अभिनन्दन उन युवाओं का, जो कोरोना के इस घातक लहर में अपनी जान की परवाह किये बिना प्रभावितों की सेवा में जी-जान से जुटे हैं
मुझसे कोई पूछे कि भारत कहां रहता हैं, तो मैं इन युवाओं को देख सीधे कह दूं कि भारत इन्हीं के दिलों में रहता है, इन्हीं के दिलों में धड़कता है, इन्हीं के दिलों में सजता-संवरता है। जरा देखिये न, रांची में क्या हो रहा है? एक तरफ वैसे-वैसे बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारियों व बड़े-बड़े धनाढ्यों के निजी अस्पताल है, जहां एक ही धंधा चल रहा हैं, कि कैसे कोरोना मरीजों के परिवारों की जेबों पर डाका डाला जाये, उनके जेब में जो भी कुछ हैं, निकाल लिया जाय।
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