ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ व्यापक और असरदार होगा 26 अप्रैल का हस्ताक्षर अभियान, यात्री ट्रेनों को रोक कर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देना गलतः सरयू राय
ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति ने सोमवार को आगे की रणनीति बनाने हेतु महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, आजसू के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह तथा जद (यू) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार उपस्थित रहे। यह बैठक जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक में यह तय हुआ कि यात्री रेल गाड़ियों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ संघर्ष समिति चरणबद्ध आंदोलन करेगी। चक्रधरपुर मंडल द्वारा स्थिति में ठोस सुधार करने तक आंदोलन जारी रहेगा। आगामी 26 अप्रैल को हस्ताक्षर अभियान को व्यापक एवं प्रभावशाली बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके तहत संघर्ष समिति के 50 समूह बनाए जाएंगे, जो रेलवे स्टेशनों पर उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों से संपर्क कर हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाएंगे। एकत्रित हस्ताक्षरों को झारखंड के राज्यपाल एवं भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि यात्रियों की समस्याओं को मजबूती से रखा जा सके।
हस्ताक्षर अभियान की तैयारी को लेकर आगामी 23 अप्रैल को एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन से जुड़े विभिन्न समूहों-व्यक्तियों को जोड़ा जाएगा। इसमें हस्ताक्षर अभियान के क्रियान्वयन पर विचार किया जाएगा और विभिन्न समूहों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में विधायक सरयू राय ने कहा कि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के उपलब्ध आंकड़ों से स्पष्ट है कि आम यात्री गंभीर रूप से परेशान हैं। हर प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान का समय प्रदर्शित होता है, जबकि मालगाड़ियों के संबंध में इस प्रकार की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती। इसके बावजूद रेल अधिकारी यात्री गाड़ियों को रोक कर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड अथवा मंडल स्तर से कोई आदेश या सर्कुलर जारी हुआ है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही जमशेदपुर के यात्रियों को हो रहे नुकसान का आकलन भी किया जाना चाहिए। श्री राय ने कहा कि रेलवे द्वारा यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने का जो वादा किया गया था, वह वर्तमान स्थिति में वादाखिलाफी प्रतीत होता है। इस पर रेलवे अधिकारियों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
संयोजक शिव शंकर सिंह ने बताया कि कल यानी मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपेगा। हस्ताक्षर अभियान को वृहद रूप देने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्टेशन परिसर में एक बड़ा ओपन बोर्ड लगाया जाएगा, जिस पर यात्रियों से सीधे हस्ताक्षर कराए जाएंगे। इसके अलावा पर्चे वितरित कर यात्रियों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही विभिन्न रेलवे प्लेटफार्मों पर घूम-घूम कर आंदोलनकारियों का समूह यात्रियों के हस्ताक्षर इकट्ठे करेगा और उनके अनुभवों को साझा करेगा।
आजसू के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि इस आंदोलन में युवाओं की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आंदोलन इतना जोरदार होगा कि रेलवे को अपने मनमाने रवैये में सुधार करने पर मजबूर होना पड़ेगा। जद(यू) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि यह आंदोलन विधायक सरयू राय के नेतृत्व में अब जनांदोलन का रूप ले चुका है। आम नागरिक खुद चक्रधरपुर मंडल की पोल खोल रहे हैं। आए दिन सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों में ट्रेनों की लेटलतीफी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
