राजनीति

CM हेमन्त ने राज्य में क्रियान्वित योजनाओं को लेकर विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा योजनाएं कागज पर नहीं, जमीन पर भी दिखनी चाहिए

राज्य में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत क्या है? सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स की प्रगति की क्या गति है? गरीबों और जरूरतमंदों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कितना आगे बढ़े हैं? जन समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारी कितने गंभीर हैं? इन्ही विषयों को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव /सचिव की उपस्थिति में जिलों के उपायुक्तों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। 

बैठक की शुरुआत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा से हुई। मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में विभिन्न जिलों में मनरेगा की योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण इलाकों से रोजगार की तलाश में मजदूरों का पलायन होने की बात लगातार सामने आ रही हैं।

यह चिंताजनक है। सरकार ने रोजगार सृजन के लिए मनरेगा के तहत कई योजनाएं चला रखी है। हर पंचायत में कम से कम पांच योजनाओं का संचालन होना है। इसे आप प्राथमिकता के साथ लागू करें, ताकि मजदूरों को अपने गांव-घर में रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों को कहा कि वे सभी राशन कार्ड धारियों और विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को कम से कम दो-दो फलदार पेड़ देना सुनिश्चित करें। इससे ना सिर्फ ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बेहतर कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पंचायतों के बाद अब वैसे गांवों को चिन्हित करें, जहां ज्यादा आबादी है और वहां वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना के तहत खेल मैदान विकसित किए जाएं, ताकि सरकार ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की जो योजना बनाई है, उसका बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सके। शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं जो खेल में रुचि रखते हैं वैसे खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

इससे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विद्यालयों में महीनें में एक दिन स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया जाय और इस दिन विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन हो। इसके अलावा विभिन्न माध्यमों से बच्चों और उनके अभिभावकों की इसकी सूचना दी जाए ताकि वे स्पोर्ट्स डे शामिल हो सकें। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के लिए भी इस तरह की खेल योजना बनाने का निर्देश दिया।

पंचायती राज विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पंचायती राज विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिलों के उपायुक्त ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में प्रज्ञा केंद्र स्थापित करना सुनिश्चित करें। सभी गांवों में प्रज्ञा केंद्र संचालित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े इस सोच के साथ प्रज्ञा केंद्रों को पूर्णरूपेण कार्यरत करें।

आम जनता को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, नया आधार कार्ड बनाना तथा आधार कार्ड में भूल सुधार आदि कार्य उनके निकटतम प्रज्ञा केंद्र में ही ससमय उपलब्ध कराया जा सके, इस लक्ष्य के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले तीन महीने के अंदर राज्य के सभी प्रज्ञा केंद्रों में बिजली, पानी, जनरेटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं सिक्योरिटी सहित अन्य जरूरी सुविधा हर हाल में उपलब्ध करायी जाए। सभी प्रज्ञा केंद्रों के कार्यप्रणाली में सुधार हो यह सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रज्ञा केंद्रों में कंप्यूटर की उपयोगिता शत प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रज्ञा केंद्रों में कंप्यूटर कार्यरत रहेगा तभी सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों में बैंक से संबंधित कार्य एवं पोस्ट ऑफिस से संबंधित कार्यों की सुविधा भी सुनिश्चित करायी जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी पंचायत भवनों में प्रज्ञा केंद्र स्थापित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में लगभग 20 हजार प्रज्ञा केंद्र कार्यरत है। आने वाले दिनों में प्रज्ञा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 35 हजार तक करने का कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में कार्यरत सखी मंडल की महिलाएं भी प्रज्ञा केंद्र संचालित कर सकें इस निमित्त एक बेहतर कार्य योजना तैयार करें।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायतों को सशक्त करने के संकल्प के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करें। पंचायती राज विभाग 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग भी सुनिश्चित करे। योजनाओं को पूर्ण करने निमित्त 15वें वित्त आयोग से बैकअप सपोर्ट लें। पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का ससमय ऑडिट करने का कार्य भी सुनिश्चित की जाए।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा

