मुख्यमंत्री जनसंवाद मामला, CM के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग विपक्ष ने की

मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र यानी भ्रष्टाचार का अड्डा, इस अड्डे को लेकर अब संपूर्ण विपक्ष ने भी सवाल खड़े करने शुरु किये है, कल तक किसी विपक्ष का इस जनसंवाद केन्द्र में चल रहे भ्रष्टाचार पर ध्यान नहीं था, पर जैसे ही सत्ता पक्ष के केन्द्रीय मंत्री सरयू राय ने इसे मुद्दा बनाया और प्रथम दृष्टया ये स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा

मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र यानी भ्रष्टाचार का अड्डा, इस अड्डे को लेकर अब संपूर्ण विपक्ष ने भी सवाल खड़े करने शुरु किये है, कल तक किसी विपक्ष का इस जनसंवाद केन्द्र में चल रहे भ्रष्टाचार पर ध्यान नहीं था, पर जैसे ही सत्ता पक्ष के केन्द्रीय मंत्री सरयू राय ने इसे मुद्दा बनाया और प्रथम दृष्टया ये स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा और इस पर विधिसम्मत कार्रवाई के लिए उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखा, तब सारे के सारे विपक्ष धीरे-धीरे एक स्वर में इस केन्द्र के खिलाफ मुखर होने लगे।

नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन तो साफ कहते है कि इस राज्य के मुखिया भ्रष्टाचार का रिकार्ड बनाने में लगे है, ऐसे में मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र ही नहीं, बल्कि जिस विभाग में आप हाथ डालेंगे, वहां आपको गड़बड़िया मिलेगी जबकि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता के एन त्रिपाठी ने कहा है कि जब राज्य के एक जिम्मेदार मंत्री, वह भी कैबिनेट स्तर के, जब इस प्रकार के मामले उठाते हुए, उसे गंभीर बताते है तो, निःसंदेह इस पर कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि यहां मंत्री ने ही मुख्यमंत्री के देख रेख में चल रहे मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र पर गंभीर आरोप लगाए है।

के एन त्रिपाठी की माने तो जो एविंडेंस, मंत्री सरयू राय ने राज्य के आला अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं, उसी को आधार बनाकर केस दर्ज करना चाहिए, तथा मुख्यमंत्री के अलावे, उन अधिकारियों पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए, जो ऐसी गड़बड़ियों को फैला रहे हैं, तथा गवाह मंत्री सरयू राय को बना देना चाहिए।

सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र में कई प्रकार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं, जिसे बचाने का काम विभाग के बड़े अधिकारी, मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कार्यरत बड़े-बड़े अधिकारी करते रहते है, आश्चर्य है कि एक बार जांच कमेटी भी बनाई गई, जिसने सीएमओ को रिपोर्ट दिया, जिसमें स्पष्ट रुप से गड़बड़ियां पाये जाने का उल्लेख है, जिसका समाचार के रुप में कई बार विद्रोही 24.कॉम ने उल्लेख किया पर यहां भ्रष्टाचार ऐसा है कि किसी को कोई फर्क ही नहीं पड़ता, पर चूंकि अब विपक्ष ने भी इसे मुद्दा बनाया है, तो यह स्वीकारना पड़ेगा कि संभव है कि सरकार बहादुर के कानों पर जूं रेंगे और इसमें कुछ ऐसी व्यवस्था करेंगे, जिससे दोषियों को उसके किये की सजा मिल सकें।

Krishna Bihari Mishra

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