मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के पुलिस अधीक्षकों की ली क्लास, कहा लॉ एंड आर्डर को ठीक करने में अपनी ऊर्जा लगाएं

राज्य और राज्य वासियों की बेहतरी और विकास के लिए बेहतर पुलिसिंग बेहद जरूरी है। विशेषकर जिलों में बेहतर पुलिसिंग और लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने में पुलिस अधीक्षकों की भूमिका काफी अहम है। आपको विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्क और चौकस रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर को कैसे बेहतर बनाएं इस पर आपको अपने स्तर पर भी कार्य करने की जरूरत है। आपकी सकारात्मक पहल  राज्य में शांति एवं सदभाव का माहौल बनाती है।

अपराध के कई चेहरे आ रहे सामने

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की कई चेहरे हैं। तरह -तरह के अपराधिक मामले सामने आगे आ रहे हैं । साइबर अपराध और महिला उत्पीड़न जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इनसे निपटने के लिए आपको ठोस रणनीति के साथ काम करना होगा। भुक्तभोगी को जल्द से जल्द इंसाफ मिले, इस दिशा में आपको पूरी कार्रवाई करने की जरूरत है।

कहीं कठोरता से तो कहीं संजीदगी और संवेदना से निर्णय लें

मुख्यमंत्री ने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि अपराधियों से निपटने के लिए आप कठोरता से कार्रवाई करते हैं। वहीं,  महिला और पारिवारिक मामलों में पूरी संजीदगी और संवेदना के साथ आपको अपनी जिम्मेदारियों को निभाना होता है। ऐसी दोनों ही परिस्थितियों में आपका निर्णय काफी मायने रखती है। आप ऐसा कदम उठाए, जिसका सकारात्मक नतीजा सामने आए।

छोटी-छोटी घटनाएं तूल न पकड़े, इसका ध्यान रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी छोटी-छोटी घटनाएं काफी तूल पकड़ लेती हैं।  अफवाह अथवा किन्ही और वजह से ऐसी घटनाएं इतनी तेजी से फैलती है कि इसका असर एक बड़े वर्ग को प्रभावित करता है। ऐसी घटनाएं तूल नही पकड़े, इसका पूरा ध्यान रखें। इस तरह के मामलों का समाधान आप पूरी सावधानी और सतर्कता से करें ताकि इसे उसी स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके ।

अपराधिक घटनाओं को हर हाल में नियंत्रित करें

मुख्यमंत्री ने राज्य में अपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राज्य में अपराधिक घटनाओं की समीक्षा के क्रम में हत्या, लूट, डकैती, फिरौती, गृह उद्भेदन, दुष्कर्म समेत कई मामलों की जिलावार विस्तृत जानकारी ली और ये निर्देश दिए।

  • वारंटों का तामिला त्वरित गति से करें।
  • विभिन्न मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की गति तेज हो।
  • कांडों के अनुसंधान में तेजी लाई जाए।छोटे-छोटे केसों में कई लोग लंबे समय से जेल में बंद हैं। ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्दी निष्पादन किया जाए।
  • शहरों और हाईवे पर पेट्रोलिंग में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाए।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस सूचना तंत्रों के साथ संपर्क को बेहतर बनाएं।
  • थानों की व्यवस्था को दुरुस्त करें और मामलों का निष्पादन जल्द हो।
  • वर्दी के प्रति लोगों की विश्वसनीयता बढ़े, इसे ध्यान में रखकर पुलिस अपनी कार्रवाई करें।
  • शक्ति एप्प का करें प्रचार प्रसार करें, ताकि महिलाएं अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सके।
  • स्कूल कॉलेजों के आसपास मनचलों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चले।

आपराधिक मामलों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई

  • मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर इस वर्ष अब तक 353 केस दर्ज किए गए हैं और 489 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
  • इस वर्ष 2628 एकड़ खेत से गांजा की अवैध फसल को नष्ट किया गया है। इसमें 41 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जबकि 13 की गिरफ्तारी हुई है।
  • इस वर्ष साइबर अपराध के कुल 617 केस दर्ज किए गए हैं । जिनमें 417 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं, कई पीड़ितों को 72 लाख रुपया की वापसी कराई गई है।
  • इस वर्ष बालू के अवैध कारोबार को लेकर 903 छापेमारी की गई है। जिसमें 725 केस दर्ज किए गए हैं और 430 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा 15 सौ से ज्यादा वाहन जब्त किए गए हैं।
  • पत्थर के अवैध कारोबार को लेकर इस वर्ष 260 छापेमारी की गई है और 164 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जबकि, 322 वाहन जब्त किए गए हैं।
  • शराब के अवैध कारोबार को लेकर दर्ज किए गए 386 मामलों में 350 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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