★ प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शत प्रतिशत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि जल्द से जल्द दी जाए।

★विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 146 करोड़ रुपए में से लाभुकों के बीच 104 करोड़ रुपये किए जा चुके हैं वितरित।

★ मुख्यमंत्री ने कहा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति से जुड़ी कुछ समस्याओं की जानकारी मुझे मिली है। सुनिश्चित करें कि बच्चों को कोई भी समस्या न हो।

★ मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत लाभुकों को मदद, उनकी मॉनिटरिंग करने का भी काम करें।

★ जहां-जहां आवेदनकर्ताओं को सीएमईजीपी योजना अंतर्गत लाभ नहीं मिला है वहां उन्हें योजना से शीघ्र जोड़ना सुनिश्चित करें।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में दिए कई निर्देश

★ सभी जिले यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन से वंचित नहीं है। इस संदर्भ में 30 जून तक वे अपनी रिपोर्ट सरकार को समर्पित करें।

★ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में दिव्यांगता के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में दिव्यांगता क्यों बढ़ रही है और किन-किन इलाकों दिव्यांगता के केसेज ज्यादा आ रहे हैं, इसकी मैपिंग उपायुक्त अपने स्तर पर कराएं ताकि इसे रोकने की दिशा में आवश्यक कदम उठाया जा सके।

★ राज्य में लगभग 11 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन बनाया जाना है। इसके लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में सभी उपायुक्त कदम उठाएं और डीएमएफटी तथा सीएसआर फंड से भवन निर्माण का कार्य सुनिश्चित करें।

★ विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य में पंचानवे प्रतिशत दिव्यांगों को दिव्यांगता पेंशन से आच्छादित किया जा चुका है।

★ सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत 9 लाख बच्चियों को इसका लाभ सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से 7 लाख 29 हज़ार बच्चियों को इस योजना से अब तक जोड़ा जा चुका है।

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा

★ 14 अगस्त 2023 तक राज्य के शत प्रतिशत पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से आच्छादित करें।

★ राज्य में 24 लाख से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, हर हाल में यह लक्ष्य प्राप्त होना चाहिए।

★ विगत 2 वर्षों में किसानों के बीच 10,912 करोड़ रुपए की राशि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए वितरित किया गया है। राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों से संबंधित प्रत्येक योजना को पारदर्शिता के साथ उन तक पहुंचाएं।

★ मुख्यमंत्री कृषि ऋण राहत योजना में किसी भी हाल में लापरवाही नहीं बरतें। चिन्हित पात्र किसानों को मुख्यमंत्री कृषि ऋण राहत योजना का लाभ अवश्य पहुंचाएँ।

★ कृषि ऋण माफी के वैसे लाभुक जो छूटे हुए हैं उनकी वस्तुस्थिति एकत्र कर ऐसे सभी जरूरतमंद किसानों को लाभ पहुंचा कर saturate करने का काम करें।

★ मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत वितरित किए गए पशुओं का बीमा अनिवार्य करें। कमेटी बनाकर पशु बीमा इंश्योरेंस में पहुंच रही बाधाओं को दूर करें।

★ वैसे पशु बीमा कंपनी जिन्होंने लापरवाही बरती है उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।

★ वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री पशु विकास योजना के तहत पशु बीमा हेतु राज्य सरकार ने 12 करोड़ रुपए का प्रीमियम भरा है, परंतु पशु बीमा का लाभ राज्य के किसानों को नहीं मिल पा रहा है। पशु बीमा का लाभ अनिवार्य रूप से किसानों के मिले यह हर हाल में सुनिश्चित करें।

★ हमारे किसान मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी मुश्किल से निवेश करते हैं। किसानों को किसी प्रकार से कोई नुकसान नही पहुंचे इसका विशेष ध्यान रखें।

★ खरीफ फसल हेतु बीज वितरण एवं फर्टिलाइजर सप्लाई का कार्य ससमय पूरा करें। वितरण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें।

★ राज्य के प्रत्येक जिले में फर्टिलाइजर स्टॉकिस्ट बनाएं। यूरिया, डीएपी सहित अन्य फर्टिलाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा 

