अवसरवादियों को अपनी किताबों की, पर मंच पर बैठे दिशोम गुरु को आज भी झारखण्ड की चिन्ता सता रही थी
क्योंकि गुरुजी तो गुरुजी है, उन्हें पहले चालाकी नहीं आयी तो आज वे क्या चालाकी करेंगे? जिन्हें नाटक करना था, उन्होंने खूब नाटक किया, खुब मुंह चमकाये, हाथ भांजे, चिल्लम-पो की। उस नाटक को देख प्रभावित हुए, कार्यक्रम का संचालन कर रहे पटना से आयातित एंकर ध्रुव कुमार ने तो प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक एवं तीन किताबों के लेखक अनुज कुमार सिन्हा को भारत के किसी भी विश्वविद्यालयों से डी. लिट की मानद उपाधि देने की अपील तक कर दी।
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