जब असली टाइगर जगरनाथ सामने आया तो नकली टाइगर ढुलू की हवा निकल गई, गुस्से में आए ढूलु के लोगों ने जगरनाथ समर्थकों को पीट डाला

कल गिरिडीह लोकसभा का भी मतदान था, जहां आजसू प्रत्याशी एवं खुद को राज्य को सर्वाधिक होनहार मंत्रियों में से एक मंत्री माननेवाला चंद्र प्रकाश चौधरी का झामुमो प्रत्याशी जगरनाथ महतो के साथ जबर्दस्त भिड़ंत था, चूंकि इस बार कांग्रेस, राजद, झाविमो का भी जगरनाथ महतो को समर्थन प्राप्त है, तो ऐसे में जगरनाथ महतो का पलड़ा इस प्रकार से भारी हो गया हैं कि उन्हें अब कोई हरा ही नहीं सकता।

कल गिरिडीह लोकसभा का भी मतदान था, जहां आजसू प्रत्याशी एवं खुद को राज्य को सर्वाधिक होनहार मंत्रियों में से एक मंत्री माननेवाला चंद्र प्रकाश चौधरी का झामुमो प्रत्याशी जगरनाथ महतो के साथ जबर्दस्त भिड़ंत था, चूंकि इस बार कांग्रेस, राजद, झाविमो का भी जगरनाथ महतो को समर्थन प्राप्त है, तो ऐसे में जगरनाथ महतो का पलड़ा इस प्रकार से भारी हो गया हैं कि उन्हें अब कोई हरा ही नहीं सकता। कल संपन्न मतदान के बाद सूत्र भी बता रहे है कि गिरिडीह में महागठबंधन प्रत्याशी जगरनाथ महतो की बल्ले-बल्ले हैं, केवल जीत की घोषणा की औपचारिकता मात्र बाकी है।

सूत्र बताते है कि बाघमारा विधानसभा गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में पड़ता है, और बाघमारा विधानसभा से जो विधायक हैं यानी भाजपा के ढुलू महतो, वे राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के अतिप्रिय व खासमखास विधायक हैं, जिन पर सीएम रघुवर दास की विशेष कृपा बनी रहती है, दोनों सजातीय हैं, इसलिए ढुलू महतो कुछ भी कर लें, उनके खिलाफ एक भी शिकायत किसी थाने में दर्ज नहीं होती, और न ही यहां के एसपी, एसएसपी में ताकत है कि ढुलू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दें।

 

उसका सबसे बड़ा सबूत है, धनबाद भाजपा की ही जिला मंत्री कमला कुमारी ने ढुलू पर यौन शोषण का आरोप लगाया, पर आज तक धनबाद पुलिस ने ढुलू महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जबकि ऐसे ही मामले में गोड्डा मे झाविमो प्रत्याशी प्रदीप यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज ही नहीं की गई, उनके खिलाफ कार्रवाई भी शुरु कर दी गई।

सूत्र बताते है कि जैसे ही कल मतदान की प्रक्रिया शुरु हुई, बाघमारा के कई इलाकों में जगरनाथ महतो के पक्ष में भारी मतदान की खबर मिली। बाघमारा का दबंग भाजपा विधायक ढुलू महतो गुस्से में आ गया, और अपने लोगों की इस पर क्लास लेनी शुरु की। चूंकि ढुलू महतो ने आजसू प्रत्याशी चंद्र प्रकाश चौधरी को भरोसा दिलाया था कि उसके इलाके सें उनकी बढ़त दिलानी उसकी जिम्मेदारी है, पर जो सूत्र बताते है कि जिस प्रकार से वोटिंग हुई है और लोगों ने जगरनाथ महतो को अपना समर्थन दिया है, उससे आजसू की हवा निकलनी तय है।

शायद यहीं कारण रहा कि गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के टुंडू स्थित अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र संख्या 55-56  पर भाजपा के दबंग विधायक ढुलू महतो के समर्थकों ने जगरनाथ महतो के समर्थकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जवाबी कार्रवाई में बचने के क्रम में जगरनाथ समर्थकों ने भी ढूलु के लोगों की ठुकाई की, जिसमें सात की संख्या में जगरनाथ समर्थक बुरी तरह घायल हो गये, जिसका इलाज धनबाद के पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। जिन्हें देखने के लिए विपक्षी नेताओं का वहां तांता लगा रहा।

लोग बताते है कि यह मारपीट की घटना करीब सायं साढ़े चार बजे की है, जब यह पता लग गया कि जगरनाथ महतो इस इलाके में भारी पड़ गये। दोनों तरफ से हरवे-हथियार दिखाये गये। जो बुरी तरह घायल हुए हैं, उनके नाम हैं – झामुमो समर्थक सुरेश महतो, किरण महतो, विनोद नापित, बैजनाथ नापित, चेतु महतो, नंद किशोर महतो,  हुलास साव और सुबोध नापित।

इसी बीच झामुमो प्रत्याशी जगरनाथ महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दरअसल जहां घटना घटी है, वहां शांतिपूर्वक मतदान चल रहा था, दोनों पक्षों के लोग वोटिंग करा रहे थे, पर आजसू समर्थक चाहते थे कि वे मतदान केन्द्र पर कब्जा कर ले, जिसे उनके लोगों ने सफल होने नहीं दिया, जिसका नतीजा ये निकला, उनके लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना में चंद्र प्रकाश के भाई रोशन लाल और धीरेन्द्र गुप्ता भी शामिल है। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर भी आरोप लगाया कि इन्होने इस मारपीट को रोकने के बजाय मूकदर्शक बने रहने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।

राजनैतिक पंडितों की माने, तो वे कहते है कि दरअसल इस इलाके में दो टाइगर आमने-सामने थे, एक पुराने टाइगर जगरनाथ महतो, जिनका इस इलाके में एक अपना अलग इमेज हैं, और दूसरा यहां के विधायक ढुलू महतो, जो सीएम रघुवर दास के अतिप्रिय हैं, पर जिस प्रकार से यहां वोटिंग हुई, वो बताता है कि ढुलू का स्टार अब ढलान पर हैं, अब जब भी चलेगा तो यहां जगरनाथ महतो का ही चलेगा, क्योंकि वोटिंग की बात करें तो जनता तो फिलहाल जगरनाथ के तरफ ही दिखाई दे रही हैं।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

“निरहुआ” जीतेगा या हारेगा ये वक्त बतायेगा, पर उसने खुद को घाघ समझनेवाले पांच पत्रकारों को एक वैचारिक संघर्ष में जरुर धूल चटा दिया

Mon May 13 , 2019
ये जो पत्रकार होते हैं न, जो दिल्ली में बैठते हैं, जो रुपयों के बंडल देखते ही, उछलकर एक चैनल से दूसरे चैनलों की डाल पर बैठ जाते हैं, जो अपने आका के इशारों पर विभिन्न चैनल्सों में डांस व एक्टिंग करते हैं और एक विशेष दल के लिए जिससे उनके आका जुड़े होते हैं, या जिनसे उनका काम सध रहा होता हैं, उसके पक्ष में हर कुकर्म करने को तैयार रहते हैं, ये खुद को बहुत ही चालाक और एक नंबर के धूर्त समझते हैं,

You May Like

Breaking News