ना इज्जत की चिंता, न फिक्र कोई अपमान की, गिरोह चड्डी-बनियान की, जय बोलो…

आजकल पूरे झारखण्ड में चड्डी-बनियान गिरोह की चर्चा हैं। लोगों की नींद, रातों की चैन गायब है। पुलिसवाले भी माथा-पच्ची में जुटे है, ये कैसा गिरोह हैं भाई, जो चोरी-डकैती करने के पूर्व अतिपवित्र अंतरंग वस्त्रों को धारण करता है, और उसी से अपने चोरी-डकैती के कार्यों को अंजाम देता हैं।

ना इज्जत की चिंता, न फिक्र कोई अपमान की, जय चड्डी-बनियान की, जय बोलो…………. आजकल पूरे झारखण्ड में चड्डी-बनियान गिरोह की चर्चा हैं। लोगों की नींद, रातों की चैन गायब है। पुलिसवाले भी माथा-पच्ची में जुटे है, ये कैसा गिरोह हैं भाई, जो चोरी-डकैती करने के पूर्व अतिपवित्र अंतरंग वस्त्रों को धारण करता है, और उसी से अपने चोरी-डकैती के कार्यों को अंजाम देता हैं। खुशी इस बात की है कि इस चड्डी-बनियान गिरोह के 16 सदस्यों की गिरफ्तारी हो गई है। इसके अलावे 30 अन्य को मधुपुर स्टेशन और कुछ को करमाटाड़ से गिरफ्तार कर लिया गया, गिरफ्तार लोगों में महिलाएं भी शामिल है। ये सभी मध्यप्रदेश के गुना जिले के रहनेवाले है।

चड्डी-बनियान गिरोह को पकड़वाने में सीसीटीवी की भूमिका अहम

इस चड्डी-बनियान गिरोह ने हाल ही में रांची के न्यू पुनदाग के मंगलम ज्वेलर्स से पचास लाख के गहने और दस लाख रुपये की चोरी कर ली थी। सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि ये सारे के सारे चोर चड्डी-बनियान गिरोह के है, तब जाकर झारखण्ड की पुलिस सक्रिय हुई और इस सीसीटीवी फुटेज को सारे थानों में भेजने का काम किया गया, ताकि जल्द से जल्द इस गैंग पर पकड़ बनाई जा सकें, साथ ही इनके मोबाइल लोकेशन भी लिये जा रहे थे, जिसके कारण पुलिस जल्द ही इस चड्डी-बनियान गिरोह तक पहुंचने में सफल हो सकी। बताया जाता है कि यह गिरोह पिछले दो दिनों से करमाटाड़ में अपना ठिकाना बना रखा था और यहीं से ये बिहार और बंगाल में भी चोरी और लूट की घटना को अंजाम दे रहे थे।

दिन में फेरी का काम, भीख मांगना और रात में चोरी को अंजाम देना

ये चड्डी-बनियान गिरोह के सदस्य दिन में भीख मांगने का काम करते, कभी-कभी फेरी भी लगा लेते और इसी दौरान जहां चोरी की घटना को अंजाम देना है, वहां की ये बेहतरीन ढंग से दिन में रेकी कर लेते और उसके बाद रात में चोरी की घटना को अंजाम दे देते, पर इन्हें क्या पता कि कोई उनकी इस बेहतरीन चोरी की घटना का बहुत अच्छे ढंग से विजुयल उतार रहा हैं, ये तो सामान्य ढंग से अपने चोरी की घटना को चड्डी-बनियान की सहायता से मूर्त्तरुप दे रहे थे, फिलहाल ये झारखण्ड पुलिस के हत्थे चढ़ गये हैं, सामान्य तौर पर स्वयं को अतिनिर्धन दिखलानेवाले ये गुलगुलियों का समूह कितना शातिर है, वह इसी बात से पता चल जाता है कि इनके पास से लाखों के चोरी के गहने, कई मोबाइल सेट, कैमरा, बटुएं, सोने-चांदी के सिक्के बड़ी मात्रा में पाये गये।

सदा के लिए संदेह के घेरे में आ गया गुलगुलियों का समूह

राहत इस बात की है, कि बड़ी जल्दी ही चड्डी-बनियान गिरोह को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया, पर दुख इस बात की कि आनेवाले समय में जब कभी यह खानाबदोश जाति गुलगुलियों का समूह कहीं ठिकाना लगायेगा, तो लोग शक की निगाहों से इसे देखेंगे और फिर इनका जीना मुश्किल हो जायेगा, क्योंकि फिर लोग यहीं समझेंगे कि लो फिर आ गया, चड्डी-बनियान गिरोह…

Krishna Bihari Mishra

One thought on “ना इज्जत की चिंता, न फिक्र कोई अपमान की, गिरोह चड्डी-बनियान की, जय बोलो…

  1. परम्परा को बदनाम कर दिया..अफ़शोष
    रांची पोलिस को बधाई

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मुख्यमंत्री रघुवर दास का छत्तीसगढ़ प्रेम छलका, अब टच स्टोन के हवाले गरीबों का निवाला

Fri Jul 21 , 2017
क्या झारखण्ड की जनता इतनी गई गुजरी हैं कि, वह अपने भाई-बहनों को ठीक से खाना भी नहीं खिला सकती?  यह सवाल मैं इसलिये उठा रहा हूं क्योंकि रघुवर सरकार ने खिलाने-पिलाने के लिए भी एक नई कंपनी को हायर कर लिया है, जो शर्मनाक है। राज्य की भोली-भाली जनता को शायद ही मालूम है कि रघुवर सरकार ने पिछली मंगलवार की कैबिनेट में मुख्यमंत्री दाल भात योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री कैंटीन योजना रख दिया और इसका जिम्मा सौंप दिया छतीसगढ़ की कंपनी मेसर्स टच स्टोन फाउँडेशन को।

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