भाजपा का आरोप – हेमन्त सरकार ने 32 BDO का पदस्थापन कर किया आचार संहिता का उल्लंघन, चुनाव आयोग रद्द करें आदेश, मामला दर्ज करने की भी बात 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश के निर्देशानुसार भाजपा का एक चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश महामंत्री बालमुकुंद सहाय के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक, प्रदेश लीगल सेल संयोजक अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव शामिल थे।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि झारखंड में पंचायत चुनाव की घोषणा 9 अप्रैल, 2022 को हो चुकी है और तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू है। दिनांक 15 अप्रैल 2022 को (प्रथम चरण के नामांकन से एक दिन पहले) झारखंड सरकार ने 32 प्रखंड विकास पदाधिकारी का तबादला कर दिया।

प्रखंड विकास पदाधिकारी का तबादला राज्य सरकार का विशेषाधिकार है परंतु चुनाव प्रक्रिया के बीच इतनी बड़ी संख्या में प्रखंड विकास पदाधिकारी का तबादला करना न सिर्फ आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि राज्य में मतदाताओं के बीच विशेष उम्मीदवारों को जीताने हेतु किया गया प्रयास है।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरकार द्वारा किए गए इस थोक भाव के तबादले से राज्य निर्वाचन आयोग की छवि धूमिल होने के साथ-साथ निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग भी हुआ है। आज इन सारे सवालों का जवाब झारखंड की जनता खोज रही है। निर्वाचन आयोग को मोहरा बनाकर सरकार द्वारा थोक भाव में उपरोक्त तबादला किया गया है।प्रतिनिधिमंडल ने पदाधिकारियों के पदस्थापन को रद्द करने की मांग की।