★ जल जीवन मिशन के तहत इस माह के अंत तक  ग्रामसभा करा कर शत प्रतिशत टैप वाटर से आच्छादित 505 गांवों के हर घर जल सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश। इसके लिए स्पेशल ड्राइव चलाया जाए।

★ भूमिगत जल के रिचार्ज और सभी तरह के जलाशयों के संरक्षण के लिए एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश।

★ जल की बर्बादी ना हो, इसके लिए सभी तरह के आवासीय परिसरों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।

★ विभाग की ओर से बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत 36 प्रतिशत घरों में नल से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था हो चुकी है।

डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाऊंडेशन ट्रस्ट) के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा 

★ डीएमएफटी फंड का उपयोग प्रत्येक जिला शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, आधारभूत संरचना सहित अन्य विकास योजनाओं के कार्य के लिए प्राथमिकता के तौर पर करें।

★ डीएमएफटी फंड से जनहित की कई योजनाएं ली जा सकती हैं। सही योजना लेकर जरूरतमंद लोगों को अधिक से अधिक लाभ देने का प्रयास करें।

★ कई जिलों में डीएमएफटी फंड के तहत बड़ी राशि उपलब्ध है। डीएमएफटी फंड को खनन क्षेत्र की विकास योजनाओं में खर्च करने का बेहतर रोडमैप तैयार कर योजना का अनुमोदन लें।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा

झारखंड एजुकेशन रिफॉर्म की ओर आगे बढ़ रहा है। पहले चरण में 80 स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तब्दील किया गया है। सभी वर्ग-समुदाय के लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इस नई पहल को सराहा है। बच्चों ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में तब्दील इन विद्यालयों में नामांकन को लेकर रुचि दिखायी है। अभिभावकों में बच्चों के क्वालिटी एजुकेशन को लेकर राज्य सरकार के प्रति विश्वास जगा है। आने वाले समय में सरकार का यह नवीन पहल राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इन स्कूलों पर सभी जिलों के उपायुक्त विशेष नजर रखें।

★ अक्सर देखा जाता है कि सरकारी व्यवस्था की शुरुआत बहुत अच्छी होती है लेकिन अंत उतनी अच्छी तरह से नहीं होता है। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं हो यह सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी तरह स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की व्यवस्था ध्वस्त न हो यह सुनिश्चित करें।

★ राज्य के प्रत्येक जिलों में अलग-अलग व्यवस्थाएं एवं क्षमताएं हैं। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कई और चीजें जोड़ने की आवश्यकता है। उपायुक्त निरंतर इन स्कूलों का मॉनिटरिंग करें।

★ कभी-कभी विभाग या कार्यपालिका के अंदर कार्यशैली में विसंगतियां पाई जाती हैं जो उलझने पैदा करती हैं। कई बार व्यवस्थाओं में चीजें पीछे जाने लगती है ऐसा बिल्कुल न हो इसका ख्याल रखें।

★ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पठन-पाठन के अलावा और कोई कार्य में न लगाएं इस निमित्त विभाग एक नियमावली तैयार करे। विभाग यह भी सुनिश्चित करें कि जिला के उपायुक्त जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर गुणवत्ता शिक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे।

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा 

★ विभाग जाति प्रमाण पत्र 30 दिन के भीतर निर्गत कराना सुनिश्चित करे।

★ वर्ग 9-12 में अध्ययनरत बच्चों को अभियान चलाकर प्राथमिकता के तौर पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें।

★ स्कूली शिक्षा विभाग तथा प्रज्ञा केंद्र बेहतर समन्वय बनाते हुए प्रमाण पत्र निर्गत करने का कार्य करें।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में कहा कि पंचायत स्तरीय दवा दुकान  योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को दवा दुकान के लिए लाइसेंस दिया जाना है। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में विशेष रणनीति बनाकर कार्य करें। इस संबंध में युवाओं को इस योजना के तहत दवा दुकान खोलने के  लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 12 विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा के क्रम में सभी उपायुक्तों से कहा कि वे अपने- अपने जिले में एक ही जगह कम से कम 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएं । इस जमीन पर अगले 3 महीने के अंदर सोलर पार्क योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से सभी तरीके के सरकारी जमीनों का आईडेंटिफिकेशन करने के साथ वहां सरकार का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।

