एक और कलंक, रांची प्रेस क्लब का एक अधिकारी –  प्रेस क्लब रुम में एक लड़का और एक लड़की पाई गई

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रांची प्रेस क्लब के नाम एक और कलंक जुड़ गया, और इस कलंक के साक्षी बने हैं, रांची प्रेस क्लब के ही अधिकारी व इनके मार्फत रांची प्रेस क्लब में चलाये जा रहे विभिन्न कार्यों में लिप्त अन्य महानुभाव। जिनके बीच व्हाट्सएप्प ग्रुप में हुई बातें और उसके स्क्रीन शॉट्स जो वायरल हैं, उसे आप देखेंगे तो आप माथा पकड़ लेंगे, कि आखिर रांची प्रेस क्लब में ये हो क्या रहा हैं?

हम व्हाट्सएप्प ग्रुप की वो बातों को तो यहां दे रहे हैं, पर उस फोटो को नहीं देंगे, क्योंकि यह किसी लड़की और लड़के के भविष्य से जुड़ा मामला है, इस व्हाट्सएप्प ग्रुप में रांची प्रेस क्लब में कैंटीन चलानेवाला व्यक्ति डंके की चोट पर कह रहा है कि रांची प्रेस क्लब में एय्याशी हो रहा है, लड़कियां आ रही हैं, रुम में जमकर खाने-पीने के सामान पहुंच रहे हैं, वह रांची प्रेस क्लब के अधिकारियों को गुहार लगा रहा है कि जो यहां अस्पताल चल रहा है, उसे बंद कराइये, नहीं तो दिक्कतें आयेंगी।

पर रांची प्रेस क्लब के लोगों के कानों पर जूं तक नहीं रेग रही। इधर रांची के संभ्रांन्त नागरिकों का कहना है कि राज्य सरकार को इस रांची प्रेस क्लब के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए, क्योंकि रांची प्रेस क्लब के अधिकारी इसकी मर्यादा को बचा रखने में असफल रहे हैं, ऐसे में इसे अपने अंडर में लेकर काम करना चाहिए, नहीं तो आनेवाले समय में और भी दिक्कते आयेंगी।

अच्छा है इतना जो हो गया, उसी पर सरकार अब एक्शन लें। कुछ का कहना है कि बिल्डिंग सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से जुड़ा है, इसलिए इस विभाग को चाहिए कि वो इस बिल्डिंग को अपने कब्जे में लेकर, इसकी मर्यादा को अक्षुण्ण बनाये रखने में अपनी भूमिका निभाने को आगे आये, और अब देखिये रांची प्रेस क्लब के अधिकारियों और इनके मार्फत काम करनेवाले लोगों की लीलाएं…

F.B. Canteen RPC नाम से बनी व्हाट्सएप्प ग्रुप में हुई चर्चा का कुछ मुख्य अंश, जिसका स्क्रीन शॉट्स तेजी से वायरल हुआ…

कैन्टीन तिवारी जी – अस्पताल को जितना जल्द हटवा दीजिये, तभी कुछ होगा, नहीं तो कुछ भी संभव नहीं है।

जवाब (एक के द्वारा) – हट रहा है।

कैन्टीन तिवारी जी – अस्पताल के नाम पर ऐयाशी हो रहा है, एक से बढ़कर एक लड़कियां आ रही है, रुम पर चॉकलेट शेक और स्नैक्स जा रहा है, हम ज्यादा नहीं बोलेंगे।

रांची प्रेस क्लब का एक अधिकारी – तिवारी जी प्रमाण दीजिये।

एक मोबाइल से – बाप रे

कैन्टीन तिवारी जी –  मैं तू नहीं हूं। आप लोग ….. (एक व्यक्ति का नाम, संभवतः वो कर्मचारी है) को कॉल करके पूछ सकते हैं, रुम नं. 207 में आज क्या क्या गया?

रांची प्रेस क्लब का एक अधिकारी – हम सब को खाली करवा रहे हैं।

Rnc Press Club Commetee नाम से बनी व्हाट्सएप्प ग्रुप में हुई चर्चा का मुख्य अंश, जिसका स्क्रीन शॉट्स बहुत तेजी से वायरल हुआ…

रांची प्रेस क्लब का एक अधिकारी – रुम में एक लड़का और एक लड़की पाई गई।

एक मोबाइल से – Omg

रांची प्रेस क्लब का एक अधिकारी – लेकिन सच ये भी है कि आपत्तिजनक नहीं था, और सच ये भी है कि रुम अंदर से बंद था, इससे ज्यादा मैंने नहीं देखा।

उसके बाद एक फोटो हैं, जो रांची प्रेस क्लब के एक रुम का है, जिसमें एक लड़का और लड़की विद्यमान है, दोनों के चेहरे का रंग उड़ा हुआ है, लड़की दूसरी ओर दिवार पर देख रही है, तो लड़का मोबाइल पर आंखे गड़ा कर किसी की बात सुन रहा है, साथ ही एक व्यक्ति जिसका फोटो नजर नहीं आ रहा है, पर उसकी एक अंगूली प्रश्नवाचक मोड में हैं, जो शायद बता रहा है, कि वो दोनों से पूछताछ कर रहा है, कि आखिर ये दोनों यहां कर क्या रहे हैं?

ये दोनों व्हाट्सएप्प ग्रुप के मुख्य अंश का स्क्रीन शॉट अचानक “क्लब फोर इन्फोरमेशन” ग्रुप में किसी के द्वारा डाला गया, और उसको कुछ देर के बाद डिलीट कर दिया गया, लेकिन पोस्ट डिलीट होने के पूर्व ही ये दोनों स्क्रीन शॉटस वायरल हो चुका था, जिसका दोनों स्क्रीन शॉट विद्रोही24 के पास भी पहुंच चुका था।

अब विचार करिये, कि क्या रांची प्रेस क्लब इसी के लिए बना था? क्या रांची प्रेस क्लब में अस्पताल इसी के लिए बनाये गये थे? आखिर वे कौन लोग हैं, जो इसकी मर्यादा को तार-तार कर दिये और फिर भी बेशर्मी से रांची प्रेस क्लब के विभिन्न पदों पर कब्जा जमाकर बैठे हैं, आखिर कौन लोग हैं, जो ऐसे घटियास्तर के लोगों का समर्थन करने से भी बाज नहीं आते? रांची प्रेस क्लब को ऐसे घृणित लोगों से बचाइये, अगर आप पत्रकार है या सरकार में हैं, तो आप का यह पहला कर्तव्य बनता है, नहीं तो इसमें फैल रही गंदगी से आप भी नहीं बच सकते, ये जान लीजिये।

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