राजनीति

मोदी मिशन के आगे झूकी झारखण्ड भाजपा, शिशिर ठाकुर को मिला बेल

आखिरकार मोदी मिशन के आगे झारखण्ड की पूरी भाजपा पानी भरती नजर आ ही गई, जिस शिशिर ठाकुर को भाजपा ने पार्टी से 6 वर्षों के लिए निलंबित कर दिया था, तथा उन पर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाकर केस दर्ज करवा दिया था, आज उन्हें बेल आखिर मिल ही गया। अपनी ही पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता पर अंगूली उठाना, उसे पार्टी से निकालना और फिर उन पर केस करवा देना, ये काम सिर्फ भाजपा ही कर सकती है, उसका सुंदर उदाहरण है –शिशिर ठाकुर प्रकरण। ज्ञातव्य है कि शिशिर ठाकुर आरएसएस के समर्पित स्वयंसेवक भी है, फिर भी उन्हें संघ की राजनीतिक इकाई भाजपा के शासनकाल में तीन महीने तक फरारी जीवन व्यतीत करना पड़ा।

हाल ही में मिशन मोदी के प्रदेश अध्यक्ष बने अनुरंजन अशोक ने शिशिर ठाकुर के दिल में नरेन्द्र मोदी, संघ व भाजपा के प्रति गहरी निष्ठा को देखकर, उन्हें मिशन मोदी का राज्य प्रवक्ता सह सोशल मीडिया प्रभारी बनाया था, जिसको लेकर प्रदेश भाजपा में खलबली मच गई थी, भाजपा के कई लोगों ने अनुरंजन अशोक पर दबाव भी डाला था कि वे शिशिर ठाकुर को इतना महत्वपूर्ण पद न दें, और न उन्हें मिशन मोदी से जोड़ें, पर मिशन मोदी के प्रदेश अध्यक्ष अनुरंजन अशोक ने किसी की नहीं सुनी, और शिशिर ठाकुर का विरोध कर रहे लोगों को एक ही जवाब दिया कि शिशिर ठाकुर की संघ व भाजपा के प्रति गहरी निष्ठा व नरेन्द्र मोदी के प्रति समर्पण के भाव को चुनौती नहीं दिया जा सकता, इसलिए शिशिर ठाकुर ही, मिशन मोदी के राज्य प्रवक्ता बने रहेंगे।

ज्ञातव्य है कि शिशिर ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के दौरान, उन पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगा दी गई थी, कि उससे किसी का भी कैरियर या पूरा जीवन तबाह हो सकता था, पर इधर मिशन मोदी में उन्हें मिले महत्वपूर्ण पद से भाजपा के लोग घबरा गये और अंततः समझौते की शर्त रखी, जिसकी कड़ी में आज बेल भी मिल गया। शिशिर ठाकुर ने आज अपने सोशल साइट फेसबुक में अपनी वेदना शेयर की है। उन्होने लिखा है कि “आज तीन महीने की फरारी के बाद कोर्ट से बेल मिला। मुझ पर आरोप है कि मैने धार्मिक स्थल पर तोड़-फोड़ किया है, धार्मिक उन्माद फैलाया है।“ उन्होंने यह भी लिखा कि “ये नया साल और होली वैसा ही बीता, जैसे स्वयंसेवकों ने इंदिरा गांधी के समय लगे इमरजेंसी में काटा था, जानता इसलिए हूं कि क्योंकि मेरे परिवार में स्वयंसेवक थे, उनका यही हाल था, पुलिस मेरे दफ्तर से लेकर जहां-तहां, छापा मार रही थी और मैं उडनखटोला।“ आज विराम लगा।

शिशिर ठाकुर ने लिखा है कि “अब आगे कैसे राजनीति हो, ये सोच रहे हैं, अंदर का स्वयंसेवक मरणासन्न हैं, ऐसे भी छह साल के लिए पार्टी ने निष्कासित कर रखा है।“ शिशिर ने उन सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने उन्हें इस बुरे वक्त में मदद की तथा बेहतर करने का हौसला अफजाई किया।