* बिरसा हरित ग्राम योजना में 1 लाख एकड़ प्रति वर्ष का हम लोग लक्ष्य रखे थे, आप लोग इसे 25 हजार एकड़ प्रति वर्ष पर ला दिए। इस वर्ष किसी भी कीमत पर इस लक्ष्य को 50 हजार एकड़ पर ले जाइए। तीन महीने का काम है सब लोग लग जाइए। नर्सरी की बात हो रही थी। मुझे लगता है कृषि विभाग के पास नर्सरी बनाने का पैसा भी रहता है, आप सुनिश्चित कीजिये की प्रत्येक किसान पाठशाला में एक-एक नर्सरी प्रारंभ हो। इसके लिए अलग से पैसा का व्यवस्था कीजिये।

* अभी तक पंचायत में एक खेल के मैदान का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। यह प्रतिशत जो देख रहे हैं और हम भी कह रहे हैं कि 81 % अचिवेमेंट है, बढ़िया है। परन्तु, दूसरा पक्ष क्या है? आप अपने जिलों में तीन वर्ष में पंचायत में एक खेल का मैदान नहीं बना पाए हैं। कार्य में सुधार लाइए। प्रत्येक पंचायत में 1-1 नये खेल का मैदान स्वीकृत कीजिये। अगली बार रिव्यु में हम प्रति पंचायत दो खेल के मैदान पूरा देखना चाहते हैं।

* प्रत्येक खेल के मैदान के चारों तरफ पौधा इसी बरसात में लगाने की व्यवस्था कीजिये। मनरेगा से प्रत्येक गाँव में सिद्धो-कान्हो क्लब बनाना था। अभी तक राज्य भर में एक भी नहीं बन पाया है। मेरी गुजारिश होगी कि अगले तीन महीने में प्रत्येक पंचायत में एक-एक क्लब बना दीजिये।  मेरी योजना है कि इन क्लबों को पोटो हो खेल के मैदान के देख रेख का जिम्मा दिया जाए एवं प्रति वर्ष खेल सामग्री के लिए कुछ राशि भी दी जाएगी।

* कुआँ का खेल झारखण्ड में बहुत पुराना है। आप स्थल निरिक्षण करवाइए तभी कुआँ स्वीकृत कीजिये। अगले तीन माह में सभी एक लाख कुआँ की स्वीकृति मिल जानी चाहिए। उपायुक्त इसमें विशेष रूचि लेंगे।

* 10 वर्ष से हम लोग पंचायत भवन बना रहे हैं परन्तु अभी तक पूरा नहीं कर पाए हैं। अगले तीन महीने में जहाँ भवन स्वीकृत नहीं हुआ है वहाँ स्वीकृत कीजिये एवं बिजली, सोलर यूनिट, प्रज्ञा केंद्र, एप्रोच रोड, कंप्यूटर कि व्यवस्था सभी पंचायत भवनों में हो जानी चाहिए।

* सभी पंचायत भवन का एक रंग होना चाहिए। अगले सात दिन के अन्दर विभाग इसे फाइनल करके जिलों को भेज दे, मुझे भी दिखा लीजियेगा। कहीं से फण्ड कि व्यवस्था कीजिये और इस काम को तीन महीने के अंदर पूरा करवाइए। नाम के साथ एक अच्छा फ्लेक्स भी लगवाइये सभी भवनों में।

