रिम्स में कार्यरत 35 नर्सों को बिना किसी पूर्व सूचना के निष्कासित कर दिया गया

रिम्स में कार्यरत 35 नर्सों को बिना किसी पूर्व सूचना के आज नौकरी से बाहर कर दिया गया। ये बाहर निकाली गई नर्सें आज अपना दुखड़ा सुनाने नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन के आवास पर पहुंची। नेता प्रतिपक्ष ने इन नर्सों के कष्टों को सुना तथा इन नर्सों के लिए संघर्ष करने की ठानी।

रिम्स में कार्यरत 35 नर्सों को बिना किसी पूर्व सूचना के आज नौकरी से बाहर कर दिया गया। ये बाहर निकाली गई नर्सें आज अपना दुखड़ा सुनाने नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन के आवास पर पहुंची। नेता प्रतिपक्ष ने इन नर्सों के कष्टों को सुना तथा इन नर्सों के लिए संघर्ष करने की ठानी।

इन नर्सों ने नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन को बताया कि उनसे कुछ दिन पूर्व ही सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया गया था और आज इन्हें ये बताया गया कि इन्होंने अपनी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ी हैं। नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि ये सिर्फ अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि ये हमें बताता है कि राज्य सरकार कितनी क्रूरता पर उतर आई है और निर्दयी है।

हेमन्त सोरेन ने कहा कि गत अप्रैल महीने से इन्हें पगार भी नहीं मिला। इन्हें काम भी कराया गया और नियुक्ति पत्र तक नहीं दिया गया, जबकि ये दो सालों से ज्यादा समय से काम कर रही थी और पिछले दिनों हुए रिम्स आंदोलन में भाग भी नहीं ली थी। उन्होंने सभी से इन नर्सों को सहयोग देने का आह्वान किया तथा इन नर्सों को भरोसा दिलाया कि उनके संघर्ष के साथ केवल वे ही नहीं, बल्कि पूरा झारखण्ड मुक्ति मोर्चा उनके साथ खड़ा है।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

CM रघुवर दास की अमर्यादित भाषा और उनका राजनीतिक दिव्य ज्ञान

Fri Jun 22 , 2018
शायद किसी ने ठीक ही कहा है कि बहुत कम लोगों को ही सत्ता पचती है, ज्यादातर लोग तो सत्ता मिलते ही उलटी करने लगते है। जब से रघुवर दास ने मुख्यमंत्री पद संभाली है, तब से लेकर आज तक न तो जनता में, न बुद्धिजीवियों में और न ही राजनीतिक क्षेत्रों में इनकी भाषा और बोलचाल की प्रशंसा हुई है,

You May Like

Breaking News