ब्राह्मणों, विपक्षी नेताओं के बाद महिलाओं के खिलाफ भी CM का विवादास्पद बयान

झारखण्ड के सीएम रघुवर दास बयानवीर है, वे कब क्या बोलेंगे? किस पर क्या टिप्पणी कर देंगे? उन्हें कुछ समझ नहीं आता। जरा देखिये,  गढ़वा में ब्राह्मणों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने, विधानसभा में विरोधी दल के नेताओं के विरुद्ध अपमाजनक टिप्पणी करने के बाद अब जमशेदपुर में उन्होंने महिलाओं के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी कर दी।

आखिर हमारे सीएम रघुवर दास को बोलने कब आयेगा?

झारखण्ड के सीएम रघुवर दास बयानवीर है, वे कब क्या बोलेंगे? किस पर क्या टिप्पणी कर देंगे? उन्हें कुछ समझ नहीं आता। जरा देखिये,  गढ़वा में ब्राह्मणों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने, विधानसभा में विरोधी दल के नेताओं के विरुद्ध अपमाजनक टिप्पणी करने के बाद अब जमशेदपुर में उन्होंने महिलाओं के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी कर दी।


उन्होंने कल जमशेदपुर के सिदगोड़ा सूर्य मंदिर परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महिलाओं को कोट करते हुए एक विवादास्पद बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ने की जरुरत है, ताकि घंटे, दो घंटे जो वे चुगली में समय बिताती है, वह डेढ़ सौ- दौ रुपये ऐसे समय में कमाल लें।

अब सवाल उठता है कि क्या झारखण्ड की महिलाओं के बारे में सीएम का यहीं नजरिया हैं?

क्या झारखण्ड की महिलाएं अपने खाली समय सिर्फ चुगली करने में बिताती है?

क्या महिलाओं के बारे में सीएम की ऐसी सोच होनी चाहिए?  

इन सारे सवालों के जवाबों में नौकरीपेशा महिलाओं का कहना था कि जिस प्रकार का बयान महिलाओं के बारे में मुख्यमंत्री रघुवर दास का आया हैं, वह गैर-जिम्मेदाराना है, वह खुलकर सीएम का विरोध नहीं कर सकती, क्योंकि खुलकर विरोध करने पर, वे उनकी नौकरी को प्रभावित कर सकते हैं, पर इतना जरुर है कि अगर महिलाओं के प्रति उनकी इस प्रकार की सोच है, तो वह बेहद चिन्तनीय है, निन्दनीय है, और पूरे महिला समाज को इससे आघात पहुंचा है, सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास स्वयं एक पुरुष हैं, थोड़ा चिन्तन करें, तो पता चलेगा कि चुगली करने में पुरुष वर्ग ही सबसे आगे हैं, क्योंकि वहीं महिलाओं को बताते हैं, जिसे महिलाएं अन्य को बताती हैं, इसमें महिलाएं कहा से दोषी है?

Krishna Bihari Mishra

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