* आईटी डिपार्टमेंट 3 महीने के अन्दर सभी पंचायत भवन, PACS / LAMPS एवं JSLPS के CLF में प्रज्ञा केंद्र खुलवाना सुनिश्चित करे। CMEGP पोर्टल जल्द प्रारंभ हो जाना चाहिए । हम पहले भी कहे हैं आप अपने-अपने जिले में खुद के प्रयास से 10 अच्छा प्रोजेक्ट प्रारंभ करवाइए। सैलून, मिट्टी का बर्तन का काम से सम्बंधित, डोकरा बनाने का यूनिट, गाड़ी का वर्कशॉप, डेयरी, चमड़े से जुड़ा उद्योग, लकड़ी के काम से जुड़ा यूनिट, सिलाई केंद्र इस ढंग के और भी काम हैं। आप लोग अपने जिले में कम-से-कम एक-एक यूनिट स्वीकृत करवाइए।

* 15 दिन के अन्दर सभी आंगनबाड़ी भवनों को अगले तीन वर्ष में बनाने की कार्ययोजना हमारे समक्ष होनी चाहिए। आप लोग किस ढंग से काम किये हैं। उसकी बानगी देखिये कि पेंशन योजना में सिर्फ 6.5 लाख लोगों का ही मोबाइल नंबर दिया गया है और यह हम नहीं मान सकते हैं कि इतने सारे परिवारों के पास या उसके पास-पड़ोस में मोबाइल है ही नहीं। इस स्थिति को सुधारिए।

* सावित्री बाई फुले योजना में अभी भी बहुत बच्चियां छूट गयी हैं। सभी सरकारी विद्यालय से इस सम्बन्ध में सर्टिफिकेट लीजिये।

* ग्रामीण विकास/ कल्याण/कृषि विभाग मिलकर बैठक करें एवं एक महीने के अन्दर मुख्यमंत्री पशुधन योजना के इस वर्ष के लक्ष्य के अनुरूप योजनाओं को स्वीकृत कर दे।

* किसान क्रेडिट कार्ड देने में हमने अच्छी प्रगति की है। जून-जुलाई में किसानों को क्रेडिट की बहुत आवश्यकता होती है। आप लोग 15 दिन का एक कार्यक्रम बनाइए। इस दरम्यान कम से कम 5 लाख किसानों को KCC से जोड़िये। 

* जल जीवन मिशन में सही से काम करना होगा। नहीं तो झारखण्ड जैसे राज्य के लिए यह योजना अभिशाप सिद्ध होगी। जैसे चापाकल में 30- 40 फीट ही पाइप डालता था वैसे ही इसमें भी अगर किया गया तो समझ लो और ऐसा हो रहा होगा। आप उपायुक्त इस योजना पर भी विशेष ध्यान देंगे।

* DMFT में आप लोग कुछ भी योजना ले लेते हैं। CS महोदय 10-15 मोडल प्रोजेक्ट बनवाइए। जिलों को भेज दीजिये और हो सके तो जिले इन्हीं में से योजनाओं का चयन करें। जिले में आप अपनी मर्जी से जितनी संख्या में योजना लेना है लीजिये।

* उत्कृष्ट विद्यालय पर आप सभी का विशेष ध्यान होना चाहिए। वहां सुचारू रूप से SMC अपना काम करे, साफ़-सफाई हो, मध्याहन भोजन मिले। यह आपको देखना है। कोई जिला अपनी तरफ से कुछ जोड़ना चाहता है तो उसका भी स्वागत है। दूसरे जिले आपसे सीखेंगे।

* पशु बीमा पर अभी मेरी नजर गयी थी। हम बीमा कर रहे हैं और गाँव में पशु मर भी रहे हैं ऐसे में उन्हें सहयता क्यों नहीं मिल रही है? जहाँ तक मुझे जानकारी मिली है। इसमें बहुत बड़ा घोटाला सामने आने वाला है। कहीं बीमा कंपनी शर्त लगा रखी है कि 15 दिनों के बाद अगर मृत्यु होती है यह उसकी जिम्मेवारी नहीं होगी। कहीं लिखा है कि बीमा राशि सिर्फ लाभुक अंशदान के विरुद्ध ही मिलेगा। आखिर इतना कुछ हो रहा था और सभी लोग आँख बंद किये हुए थे। सभी जिले पशु बीमा से सम्बंधित रिपोर्ट सात दिनों के अन्दर भेजेंगे और उपायुक्त इस विषय पर अपने जिले में थोड़ा ध्यान दें।