प्रधान सचिव को पत्र लिख, समन्वय समिति ने तीन सितम्बर को राज्यपाल का समय मांगा, इधर ED के बुलावे से बेफिक्र CM हेमन्त ने सिद्धिविनायक मंदिर में की विशेष पूजा अर्चना

झारखण्ड राज्य समन्वय समिति के सदस्य विनोद कुमार पांडेय ने राज्यपाल के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। उस पत्र में उन्होंने तीन सितम्बर को राज्यपाल का समय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। पत्र में श्री पांडेय ने लिखा है कि झारखण्ड राज्य समन्वय समिति का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर अपनी बातों को रखना चाहता है। इसलिए राज्यपाल का समय निर्धारित करने के उपरांत उन्हें इसकी सूचना उपलब्ध कराएं।

बताया जा रहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों पर राज्यपाल द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारणों पर उनसे विचार-विमर्श करेगा। ज्ञातव्य है कि पूर्व में झारखण्ड राज्य समन्वय समिति की बैठक में समन्वय समिति के सदस्यों ने राज्य सरकार द्वारा मॉब लिंचिंग, 27 प्रतिशत पिछड़ों के आरक्षण एवं स्थानीय नीति को परिभाषित करने को लेकर सदन में पेश किये गये विधेयकों को लेकर राज्य सरकार की जमकर प्रशंसा की थी।

लेकिन बिना किसी संदेश के इन विधेयकों को राज्यपाल द्वारा लौटा दिया जाना राज्य की जनता के हित में नहीं था, जिसकी वजह से कई पेचीदिगियां सामने आ गई। किन कारणों को लेकर राज्यपाल ने अपनी अनुमति नहीं दी, उन विधेयकों को लौटा दिया, यह बताना जरुरी था, इन तमाम बातों को लेकर झारखण्ड राज्य समन्वय समिति राज्यपाल से मिलना चाहता है। जिसके लिए समन्वय समिति ने अपनी ओर से तीन सितम्बर का तिथि निर्धारित कर राज्यपाल से उस दिन समय उपलब्ध कराने के लिए प्रधान सचिव को पत्र लिखा है।

इधर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नौ सितम्बर को फिर से राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को बुलाये जाने को लेकर भी राज्य में राजनीतिक गरमाहट फिर से पैदा हो गई हैं। इधर इन सब से बेफिक्र राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में जाकर सपत्नीक पूजा अर्चना की और राज्य की जनता की भलाई के लिए सिद्धिविनायक से आशीर्वाद मांगा।