BJP सांसद-अधिकारी जमीन लूटने में लगे, रांची को आदिवासी मुक्त कर, सेठ-साहूकारों को बसाने का प्रयास

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास पर ओछी राजनीति शुरु करने का आरोप लगाया है, उन्होंने आज रांची में संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि गत छः माह से एक नया एपिसोड सरकार ने चलाया है, जिसकी जितनी भर्त्सना की जाय कम है। पिछले चार सालों से जिस प्रकार आदिवासी कल्याण के नाम पर, आदिवासियों-मूलवासियों की जमीन लूटकर कारपोरेट जगत को मुहैया कराई गई, यह उसका एक उदाहरण है।

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास पर ओछी राजनीति शुरु करने का आरोप लगाया है, उन्होंने आज रांची में संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि गत छः माह से एक नया एपिसोड सरकार ने चलाया है, जिसकी जितनी भर्त्सना की जाय कम है। पिछले चार सालों से जिस प्रकार आदिवासी कल्याण के नाम पर, आदिवासियों-मूलवासियों की जमीन लूटकर कारपोरेट जगत को मुहैया कराई गई, यह उसका एक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि चूंकि चुनाव सन्निकट है, उनकी पार्टी समय-समय पर सरकार की गलत नीतियों को लेकर, सरकार को घेरती रही है, उससे घबराकर राज्य सरकार ने नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन को टारगेट किया है, उन पर वार किया है। चूंकि इस सरकार ने आदिवासियों की जमीन, रैयतों की जमीन, बहुफसली वाली जमीन को लूटने का काम किया और झामुमो ने इस मुद्दे जोर-शोर से उठाया, वह अब इन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा।

इसी क्रम में इस सरकार ने नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन को बदनाम करने के लिए एक प्लॉट तैयार की है, भ्रम फैला रही है कि नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने आदिवासियों की जमीन लूटी है, जबकि सच्चाई दूसरा है, खुद भाजपा के कई नेता, जैसे रांची के वर्तमान सांसद संजय सेठ द्वारा आदिवासियों के जमीन को एक ट्रस्ट बनाकर लूटी गई, खरीदी गई, उन्होंने कहा कि उनके पास इसके प्रमाणित तथ्य है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के एक ही सांसद नहीं बल्कि कई राज्यसभा के सांसद, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायकों ने आदिवासियों की जमीन पर अवैध रुप से कब्जा जमाया। आदिवासियों की जमीन लूटने में राज्यसभा सांसद समीर उरांव और उनके भाई के भी नाम हैं, सबका सरकार द्वारा सत्यापित रसीद भी है, लेकिन कभी भी झामुमो ने इस प्रकार की ओछी राजनीति नहीं की, जिसकी शुरुआत इस राज्य सरकार ने की है।

उन्होंने कहा कि इसी सरकार ने एसआइटी का गठन किया था, तो फिर एसआइटी के रिपोर्ट को ही यह सरकार क्यों नही लागू करती, जिसमें एसआइटी ने जो रिपोर्ट दी हैं, उसमें कही भी हेमन्त सोरेन का नाम नहीं है, उन्होंने कहा कि सरकार क्यों नहीं इस पर श्वेत पत्र जारी करती, जबकि एसआइटी में 600 से ज्यादा सीएनटी और 400 से ज्यादा एसपीटी के मामले आये हैं।

यही नहीं कई गोचर की जमीन लूट ली गई, तालाबे सूखा दी गई, ग्रीन लैंड की जमीन लूट ली गई, यहां के बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बहती गंगा में हाथ धोया, आदिवासियों की जमीन लूट कर, उस पर अपार्टमेंट, बंगले तथा कामर्शियल काम्पलेक्स बना लिये, सरकार ऐसे लोगों पर क्यों नही कार्रवाई करती हैं? और ये सारे काम भू-राजस्व विभाग के मिलीभगत से संपन्न कराये गये हैं।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक सुनियोजित साजिश के तहत आदिवासियों और मूलवासियो को झारखण्ड से हटाने का काम कर रही है, वह आजकल आदिवासियों में भी धार्मिक विद्वेष पैदा कर रही है, जिसकी झामुमो तीव्र भर्त्सना करती है। उन्होंने कहा सरकार ने राजधानी रांची को आदिवासी मुक्त बनाने का काम कर रही हैं और यहां छत्तीसगढ़, गुजरात, और हरियाणा आदि के सेठ-साहुकारों को बसाने में लग गई है, जिसका झामुमो कड़ा विरोध दर्ज करता है।

Krishna Bihari Mishra

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