राजनीति

77वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने कहा, झारखंड के सुदूर इलाके में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने को सरकार प्रतिबद्ध

दुमका में आयोजित 77वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए झारखण्ड के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि झारखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि झारखंड के सुदूर इलाके में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे। निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड ने कई क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्वच्छता तथा नवाचार में झारखंड का प्रदर्शन बेहतर हुआ है, वहीं कुपोषण, एनीमिया और शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी राज्य ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सड़क मार्ग, रेलवे और वायुमार्ग का विस्तार हुआ है। सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग हर क्षेत्र में बढ़ा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ लक्षित व्यक्ति तक पारदर्शी तथा दक्ष तरीके से पहुंचाने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल किया गया है, जिससे राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों को लाभ हुआ है। राज्य के पुलिसकर्मियों को क्षतिपूरक अवकाश की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सरकार के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की गई है। सर्वजन पेंशन योजना के तहत् लाखों जरूरतमंद को पेंशन दी जा रही है। झारखण्ड आंदोलनकारियों का चिन्हितीकरण कर उनके आश्रितों और परिजनों को भी पेंशन और सम्मान दिया जा रहा है। “आपकी योजना, आपकी सरकार, अपके द्वार” कार्यक्रम के तहत् सरकार राज्य के कोने-कोने तक विकास योजनाओं का लाभ आम नागरिकों के द्वार तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि अभी श्रावणी मेला चल रहा है, देश-विदेश से लाखो श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन एवं जलार्पण हेतु देवघर एवं बासुकीनाथ आ रहे हैं। सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की हर सुविधा व सहायता का ध्यान रखा जा रहा है। देवघर से कोलकाता एवं दिल्ली के लिए नियमित उड़ान संचालित हो रही है, जिससे देवघर देश के दूसरे हिस्सों से सुगम एवं तीव्र यातायात व्यवस्था से जुड़ गया है।

उन्होंने कहा कि संथाल परगना में विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुभारंभ भारत सरकार की Regional Connectivity Scheme ((UDAN- उड़े देश का आम नागरिक) के तहत दुमका से कोलकाता, पटना तथा रांची के लिए सीधी उड़ान सेवा हेतु रूट स्वीकृत किया गया है। इस हेतु दुमका हवाई अड्डा के उन्नयन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा एरोड्रोम लाइसेंस हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

दुमका में Multi Engine Rating स्तर तक का Commercial Pilot’s License (CPL) प्रशिक्षण प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव DGCA, भारत सरकार को भेज दिया गया है। इसमें राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़े वर्ग के कुल 15 युवाओं को शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति पर CPL प्रशिक्षण सहित Airbus 320 स्तर के वायुयान पर Type Rating प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रत्येक प्रशिक्षु पर लगभग रू० 61.00 लाख का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं के लिए राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा “झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021” अधिसूचित किया गया है। वर्ष 2022 में इससे संबंधित नियमावली भी गठित की जा चुकी है। इसके अन्तर्गत निजी क्षेत्र में प्रत्येक नियोक्ता 40,000/- (चालीस हजार) रुपये तक के मासिक वेतन वाले पदों के कुल रिक्ति के 75 प्रतिशत पद पर स्थानीय उम्मीदवारों को नियोजित करेगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा ही राज्य के विकास की नींव है। बच्चों को बेहतर और गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा 88 एकलव्य विद्यालय एवं 80 CM School of Excellence प्रारम्भ किया गया है। ये विद्यालय सीबीएसई से संबद्ध हैं और नामांकन के लिए जिला स्तर पर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य के वैसे छात्र जो 10वीं/12वीं कक्षा उर्त्तीण होने के बाद आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना स्वीकृत की गई है। CM-SARTHI योजना तथा एकलव्य प्रशिक्षण योजना के माध्यम से छात्र/छात्राओं को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

