दो थाना प्रभारियों के निलंबन के समाचार सुन बौखलाई पुलिस एसोसिएशन, कहा पहले जांच फिर कार्रवाई

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रांची के किशोरगंज चौक पर विगत 04 जनवरी को असामाजिक तत्वों द्वारा मुख्यमंत्री के काफिले को रोके जाने के बाद सुखदेवनगर और कोतवाली थाने के थानेदारों को निलंबन की कार्यवाही का समाचार आते ही राज्य की पुलिस एसोसिएशन बौखला गई। आनन-फानन में उसने एक मीटिंग बुलाया और मीटिंग के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के काफिले पर हुए हमले को लेकर पुलिस विभाग के कनीय पदाधिकारी बहुत सक्रिय है, अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, अगर थाना प्रभारियों को इसके बावजूद भी निलंबन किया गया तो इसका प्रतिकूल असर भी पड़ेगा। अच्छा रहता जब राज्य सरकार ने इसकी उच्चस्तरीय जांच की बात कही ही दी है तो जांच में जो आयेगा उसके बाद दोषी पाये जाने पर उन पर कार्रवाई होती तो एक अच्छा संदेश जाता।

लेकिन मुख्यमंत्री के काफिले पर हुए हमले में केवल पुलिस विभाग के कनीय अधिकारियों पर कार्रवाई किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस एसोसिएशन के नेताओं ने कहा है कि इस प्रकार की घटना के बाद थाना प्रभारी स्तर के पदाधिकारियों के निलंबन से सदस्यों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ कार्यक्षमता में कही न कही से गिरावट आने की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता।

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