5 अगस्त को उतरेगा रघुवर सरकार से नाराज युवा सड़कों पर, लेगा भाग झामुमो के आक्रोश मार्च में

झारखण्ड में स्थिति भयावह है। सत्ता का आनन्द ले रहे राजनीतिज्ञों, सत्ता से जुड़े आइएएस-आइपीएस, सत्ता की दलाली कर रहे अखबारों-चैनलों को तो कोई दिक्कत नहीं, पर झारखण्ड का युवा, किसान, व्यवसायी, उद्योग जगत् खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, स्थिति यह है कि व्यापार सुगमता सूचकांक में स्वयं को सर्वश्रेष्ठ कहनेवाली सरकार के यहां औद्योगिक इकाइयां बंद होने लगी है, जिससे लाखों परिवारों में बेरोजगारी की चिन्ता सताने लगी है।

झारखण्ड में स्थिति भयावह है। सत्ता का आनन्द ले रहे राजनीतिज्ञों, सत्ता से जुड़े आइएएसआइपीएस, सत्ता की दलाली कर रहे अखबारोंचैनलों को तो कोई दिक्कत नहीं, पर झारखण्ड का युवा, किसान, व्यवसायी, उद्योग जगत् खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, स्थिति यह है कि व्यापार सुगमता सूचकांक में स्वयं को सर्वश्रेष्ठ कहनेवाली सरकार के यहां औद्योगिक इकाइयां बंद होने लगी है, जिससे लाखों परिवारों में बेरोजगारी की चिन्ता सताने लगी है।

राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास लगातार झूठ बोलने के रिकार्ड बना रहे हैं, पूर्व की तरह एक बार फिर उनका दावा झूठा साबित हुआ, जब 1 अगस्त से जीरो पावर कट बिजली रांची में का दावा पूर्णतः फेल हो गया। कौशल विकास के नाम पर युवाओं के साथ ठगी की जा रही है सो अलग, यहां के युवाओं को कौशल विकास के नाम पर ट्रेनिंग दिलवाकर देश के दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है, जहां उन्हें छःहजार से लेकर दस हजार तक की नौकरी प्रदान की जा रही है, अब ऐसे में ये युवा वहां खुद खायेंगे क्या? और परिवार को भेंजेंगे क्या?

राज्य में सरकारी स्कूल बंद किये जा रहे हैं, दारु की दुकाने खोली जा रही है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लोगों की भूख से मौत हो रही हैं, डिजिटल झारखण्ड की हवा निकल रही है, मोमेंटम झारखण्ड पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है, पर राज्य सरकार का आइपीआरडी विभाग रघुवर दास को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए परेशान है। 

विधि व्यवस्था तो यहां पूर्णतः गायब ही है, यहां का पुलिस प्रशासन सिर्फ दूसरे दलों के नेताओं कार्यकर्ताओं, तथा सरकार को आइना दिखानेवालों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल की सलाखों में डालने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जबकि भाजपा के अंदर ही कई ऐसे नेता है, जिन पर यौन शोषण के आरोप है, उनके खिलाफ ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, पर उस प्राथमिकी को रजिस्टर्ड नहीं किया जा रहा है।

पूरे राज्य में जो यहां के युवा है, उन्हें नौकरी नहीं मिल रही, जबकि बाहरियों का हर नौकरियों पर कब्जा होता जा रहा है, ज्यादातर सरकारी विभागों में ठेके पर लोग रखे जा रहे हैं, उसमें भी बाहरियों का ही कब्जा है, और इस माध्यम से ठेकेदार, आइएएस और सत्ताधारी लोग मालामाल होते जा रहे हैं, ऐसे में युवाओं का आक्रोशित होना जायज है, शायद यहीं कारण है कि नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने रांची में युवा आक्रोश मार्च का आयोजन किया है। 

कल पांच अगस्त को बड़ी संख्या में युवा रांची की सड़कों पर उतरेंगे और सरकार के खिलाफ नाराजगी दिखायेंगे तथा बतायेंगे कि उनका सेहत आनेवाले समय में ठीक नहीं है, चाहे वे कितना भी विकास का भोंपू बजा लें। सूत्र बता रहे हैं कि कल बड़ी संख्या में युवा रांची में जुटेंगे। यह आक्रोश मार्च रांची कॉलेज ग्राउंड से प्रारम्भ होगा, और डीसी आवास, एसएसपी आवास चौक, कचहरी चौक, शहीद चौक होते हुए अलबर्ट एक्का चौक में समाप्त होगा।

Krishna Bihari Mishra

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