भाजपा सांसद ढुलू के घटिया बयान की हो रही सर्वत्र थू-थू, अरुप का सवाल अगर सिर पर बाल न होने से कोई टकला/कछुआ छाप हैं, तो भाजपा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी व कई वर्तमान नेताओं के सिर पर भी बाल नहीं हैं, क्या वे भी टकले/कछुआ छाप थे/हैं
निरसा के भाकपा माले विधायक अरुप चटर्जी ने आज धनबाद में प्रेस कांफ्रेस कर भाजपा के दबंग धनबाद सांसद ढुलू महतो की चूलें हिला दी। कल यानी मंगलवार को जिस प्रकार से ढुलू ने अरुप चटर्जी के खिलाफ असंसदीय व अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। उन सारे शब्दों को संवाददाताओं के समक्ष रखकर निरसा विधायक ने सभी का पोस्टमार्टम कर दिया, जिसका जवाब शायद ही ढुलू या भाजपा के बड़े नेता दे सकें। इधर पूरे धनबाद ही नहीं, बल्कि पूरे झारखण्ड में भाजपा और ढुलू के उक्त बयान की थू- थू हो रही है।
अरुप चटर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि इस धनबाद का दुर्भाग्य है कि यहां की जनता ने ऐसे व्यक्ति को अपना सांसद चुना जो भाषा और मर्यादा का ख्याल नहीं रखता। आश्चर्य यह भी है कि जिस संसद में गहन मंथन होना चाहिए। सार्थक बहस होना चाहिए। जहां आर्मी से लेकर एआई टेक्नोलॉजी पर बहस होनी चाहिए। जिस संसद में धनबाद के ही एक सांसद एके राय द्वारा सार्थक बहस होती थी। उस पार्लियामेंट में ढुलू महतो जैसा अपराधिक चरित्र वाला व्यक्ति सांसद बनकर बैठा है। जो भाजपा के नाम पर वोट लेकर जीता और आज के दिन विवादित बयान देना, किसी को भी गाली देना, शरीफों को अपशब्द कहना वे अपनी शान समझ रहे हैं।
अरुप चटर्जी ने कहा कि ढुलू महतो मुझे टकला और कछुआ छाप कहते हैं। लेकिन क्या वे बता सकते हैं कि जिस भाजपा व जनसंघ के नायक जिनकी उनकी पार्टी 6 जून से लेकर 23 जुलाई तक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर, उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं। क्या उनके सर पर बाल थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी तो टकले थे, तो क्या वे उन्हें भी टकला और कछुआ छाप कहकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
अरुप चटर्जी ने कहा कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल के सिर पर भी बाल नहीं थे। जिनकी बड़ी ही शान से गुजरात में प्रतिमा लगाई गई हैं। भाजपा के ही अमित शाह, राजनाथ सिंह व लोकसभाध्यक्ष ओम बिड़ला जैसे नेताओं के सिर पर बाल नहीं हैं, तो क्या ये उन्हें भी टकला या कछुआ छाप कहेंगे। धनबाद में भी कई ऐसे लोग हैं, जिनके सिर पर बाल नहीं हैं और ऐसे लोगों ने भी ढुलू को वोट देकर जिताने में प्रमुख भूमिका निभाई हैं, तो क्या वे उन्हें भी टकला या कछुआ छाप कहेंगे। धनबाद की जनता को ये सारी बातें 2029 के लोकसभा चुनाव तक याद रखनी चाहिए कि उनके सांसद ने उन जैसे जिनके सिर पर बाल नहीं हैं, उनके लिये कैसी भाषा का प्रयोग किया था।
अरुप चटर्जी ने यह भी कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा देते हैं। भ्रूण हत्या पर रोक की बात करते हैं और उनका सांसद क्या कह रहा है कि जिसका बेटा नहीं हैं, वो बेटे का दर्द क्या जानेगा? मेरी तो दो बेटियां हैं, इस देश में कई माता-पिता है, जिनकी केवल बेटियां हैं, बेटे नहीं हैं। इसका मतलब जिनकी सिर्फ बेटी है, वो बेटे का दर्द नहीं समझेगा? हमलोग तो बेटे और बेटियों में कोई फर्क ही नहीं समझते। स्वयं प्रधानमंत्री निःसंतान है, तो क्या ये डायलॉग जो ढुलू महतो ने कल कहा, ये पीएम मोदी के लिए भी था। जनता को गाली देना, जिसको बेटा नहीं हैं, उसे चिढ़ाना क्या ये सांसद के बोल होने चाहिए। इस बात को भी यहां की जनता को याद रखना चाहिए।
अरुप चटर्जी ने कहा कि छोटी मानसिकता के लोग, जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उससे उन्हें शर्म महसूस हो रही हैं। गोविन्दपुर में एक सरकारी जमीन की लूट में जब सांसद इन्वॉल्व थे तो क्या अरुप को इसका प्रतिकार नहीं करना चाहिए था। आज भी खरिकाबाद के लोग बतायेंगे कि ढुलू कैसे 40 हजार की सारी सरकारी जमीन अपने नाम पर कर, उसे 85 हजार रुपये प्रति डिसमिल बेचने का जुगाड़ लगाये थे। जिस जुगाड़ को उन्होंने ढाह दिया था। जिस ढुलू के खिलाफ 56 अपराधिक मामले दर्ज थे। जिसमें चार केस में उन्हें सजा भी हुई है। एक मामले में तो डेढ़ साल जेल में भी रहे। जिन पर पुलिस के वर्दी फाड़ने, हथियार छीनने तक का केस चल रहा है। ऐसे लोग जनप्रतिनिधि बन रहे हैं।
अरुप चटर्जी ने यह भी कहा कि लोकसभा का जब चुनाव हो रहा था, तो उस वक्त के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा अग्रवाल ने इनका विरोध किया था। बाद सरयू राय ने भी इनकी घटियास्तर के क्रियाकलापों का विरोध किया था। दोनों के सिर पर बाल नहीं थे। उन्हें भी टकला कहा गया था और इसमें कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के बोल भी शामिल थे। प्रिंस खान और ढुलू की यारी जगजाहिर है। इसे कौन नहीं जानता।
अरुप चटर्जी ने कहा कि आनेवाले समय में जिस दिन ढुलू महतो लोकसभा का चुनाव हारा। ये विदेश भाग जायेगा। इसने दुबई में अपनी प्रापर्टी भी बना ली है। हम चाहेंगे कि सरकार इनके पासपोर्ट और सारे महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त करें और इनकी सारी गतिविधियों की जांच एनआईए से करवाएं। संवाददाताओं द्वारा यह पूछे जाने पर की ढुलू ने उनको कैरेक्टरलेस व रेडलाइट एरिया में पकड़ाने की बात कही थी, जिसके जवाब में अरुप चटर्जी ने हंसते हुए जवाब दिया कि जब वे रेडलाइट एरिया में पकड़ाए थे, तो वह भी उनके साथ था क्या? ये सारी घटियास्तर की बातें उसकी घटिया सोच के परिणाम है और कुछ नहीं।
