“ए चंदा मामा, आरे आव, बाड़े आव” लोरी सुनकर बड़े होनेवालों, तुम्हें भोजपुरी में अश्लीलता कहां से दीख जाती है
जब-जब होली आता है, भोजपुरी में फुहड़ता है, भोजपुरी के गीत अश्लील होते हैं, ऐसी बातें कहनेवालों की संख्या बहुतायत हो जाती है, इधर जब से बिहार सरकार ने कथित अश्लील गीत बजाने पर प्रतिबंध लगाया है, तो ऐसा कहनेवालों की संख्या भी बलवती हो गई है, पर सच्चाई यह भी है कि ऐसा कहनेवालों की मोबाइल की ठीक ढंग से जांच हो जाये, तो इनमें 80 से 90 प्रतिशत लोग अश्लील फिल्में या अश्लील डांस या अश्लील गीतों को सुनते अथवा देखते मिल जायेंगे, जिसे सभ्य भाषा में ड्यूल करेक्टर भी कहते हैं।
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