सरयू राय ने मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के साथ-साथ रघुवर सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के साथ – साथ राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठा दिया है। सरयू राय ने सीधे सवाल किया कि संतोषी की मौत कैसे हुई?  कोई कहता है कि उसकी मौत भूख के कारण हुई और कोई कहता है कि बीमारी से हुई है, इस पर फैसला करना मुश्किल है, मगर इतना निश्चित है कि उक्त लड़की जिसकी मृत्यु हुई है, उसका नाम पूर्व में जिस राशन कार्ड में था, वह डिलीट हो चुका था।

खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के साथ – साथ राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठा दिया है। आज हुई कैबिनेट बैठक में सरयू राय ने सीधे सवाल किया कि संतोषी की मौत कैसे हुई?  कोई कहता है कि उसकी मौत भूख के कारण हुई और कोई कहता है कि बीमारी से हुई है, इस पर फैसला करना मुश्किल है, मगर इतना निश्चित है कि उक्त लड़की जिसकी मृत्यु हुई है, उसका नाम पूर्व में जिस राशन कार्ड में था, वह डिलीट हो चुका था।

सरयू राय ने कहा कि उनका मुख्य मकसद हैं, कारणों को जानना, गड़बड़ियों को पकड़ना तथा जनता को उनका हक दिलाना। संतोषी की मौत से साफ पता लगता है कि उस परिवार को राशन मिलना जुलाई से बंद हो गया था और इसका कारण था कि आधार कार्ड उस परिवार के पास नहीं था। इससे यह भी साबित होता है कि राज्य में बहुत सारे राशन कार्ड बंद हुए, डिलीट हुए है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने 1000 दिन की उपलब्धि में यह बताया था कि राज्य सरकार ने साढ़े ग्यारह लाख राशन कार्ड खत्म कर दिये, तो सरकार यह भी बताये कि उसमें कितने राशन कार्ड ऐसे है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं था और उन राशनकार्डधारियों के राशन कार्ड खत्म भी कर दिये गये। सरयू राय ने सिस्टम पर भी सवाल उठाये और कहा कि 27 मई को मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने एक वीडियो कांफ्रेसिंग की थी, उसमें उन्होंने राज्य के सारे जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निदेश दिया था, जिसके पास आधार कार्ड नहीं है, उनके राशन कार्ड काट दो।

उन्होंने मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के वीडियो कांफ्रेसिंग के तरीके पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि मुख्य सचिव को अपने विभागीय सचिवों को बैठक कर दिशा-निदेश देनी चाहिए पर ये उपायुक्त, अंचलाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों की एक साथ वीडियो कांफ्रेसिग करती है, जिससे काम प्रभावित होता है, अगर आप सभी को एक साथ बैठाकर वीडियो कांफ्रेंसिग करेंगे तो निश्चित है कि उपायुक्त का अपने मातहत काम करनेवाले अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव विभागीय सचिव की मानिटरिंग करें और विभागीय सचिव अपने मातहत काम करनेवाले विभागीय अधिकारियों की मानिटरिंग करें, इससे कार्य करने में सहूलियत होगी और सही मायनों में काम दिखेगा, पर ऐसा नहीं होने के कारण कार्यों में बाधाएं उपस्थित हो रही हैं और सिस्टम प्रभावित हो रहा है।

Krishna Bihari Mishra

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वाह रे CM, जिस पर आरोप उसे ही जांच करने के आदेश, ऐसे में संतोषी मरेगी नहीं तो क्या करेगी?

Wed Oct 18 , 2017
वाह रे झारखण्ड के CM  रघुवर दास, जो इस घटना का जिम्मेवार है, उसी को जांच करने का जिम्मा सौंप दिया। भारत में एक राज्य है, जिसका नाम है – झारखण्ड। यहां के मुख्यमंत्री है – रघुवर दास। ये क्या बोलते है? क्या करते है? इन्हें खुद ही नहीं पता होता।  जरा देखिये इन्होंने सिमडेगा के उपायुक्त को संतोषी की मौत की जांच का जिम्मा सौंपा है।

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