अपनी बात

वाह री झारखण्ड पुलिस, सत्तापक्ष को छूट और विपक्ष पर केस, बाबूलाल ने DGP को पत्र लिख, पुलिस पर दोहरा चरित्र अपनाने का लगाया गंभीर आरोप

राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री व भाजपा विधायक दल के नेता बाबू लाल मरांडी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। जिसमें कई उदाहरणों के साथ झारखण्ड पुलिस पर दोहरा चरित्र अपनाने का उन्होंने आरोप लगाया है। उन्होंने कई दृष्टांत देकर झारखण्ड पुलिस की मानसिकता पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं, हालांकि झारखण्ड में यह कोई पहला नहीं हैं, जिसकी जब सरकार रही, उस सरकार ने पुलिस को अपने इशारों पर नचाया और पुलिस नाची भी।

कई पुलिस पदाधिकारी तो पूर्व की रघुवर सरकार में भाजपा के प्रवक्ता की तरह पेश आते हुए दिखे, कई बाद में भाजपा में स्थान भी पायें, आज अच्छे पोस्टों पर भी हैं, कई पुलिस पदाधिकारियों ने भाजपा के कई बड़े नेताओं के इशारे पर कई लोगों के जीवन से भी खेलने में कोई कोताही नहीं बरती, कई लोगों को झूठे मुकदमें में फंसाएं, वे लोग आज भी अदालतों व थानों के रोज चक्कर लगाते हैं। हालांकि सरकार बदली, तो जो वर्तमान सरकार के समर्थक थे, उनसे तो सारी केसें हटा ली गई, पर जो लोग न्यूट्रल रहें, वे आज भी मुकदमें में फंसे हैं।

इसलिये इस मामले में न तो सत्तापक्ष और न ही विपक्ष और न ही स्थानीय पुलिस दूध की धुली है। हां, इस सरकार में एक नई तब्दीली आई है, एक नया जमात पैदा हुआ है, उस जमात का नाम है – परिक्रमाधारी। वह परिक्रमाधारी, परिक्रमा करता हैं, और किसी भी थाने में जाकर किसी के भी खिलाफ झूठे केस करवा देता हैं, और जिसके खिलाफ झूठे केस हुए, वह कितना भी ईमानदार क्यों न हो, सत्यनिष्ठ क्यों न हो, उसकी इज्जत का फलूदा निकल जा रहा है। इस कांड में नेता, पत्रकार व पुलिस सभी शामिल है। फिलहाल बाबू लाल मरांडी की पीड़ा को देखिये और महसूस करिये, जो उन्होंने डीजीपी को लिखे पत्र में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया है।

पुलिस महानिदेशक,

झारखंड।

प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ,राज्य के पुलिस प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये का कड़ा प्रतिवाद करती है। आपके संज्ञान में अवश्य होगा कि रांची पुलिस ने विगत दिनों किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा द्वारा हुए खेतों में धरना प्रदर्शन के बाद कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी बनाए जाने वालों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश एवम कांके क्षेत्र के विधायक समरी लाल का भी नाम शामिल है, जिन्होंने कांके प्रखंड के सुकुरहुटू में खेतों में उतरकर धरना का नेतृत्व किया था।

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो रहा है कि सत्तापक्ष अपने खिलाफ हो रहे विपक्षी आंदोलन को दबाने और धमकाने के लिये पुलिस तंत्र का खुल्लमखुल्ला दुरुपयोग कर रहा है। यह बात और पुख्ता तब हो जाती है जब  राज्य की पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर होता है। एक तरफ राज्य की सत्ता में भागीदार दल कांग्रेस और राजद जब कोई आन्दोलन या कार्यक्रम करते हैं वहां कोविड नियमो के उल्लंघन पर पुलिस प्रशासन मौन साध लेता है। जिसके कई उदाहरण मीडिया में  सार्वजनिक हुए हैं।

विगत 11 जून को कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष एवम राज्य सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव जी के नेतृत्व में पेट्रोल डीज़ल के दामों के सवाल पर कोविड प्रोटोकॉल का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन करते हुए पेट्रोल पंपों पर धरना दिया। जिसमें पार्टी के प्रवक्ता आलोक दुबे, लाल राजकिशोर नाथ शाहदेव, राजेश गुप्ता छोटू, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

इसी प्रकार 11 जून को ही चतरा में राज्य सरकार के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने भीड़भाड़ के बीच हॉल में अपने पार्टी के नेता लालू प्रसाद का केक काटकर जन्मदिन मनाया। 19 जून को कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्म दिन भी रांची में कोविड नियमो का घोर उल्लंघन करते हुए मनाया गया जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक बंधु तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, कुमार जयमंगल सिंह, राजेश कच्छप सहित सैकड़ों नेता कार्यकर्ता शामिल हुए।

इसके पूर्व कांग्रेस पार्टी द्वारा रांची राजभवन के समक्ष कृषि कानून के खिलाफ किये गए आंदोलन कार्यक्रम की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं जिसमे कोविड नियमो की धज्जियां उडाई गई।  इसका नेतृत्व कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और झारखंड के प्रभारी आरपीएन सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष एवम मंत्री रामेश्वर उरांव सहित पार्टी के अन्य मंत्री,विधायक, पदाधिकारी एवम कार्यकर्ता शामिल थे। परंतु विडंबना यह है कि राज्य के सत्ताधारी दलों के द्वारा आयोजित इन सारे कार्यक्रमो में पुलिस द्वारा एक भी मुकदमा दर्ज नही किया गया। अतः मैं समझता हूं पुलिस का यह दोहरा चरित्र राज्य के लिये हितकारी नही है। अतः राज्य हित में आप अविलंब ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए  विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

भवदीय,

( बाबूलाल मरांडी )