CM रघुवर ने तेली समाज को दिलाया भरोसा, ST का दर्जा दिलाने के लिए कैबिनेट से पास करा दिल्ली भेजेंगे प्रस्ताव

गुमला में आयोजित तेली महाजतरा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने समाज के लोगों को कहा कि तेली समाज के लोग उन्हें वोट दें, वोट का बहिष्कार न करें, वे उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि उनकी मांगों को, वे कैबिनेट से पास कराकर उक्त रिपोर्ट को केन्द्र सरकार के पास भेजेंगे, वे खुद इसकी अनुशंसा करेंगे। दरअसल आज तेली महाजतरा में तेली समाज के लोगों ने तेली समाज को अनुसूचित जन-जाति में शामिल करने की मांग मुख्यमंत्री रघुवर दास से कर दी,

गुमला में आयोजित तेली महाजतरा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने समाज के लोगों को कहा कि तेली समाज के लोग उन्हें वोट दें, वोट का बहिष्कार करें, वे उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि उनकी मांगों को, वे कैबिनेट से पास कराकर उक्त रिपोर्ट को केन्द्र सरकार के पास भेजेंगे, वे खुद इसकी अनुशंसा करेंगे।

दरअसल आज तेली महाजतरा में तेली समाज के लोगों ने तेली समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग मुख्यमंत्री रघुवर दास से कर दी, जिसके आलोक में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने तेली समाज को यह भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर पिछड़ी जाति के लोगों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है, जैसे ही सर्वे रिपोर्ट आयेगी, पिछड़ी जातियों को उनका हक दिया जायेगा, क्योंकि वे चाहते है कि अपना समाज शक्तिशाली बने, और महाजतरा उसी की एक कड़ी है।

आज गुमला में बड़ी संख्या में तेली समाज के लोगों ने महाजतरा का आयोजन किया था, जिसमें भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास लावलश्कर के साथ पहुंचे थे, ऐसे भी रघुवर दास जातीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए खूब जाने जाते हैं, इसके लिए वे दिल्ली, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र और झारखण्ड के कोनेकोने में पहुंचते हैं तथा अपने समाज के लोगों को आगे बढ़नेबढ़ाने का टिप्स भी देते हैं।

यहीं कारण रहा कि उनके स्वजाति प्रेम को देखकर तेली समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से साफ कहा कि अगर तेली जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं मिला, तो वे वोट नहीं करेंगे, उनका कहना था कि अब तो आप सरकार है, लोकसभा चुनाव से पहले अगर एसटी का दर्जा नहीं मिला तो तेली समाज के लोग वोट नहीं देंगे, जिस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने खूले दिल से कहा कि जिसका जो हक हैं, वह उसे मिलकर रहेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास के इस कथन से तेली समाज के लोग खुश दिखाई दिये और सीएम रघुवर का शानदार स्वागत किया, मुख्यमंत्री भी अपने समाज के इस कार्यक्रम में खुद को पाकर गदगद दीखे।

Krishna Bihari Mishra

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नाचना बुरी बात थोड़े ही हैं, नाचे तो हमारे भोलेनाथ भी हैं, नाचे तो भगवान श्रीकृष्ण भी हैं, नाची तो मीरा भी है, अपने श्रीकृष्ण के लिए, ऐसे में हमारे मुख्यमंत्री रघुवर दास या उनके कैबिनेट में शामिल झाविमो से दल बदलकर आये कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह नाच दिये तो क्या हुआ? नाचना-गाना तो हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार हैं। हमारे झारखण्ड में तो प्रकृति भी नाचती हैं, सरहुल में अगर नहीं नाचे तो सरहुल पर्व ही संपन्न नहीं होगा।

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