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एनएच-32 धंसान के बाद बीसीसीएल और डीजीएमएस सक्रिय, डेढ़ साल में 856 छापेमारी में 15008 टन अवैध कोयला जब्त

राष्ट्रीय राजमार्ग-32 पर 15 अप्रैल 2026 को केन्दुआडीह कोलियरी क्षेत्र में हुए भू-धंसान (सब्सिडेंस) की घटना के बाद कोयला क्षेत्र की सुरक्षा और अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), धनबाद ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत करने का निर्देश दिया है।

डीजीएमएस के क्षेत्रीय कार्यालय, धनबाद द्वारा जारी पत्र में बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी (ऑपरेशन) एवं नामित स्वामी संजय सिंह को निर्देश दिया गया है कि केन्दुआडीह कोलियरी के लीज क्षेत्र में स्थित एनएच-32 पर हुए धंसान के मद्देनजर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की स्थापना एवं संचालन के लिए विस्तृत कोड ऑफ प्रैक्टिस (सीओपी) तथा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर लागू किया जाए।

पत्र में कहा गया है कि कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी प्रथम श्रेणी योग्यता प्रमाणपत्रधारी अधिकारी को सौंपी जाएगी तथा प्रतिदिन की गतिविधियों का रिकॉर्ड संधारित कर शाम छह बजे तक डीजीएमएस को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन के लिए बनाए जाएंगे विशेष तंत्र

डीजीएमएस ने बीसीसीएल को घटना प्रबंधन प्रणाली (आईसीएस) लागू करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत इंसिडेंट कंट्रोलर, ऑपरेशन हेड, कम्युनिकेशन ऑफिसर, सुरक्षा अधिकारी, मेडिकल ऑफिसर तथा स्थानीय थाना प्रतिनिधि की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

इसके अलावा शिफ्टवार ड्यूटी रोस्टर, बैकअप टीम, गैस मॉनिटरिंग उपकरणों की उपलब्धता, नियमित धंसान सर्वेक्षण, एंबुलेंस एवं आपातकालीन वाहनों की तैनाती तथा बचाव एवं राहत कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों को हर समय तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा एजेंसी ने यह भी कहा है कि प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी निर्देश, आपातकालीन संपर्क नंबर, वैकल्पिक मार्ग, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के उपयोग संबंधी जानकारी तथा बचाव एजेंसियों के संपर्क विवरण प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएं।

अवैध खनन के खिलाफ बीसीसीएल की बड़ी कार्रवाई

इसी बीच बीसीसीएल सुरक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 के बीच बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। इस अवधि में कुल 856 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिनमें लगभग 15,008.27 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। जब्त कोयले का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।

आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 में सर्वाधिक 2300 टन कोयला जब्त किया गया, जबकि मार्च 2025 और अप्रैल 2025 में भी एक हजार टन से अधिक कोयले की बरामदगी दर्ज की गई। वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में भी अवैध खनन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहा।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें कोयला क्षेत्रों पर

डीजीएमएस द्वारा जारी निर्देशों की प्रतिलिपि धनबाद के उपायुक्त, क्षेत्रीय श्रमायुक्त, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा खान सुरक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कोयला क्षेत्र में हाल के वर्षों में बढ़ती अवैध खनन गतिविधियों और भू-धंसान की घटनाओं को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और निरंतर निगरानी ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का सबसे प्रभावी उपाय साबित होगा।

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