लो चोटीकटवा झारखण्ड भी पहुंच गया

पलामू जिले में है, छतरपुर और ठीक उसके सटे है बौरहवाखांड गांव जहां रहती है, देवकली देवी। देवकली देवी बताती है कि कल रात को वो साग भात खाकर सोने गई और जब सुबह उठी और अपने बालों पर हाथ फेरा, तो उनके चोटी गायब थे। गांववाले बताते है कि देवकली देवी की चोटी बहुत बड़ी थी, पर रात में चोटीकटवा के काट लिये जाने से वो चोटी ही नहीं दीख रही। इस घटना के बाद से गांववाले भी परेशान है

पलामू जिले में है, छतरपुर और ठीक उसके सटे है बौरहवाखांड गांव जहां रहती है, देवकली देवी। देवकली देवी बताती है कि कल रात को वो साग भात खाकर सोने गई और जब सुबह उठी और अपने बालों पर हाथ फेरा, तो उनके चोटी गायब थे। गांववाले बताते है कि देवकली देवी की चोटी बहुत बड़ी थी, पर रात में चोटीकटवा के काट लिये जाने से वो चोटी ही नहीं दीख रही। इस घटना के बाद से गांववाले भी परेशान है और किसी अनहोनी से सहमे हुए है। स्थानीय पुलिस इस घटना की जानकारी मिलने के बाद देवकली देवी से मिलने उनके घर पहुंची और मामले की जांच शुरु कर दी है। गांववाले इस घटना को लेकर ज्यादा चिंतित है।

ज्ञातव्य है कि इन दिनों पूरे देश में चोटीकटवा की खबर आग की तरह फैल रही है। राजस्थान से शुरु हुई चोटीकटवा की खबर बिहार होते हुए आज झारखण्ड में भी अपना पैर पसार दी। स्थानीय पुलिस को चाहिए कि इस घटना पर जल्द ही रोक लगाये, नहीं तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। जो लोग इस घटना में शामिल है, और समाज को एक नये जंजाल में फंसाने की कोशिश कर रहे है, ऐसे असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने की जरुरत है, खुशी इस बात की है पुलिस इस घटना की जानकारी मिलते ही देवकली से मिलकर पूछताछ की और आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। लोगों को भी इन अफवाहों से दूरी बना लेना चाहिए।

 

Krishna Bihari Mishra

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एक बेटा ये है और एक बेटा वो भी हैं

Thu Aug 10 , 2017
जानते है, जब एक औलाद का जन्म होता है तो एक मां-बाप को कितनी खुशी होती है, वो खुशी उसकी पदोन्नति की होती है। वह मां बनी है, वह बाप बना है, पिता बना है, पालनकर्ता बना है एक बच्चे का, जो बड़ा होकर उसकी तकदीर बनेगा, भविष्य बनेगा, जब वो लहुलूहान होगा तो वह पूछेगा कि पापा आप कैसे हो? मां कैसी हो? और जैसे ही उसके मुख से ये शब्द निकलेंगे, उसके सारे जख्म और पीड़ा समाप्त हो जायेंगे।

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