मरड. गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना तथा Chevening मरड. गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर सरकार उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड रेशम उत्पादन में देश का प्रमुख एवं अग्रणी राज्य रहा है, जिसमें संथाल परगना क्षेत्र की प्रमुख भूमिका है। तसर रेशम के उत्पादन में गुणात्मक एवं संख्यात्मक वृद्धि के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2023-24 में 6250 रेशम उत्पादकों को उन्नत कीटपालन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में 872 मीट्रिक टन कच्चे रेशम का उत्पादन किया गया।

इसके अलावा संथाल परगना क्षेत्र में पारंपरिक रूप से बांस शिल्प का हुनर पाया जाता है। मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा बाँस प्रक्षेत्र में कुल 1,200 बाँस शिल्पियों को विशेष घटक योजना अन्तर्गत बाँस हस्तशिल्प का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मेगा हैंण्डलूम कलस्टर के द्वारा भी दुमका प्रक्षेत्र के बुनकरों को लाभान्वित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि  झारखण्ड की 70 प्रतिशत से ज्यादा आबादी गाँवों में रहती है। सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहुआयामी प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास हेतु सरकार द्वारा कई लोक-कल्याणकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस दिशा में समेकित बिरसा ग्राम-सह-कृषक पाठशाला योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, बीज वितरण योजना, लैम्प्स और पैक्स को कार्यशील पूंजी की उपलब्धता तथा KCC के माध्यम से किसानों को सक्षम बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं में विस्थापन, डूब क्षेत्र, भूमि अधिग्रहण को न्यूनतम करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की परिकल्पना की गई है। संथाल परगना क्षेत्र के दुमका जिला अन्तर्गत मसलिया रानेश्वर मेगा लिफ्ट योजना क्रियान्वित की जा रही है, जिससे दुमका जिला में 22,000 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त ऊर्जा समय की माँग है। सरकार द्वारा झारखण्ड को प्रदूषण मुक्त ऊर्जा में अग्रणी बनाने के लिए झारखण्ड सौर ऊर्जा नीति, 2022 लागू की गई है। राज्य के गिरिडीह शहर को “सोलर सिटी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह झारखण्ड एवं झारखण्डवासियों के लिए गर्व की बात है कि जमशेदपुर में निजी क्षेत्र अंतर्गत देश का पहला हाइड्रोजन ईंधन उद्योग स्थापित होने जा रहा है। इसके साथ-साथ झारखण्ड विद्युत वाहन नीति, 2022 एवं झारखण्ड इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति, 2022 लागू की गयी है।

उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में झारखण्ड की अलग पहचान रही है। झारखण्ड के खिलाड़ियों ने कई खेल स्पर्द्धाओं में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सरकार द्वारा राज्य में खेल का बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। झारखण्ड खेल नीति, 2022 के अन्तर्गत खिलाड़ियों को हर संभव सहायता पहुँचाई जा रही है। पंचायत एवं प्रखण्ड स्तर पर खिलाड़ियों के लिए खेल के मैदान बनाये जा रहे हैं। जोहार खिलाड़ी पोर्टल के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को और बेहतर एवं सर्वसुलभ बनाने के लिए  ’झारखण्ड खुला विश्वविद्यालय’ एवं ’पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय’ की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हमारी सरकार सतत् प्रयत्नशील है। राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के उन्नयन हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पतालों में उपकरणों, दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। देवघर में AIIMS के स्थापना से संथाल परगना क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा पर जोर दे रही है। इस निमित राज्य सरकार द्वारा सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना से 7 लाख से अधिक किशोरियों को लाभान्वित किया गया है, वहीं 10 हजार से अधिक नव-विवाहिता को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत् आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी।

उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ सरकार लोक कल्याणकारी दायित्वों का निर्वहन भी पूरी तत्परता के साथ कर रही है। राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और निःसहाय महिलाओं को सर्वजन पेंशन योजना के तहत पेंशन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही हैं कि विकास व कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्र में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। विश्वास है कि जनता की सहभागिता एवं रचनात्मक सहयोग से विकास के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सफलता प्राप्त होगी।