्युत नियामक आयोग द्वारा घोषित नई विद्युत टैरिफ की पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि नई विद्युत टैरिफ साफ बताता है कि राज्य सरकार संवेदनहीन हो गई है। बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि का जनविरोधी निर्णय लेकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है, झारखण्ड में ऐसे भी पावर कट की पहले से ही दयनीय स्थिति है।

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