पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के लिए आज का दिन खास, शादी की 25वीं वर्षगांठ

आज भाजपा कार्यकर्ताओं की बल्ले-बल्ले हैं। आज उनके दो प्रमुख नेताओं की शादी की सालगिरह हैं। एक की शादी की रजत जयंती तो एक की शादी की सामान्य सालगिरह है, पर शादी की सालगिरह तो शादी की सालगिरह ही होती हैं, बेहद खास। उनके लिए भी, जिनकी इस दिन शादी हुई और उनके लिए भी जो इस दिन की खासा इंतजारी में रहते हैं कि चलो वो दिन आ गया, अपनों को बधाइयां तो दे दी जाये।

आज भाजपा कार्यकर्ताओं की बल्ले-बल्ले हैं। आज उनके दो प्रमुख नेताओं की शादी की सालगिरह हैं। एक की शादी की रजत जयंती तो एक की शादी की सामान्य सालगिरह है, पर शादी की सालगिरह तो शादी की सालगिरह ही होती हैं, बेहद खास। उनके लिए भी, जिनकी इस दिन शादी हुई और उनके लिए भी जो इस दिन की खासा इंतजारी में रहते हैं कि चलो वो दिन आ गया, अपनों को बधाइयां तो दे दी जाये।

आज झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की शादी की सालगिरह है, वहीं, आज पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की भी शादी की सालगिरह है, चूंकि अर्जुन मुंडा की शादी की आज रजत जयंती हैं, इसलिए उनके लिए ये दिन आज खास हो चुका है, आज सबेरे से ही उन्हें शादी की रजत जयंती की बधाई देनेवालों का तांता लगा हुआ है। बधाई देनेवालों में भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं में मुख्यमंत्री रघुवर दास भी शामिल है और शामिल हैं वे भाजपा कार्यकर्ता, जो अर्जुन मुंडा के बेहद खास है।

बहुत ही खास लोगों को, आज के दिन आमंत्रित भी किया गया है, जो बेहद खास है, वे आज अर्जुन मुंडा के आवास पर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री आवास जाकर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को भी उनकी शादी की सालगिरह की बधाई और शुभकामनाएं दी। चूंकि रघुवर दास ने आज के दिन को सामान्य दिनों की तरह लिया, पर अर्जुन मुंडा ने अपने भाजपा कार्यकर्ताओं तथा अपने अतिप्रिय जनों के बीच इस दिन को बेहद खास बनाया।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

इच्छा मृत्यु के बावजूद भी जीवात्मा को परमानन्द की प्राप्ति हो जाय, इसकी गारंटी नहीं

Sun Mar 11 , 2018
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में शुक्रवार को कहा कि गरिमा के साथ मौत एक मौलिक अधिकार है। इसके साथ ही निष्क्रिय इच्छा मृत्यु व लिविंग विल को कानूनी रुप से वैध ठहरा दिया। न्यायालय ने कहा कि असाध्य बीमारी (कोमा में जा चुके या मौत की कगार पर) से ग्रस्त व्यक्ति के लिए निष्क्रिय इच्छा मृत्यु और इच्छा मृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत शर्तों के साथ कानूनी रुप से मान्य होगी।

You May Like

Breaking News